देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं से जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित, योजनाओं का लाभ उठाएं, गर्भावस्था को सुरक्षित बनाएं

पहली बार गर्भवती होने पर तीन किश्तों में 5000 रूपये दिए जाते हैं।सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने पर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 रूपये व शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1000 रूपये दिए जाते हैं।

हुज़ैफ़ा अबरार
February 12 2022 Updated: February 12 2022 02:11
0 48774
स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं से जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित, योजनाओं का लाभ उठाएं, गर्भावस्था को सुरक्षित बनाएं प्रतीकात्मक

लखनऊ। बहू के गर्भवती होने की खबर पूरे परिवार को खुशियों से सराबोर कर देती है। खुशियों के इन पलों को पूरे गर्भावस्था के दौरान सँजोये रखने और जच्चा-बच्चा को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी है कि परिवार के हर सदस्य गर्भवती की बेहतर देखभाल की समुचित जिम्मेदारी भी निभाएं। इस बारे में समुदाय में जागरूकता लाने के लिए समय-समय पर अभियान भी चलाए जाते रहते हैं। इसके तहत गर्भवती और परिवार वालों को स्वास्थ्य विभाग की उन योजनाओं के बारे में जागरूक किया जाता है जिनका लाभ उठाकर वह गर्भावस्था को सामान्य और सुरक्षित बना सकें।

संयुक्त निदेशक- मातृत्व स्वास्थ्य उत्तर प्रदेश व स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजरी टंडन का कहना है कि गर्भावस्था के तीसरे-चौथे महीने में प्रशिक्षित चिकित्सक से जांच अवश्य करानी चाहिए। गर्भावस्था

की सही जांच-पड़ताल के लिए ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान चलाया जाता है। इसके तहत हर माह की नौ तारीख को स्वास्थ्य केन्द्रों पर विशेष आयोजन होता है। जहाँ पर एमबीबीएस चिकित्सक या स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा गर्भवती की सम्पूर्ण जांच मुफ्त की जाती है अगर कोई जटिलता नजर आती है तो उन महिलाओं को चिन्हित कर उन पर खास नजर रखी जाती है। 

इसके साथ ही गर्भवती के खानपान का खास ख्याल रखें और खाने में हरी साग-सब्जी, फल आदि का ज्यादा इस्तेमाल करें, आयरन और कैल्शियम की गोलियों का सेवन चिकित्सक के बताये अनुसार करें। प्रसव का समय नजदीक आने पर सुरक्षित प्रसव के लिए पहले से ही निकटतम अस्पताल का चयन कर लेना चाहिए और मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड, जरूरी कपड़े और एम्बुलेंस का नम्बर-102 याद रखें। समय का प्रबन्धन भी अहम् होता है क्योंकि एम्बुलेंस को सूचित करने में विलम्ब करने और अस्पताल पहुँचने में देरी से जोखिम बढ़ सकता है। 

इसके अलावा पहली बार गर्भवती होने पर सही पोषण और उचित स्वास्थ्य देखभाल के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत तीन किश्तों में 5000 रूपये दिए जाते हैं। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जननी सुरक्षा योजना है, जिसके तहत सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने पर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 रूपये व शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1000 रूपये दिए जाते हैं। प्रसव के तुरंत बाद बच्चे की उचित देखभाल के लिए जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम का लाभ भी उठाया जा सकता है। 

गर्भावस्था की सही देखभाल में आशा कार्यकर्ता भी अहम भूमिका निभाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो अब वह ‘सेहत की आशा’ के रूप में उभरकर सामने आई हैं। गर्भ का पता चलते ही महिला का स्वास्थ्य केंद्र पर पंजीकरण कराने के साथ ही गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में जागरूक करती हैं। प्रसव पूर्व जांच कराने में मदद करती हैं। संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करतीं हैं और प्रसव के लिए साथ में अस्पताल तक महिला का साथ निभाती हैं। 

इसी तरह एएनएम भी जरूरी टीका की सुविधा प्रदान करने के साथ ही आयरन-कैल्शियम की गोलियों के फायदे बताती हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती के सही पोषण का ख्याल रखती हैं। 

इस तरह ट्रिपल ए (आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता) के साथ ही हर किसी का पूरा प्रयास होता है कि हर मां की बांहों में हो स्वस्थ व खुशहाल बच्चा। 

