











































प्रतीकात्मक चित्र
लखनऊ। हेल्थ जागरण आज चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों को लेकर एक अति विशेष जानकारी बताने जा रहा है। उत्तर प्रदेश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य महानिदेशक को को निर्देशित किया है कि पैरामेडिकल कर्मचारी नेताओं का तबादला निरस्त किया जाए और दोषियों पर कार्यवाही की जाए।
तबादलों को लेकर किरकिरी झेल रहा उत्तर प्रदेश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (UP Medical and Health Department) उबरने का नाम नहीं ले रहा है। सीएम योगी (CM Yogi) का संज्ञान लेना, मुख्य सचिव के नेतृत्व में जाँच बैठना, 48 डॉक्टर्स का तबादला निरस्त होना और इसके बाद अब पैरामेडिकल कर्मचारी नेताओं (Transfer of paramedical staff leaders canceled) का तबादला निरस्त (cancellation of transfers) होना अपने आप में बड़े भ्रष्टाचार की कहानी कह रहा है।
ये सभी 44 कर्मी पैरामेडिकल संवर्ग के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी हैं और नियमानुसार संगठनों के पदाधिकारियों का दो वर्ष तक स्थानांतरण नहीं हो सकता। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव (Medical and Health Secretary) प्रांजल यादव ने डीजी हेल्थ डॉ लिली सिंह (DG health Dr lili singh) को निर्देश दिए गए हैं कि तबादलों के दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों को चिह्नित कर उन पर कार्यवाही की जाए।
नेताओं का तबादला रुकना और इसके दोषियों को ढूँढना इसको लेकर हेल्थ जागरण (Health Jagaran) ने पीएमएस एसोसिएशन (PMS Association) के महामंत्री से खास बातचीत की।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा ऑफिसर्स (रि०) वेलफेयर एसोसिएशन यूपी (Provincial Medical Service Officers (Retd) Welfare Association, UP) के महामंत्री डॉ आर के सैनी (Dr RK Saini) ने इस प्रकरण पर कहा कि यह सरासर गलत है। आदेश मिलने पर लिपिक टाइप करते हैं पर मोहर तो अधिकारियों को लगानी होती है। यह नोटशीट निदेशक प्रशासन और लिपिकों की मिलीभगत से बनाई गई है जिस पर तीन संयुक्त निदेशक, डॉ सुधीर कुमार पाण्डेय (Dr. Sudhir Kumar Pandey), डॉ राजकुमार (Dr. Rajkumar) तथा डॉ बी के एस चौहान (Dr. BKS Chauhan) के हस्ताक्षर नहीं है।
ये नोटशीट संयुक्त निदेशकों की जानकारी में नहीं थी लेकिन इन्ही पर जाँच की बात हो रही है। जबकि निदेशक प्रशासन डॉ दी गणपति राजा (Dr. Ganpati Raja) (IAS), अपर निदेशक प्रशासन डॉ आलोक कुमार पाण्डेय (Dr. Alok Kumar Pandey) और प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद (Amit Mohan Prasad) पर कार्यवाही नहीं हो रही है।







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