











































नोएडा ट्विन टावर ध्वस्तीकरण
नोएडा (लखनऊ ब्यूरो )। ट्विन टावर को गिराए जाने के बाद आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) छह गुना तक बढ़ गया है। इसकी वजह से सोमवार को भी लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ हो रही है। लोगों का कहना था कि सोसोइटी में फिलहाल सबसे बड़ी समस्या धूल को काबू करने की ही थी। हालांकि शाम को हुई बारिश से वायु प्रदूषण से परेशान निवासियों की समस्या काफी हद तक कम हो गई थी। बारिश के बाद आसपास के सभी इलाकों के लोगों में खुशी का माहौल बन गया।
रविवार को टावर ध्वस्त होने से पहले सेक्टर-93ए में सुबह छह से दोपहर दो बजे तक वायु प्रदूषण का स्तर (air quality index) 108 दर्ज किया गया था। जो टावर ध्वस्त होने के बाद रात आठ बजे तक बढ़कर 676 पहुंच गया। जो बेहद गंभीर श्रेणी में आता है।
नोएडा (Noida) प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने सोमवार सुबह को एमराल्ड कोर्ट व एटीएस सोसाइटी का दौरा कर धूल से निपटने के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। धूल से निपटने के लिए दिनभर वाटर स्प्रिंकल, एंटी स्मॉग गन और पानी के टैंकरों से बौछारें की गईं। धूल पर छिड़काव और पौधों की धुलाई का काम जारी रहा। मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों और सफाई कर्मियों की मदद से सड़कों को लगातार साफ कराया गया।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1533
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 994
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 791
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3612
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
कई टीके विकसित किये जा चुके हैं, जो मेनिन्जाइटिस से बचाव करते हैं। जिनमें मेनिंगोकोकल, हीमोफिलस इन्फ
अक्सर सुनने में आता है कि स्ट्रेचर नहीं मिलने पर मरीज या शव को परिजन कंधे पर ले गए। कभी सुनाई देता क
पैरामेडिकल कोर्स करने वाले विद्यार्थी को पैरामेडिक कहा जाता है। एक पैरामेडिक हेल्थकेयर की सर्विस देन
समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को दलित परिवार की एक गर्भवती महिला को बाहर निकाल दिया गया। जि
चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल कर्मियों की कमी को दूर करने की दिशा में भी पहल शुरू की गई है। इनकी नियुक्
प्रो. मणींद्र ने गणितीय मॉडल सूत्र के आधार पर ही दूसरी लहर के बाद ही नए म्यूटेंट के आने से तीसरी लहर
अस्पतालों में मरीजों की कतार बढ़ने लगी है। बीते दिन 1500 के करीब मरीज लखीमपुर जिला अस्पताल पहुंचे। ह
महिलाओं के पास गर्भवती होने या नहीं होने से जुड़ा कोई विकल्प ही नहीं है, क्योंकि अनचाहे गर्भधारण के
चूंकि सी-सेक्शन एक बड़ा ऑपरेशन होता है इसलिए हमेशा डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही योग और एक्सरसाइज
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ रीना सिंह ने बताया कि आंख में परेशानी को लेकर आने वाल

COMMENTS