गर्भवती को पहले से यह बीमारी हो तो विशेष देखभाल करें :
हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) या मधुमेह (डायबीटीज) 
दिल की या गुर्दे की बीमारी , टीबी या मिर्गी की बीमारी 
पीलिया, लीवर की बीमारी या हाईपो थायराइड 

जानें गर्भावस्था के जोखिम :
गंभीर एनीमिया - सात ग्राम से कम हीमोग्लोबिन 
ब्लड प्रेशर -140/90 से अधिक 
गर्भ में आड़ा/तिरछा या उल्टा बच्चा 
चौथे महीने के बाद खून जाना 
गर्भावस्था में डायबिटीज का पता चलना 
एचआईवी या किसी अन्य बीमारी से ग्रसित होना

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

डिप्टी सीएम ने दी सौगात,20 बेड वाले मोदीनगर भवन का किया लोकार्पण

डिप्टी सीएम ने दी सौगात,20 बेड वाले मोदीनगर भवन का किया लोकार्पण

आरती तिवारी September 04 2023 27112

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि गाजियाबाद में लगातार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, हेल्थ एंड वेलन

स्टडी में हुआ खुलासा, युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं ये 7 प्रकार के कैंसर

स्टडी में हुआ खुलासा, युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं ये 7 प्रकार के कैंसर

श्वेता सिंह September 07 2022 28539

शोधकर्ताओं द्वारा बताया गया है कि कैंसर 1990 के बाद से विश्व स्तर पर नाटकीय रूप से बढ़ गया है। हैरान

मेरठ में बीमारियों का कहर, जिला अस्पताल के सभी बेड फुल

मेरठ में बीमारियों का कहर, जिला अस्पताल के सभी बेड फुल

श्वेता सिंह September 12 2022 29240

जिला अस्पताल में बच्चों का वार्ड भी भरा हुआ है। इस कारण अब कोरोना के मरीजों के लिए तैयार किए गए पीआई

जिला नागरिक अस्पताल को मिला बेहोशी का डॉक्टर

जिला नागरिक अस्पताल को मिला बेहोशी का डॉक्टर

आरती तिवारी August 28 2022 31599

अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में बेहोशी का डॉक्टर बाहर से नहीं बुलाना पड़ेगा। नए मिले डॉक्टरों में जिला

लोहिया संस्थान ने तीन दिन बिना डोनर के खून उपलब्ध कराने की घोषणा की।

लोहिया संस्थान ने तीन दिन बिना डोनर के खून उपलब्ध कराने की घोषणा की।

हे.जा.स. January 27 2021 26550

तीन दिनों तक अगर किसी भी गंभीर मरीज को रक्त की जरूरत पड़ती है तो बिना डोनर के उसे ब्लड बैंक में उपलब

गर्मी ने सख्त किए अपने तेवर, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

गर्मी ने सख्त किए अपने तेवर, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

हे.जा.स. May 09 2023 28661

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मई और जून के महीनों के दौरान लू चलने की

राजस्थान के पिपलांत्री मॉडल का संयुक्त राष्ट्र भी हुआ कायल

राजस्थान के पिपलांत्री मॉडल का संयुक्त राष्ट्र भी हुआ कायल

रंजीव ठाकुर August 25 2022 26567

राजस्थान के रेगिस्तान में एक शख्स ने पानी, पर्यावरण और बेटियों को बचाने की ऐसी मुहिम शुरू की कि ना क

डेंगू से बचाव के लिए 373 बच्चाें को खिलाई गई दवा

डेंगू से बचाव के लिए 373 बच्चाें को खिलाई गई दवा

आरती तिवारी November 06 2022 32022

जिले में स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से बचाव के लिए गांवों में एंटीलार्वा दवा छिड़काव कराना शुरू कर दिया

एसिडिटी और कब्ज की समस्या से राहत दिला सकते हैं ये फल

एसिडिटी और कब्ज की समस्या से राहत दिला सकते हैं ये फल

आरती तिवारी September 22 2022 28625

पेट साफ न होने पर पूरे दिन बेचैनी बनी रहती है। लगातार यह परेशानी बने रहने पर मजबूरी वश फिर दवाइयों औ

देश में पिछले साल टीबी के 21.4 लाख नए मामले आए सामने

देश में पिछले साल टीबी के 21.4 लाख नए मामले आए सामने

एस. के. राणा October 29 2022 22964

विश्व स्वास्थ्य संगठन की ग्लोबल टीबी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2021 में कुल 21.4 लाख टीबी के मामले

Login Panel