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लखनऊ। आनंदी मां-एक जीवन बचाओ अभियान एवं कैंसर मुक्त भारत यात्रा पर एरा लखनऊ मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आए विशेषज्ञों और चिकित्सा क्षेत्र के जानकारों के विचारों के बाद ये तथ्य उभर कर सामने आये कि जागरुकता ही कैंसर से सबसे बड़ा बचाव है। कैंसर की रोकथाम केवल अस्पतालों की जिम्मेदारी नहीं है खुद भी सचेत रहें। शरीर में होने वाले बदलावों को नजरंदाज न करें और समय पर जांच करवाकर मृत्यु दर को घटाया जा सकता है। एरा मेडिकल कॉलेज का आंकोलॉजी विभाग भी कैंसर मुक्त भारत यात्रा का हिस्सा बन चुका है। सरकारी चिकित्सीय संस्थानों के साथ ही एरा भी कैंसर के प्रति जागरुकता फैलाने और पीडि़तों के इलाज में कोर्ई कसर बाकी नहीं रख रहा है। इस दौरान विशेषज्ञों ने कैंसर की रोकथाम और शुरुआती जांच के विभिन्न पहलुओं पर व्याख्यान दिये। इस कार्यक्रम में कैंसर ऐड सोसाइटी सहभागी रही। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि वेस्टइंडीज विश्वविद्यालय के मेडिकल साइंसेज संकाय के डीन और फार्माकोलॉजी विभाग के सीनियर लेक्चरर डॉ. डेमियन कोहल ने किया।
डॉ. कोहल ने कहा यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि मुझे न केवल इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने का अवसर मिला बल्कि कुलपति और उनके कैबिनेट अधिकारियों के अतिथि के रूप में आपके विश्वविद्यालय आने का मौका मिला। यूनिवर्सिटी ऑफ द वेस्ट इंडीज वहीं स्थित है जहां से महान क्रिकेटर आते हैं। इसके अलावा हम भारत के साथ कई महत्वपूर्ण समानताएं साझा करते हैं। उन्होंने मेडिकल साइंसेज संकाय में अपने कार्य अनुभव और औषधीय पौधों चिकित्सा में स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों तथा क्षेत्रीय फार्मास्यूटिकल विकास से जुड़े कार्यों पर विचार साझा किए। इस दौरान
विशेषज्ञों ने कैंसर की रोकथाम और शुरुआती जांच के विभिन्न पहलुओं पर व्याख्यान दिए।
एरा यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. डॉ. अब्बास अली महदी ने कहा कैंसर ऐड सोसाइटी के साथ हम पिछले कई वर्षों से जुड़े हुए हैं। वास्तव में होता क्या है कि बुनियादी तौर पर जागरूकता की भारी कमी है। जैसा आप जानते हैं कि भारत की आबादी दुनिया में सबसे अधिक है। हमारे यहां अशिक्षा और जागरूकता की काफी कमी है जिससे बहुत सारी समस्याएं पैदा होती हैं। यहां तक कि जो लोग शिक्षित हैं वे भी कई बातों से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं। इसलिए इस बात पर चर्चा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा हमारे संस्थान में अब कैंसर के इलाज की अच्छी सुविधा उपलब्ध है। हमारे पास मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट हैं रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट हैं और सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट भी हैं सभी विभाग मौजूद हैं। लेकिन मेरी चिंता हमेशा यही रहती है कि हम इलाज की नौबत ही क्यों आने दें। हम इससे बचाव क्यों न करें हम इसे होने से पहले ही क्यों न रोकें। उन्होंने कहा किसी भी बीमारी का मुख्य कारण तनाव होता है और कैंसर के सबसे बड़े कारणों में से एक तनाव है। चाहे वह केमिकल स्ट्रेस हो फिजिकल स्ट्रेस हो बायोलॉजिकल स्ट्रेस हो या फिर इमोशनल स्ट्रेस। यह सभी प्रकार का तनाव शरीर में विकार पैदा करता है। इसलिए तनाव से बचाव बहुत आवश्यक है।
एरा यूनिवर्सिटी के उप कुलाधिपति मीसम अली खां ने कहा हमारे पास सभी मशीनें उपलब्ध हैं। इसलिए अब मैं सभी से अनुरोध करना चाहता हंू इसीलिए मैंने सभी एचओडी रेजिडेंट्स नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ यहां बुलाया है ताकि आप सभी इस बात का प्रसार कर सकें। सबसे आसान तरीका यह है कि पहले आप अपने संस्थान के अंदर के लोगों को बताएं। हमारे पास 3500 से अधिक स्टाफ और 5000 छात्र हैं। एरा मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 2000 से अधिक मरीज़ आते हैं। यदि हम उन्हें बताना शुरू करेंगे तो मुझे लगता है कि कैंसर के प्रति जागरुकता तेजी से फैलेगी। हमने गायनकोलॉजी में एमएमएस की व्यवस्था शुरु की थी जो दो महीने से काफी सुचारु चल रही है। अन्य मेडिकल कॉलेज भी हमारे मॉडल को अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ ने इसे शुरु भी कर दिया है और कुछ मुझसे पूछ रहे हैं कि इसे कैसे लागू किया जाए। उन्होंने कहा केजीएमयू लोहिया और पीजीआई जैसा हर संस्थान पूरी तरह भरा हुआ है क्योंकि वे अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रहे हैं। इसलिए एरा में यह एक नयी शुरुआत है। जहां तक शुल्क का सवाल है तो काफी हद तक हम आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को सुविधाएं दे रहे हैं।
कैंसर के चेतावनी संकेत
कैंसर रोग विशेषज्ञ आशीष उपाध्याय ने कैंसर के चेतावनी संकेतों पर उन्होंने कैंसरों के प्रकारों के साथ ही टारगेटेड कीमोथिरैपी पर व्याख्यान दिया। डॉ. रौनक कुमार गुप्ता ने मुंह के कैंसर तंबाकू से जुड़े खतरों और शीघ्र निदान पर चर्चा की। डॉ. इंद्रजीत गुप्ता ने स्तन कैंसर की जांच एवं उपचार तथा डॉ. तरुणा सिंह ने गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच और शीघ्र निदान पर अपने विचार रखे। कैंसर एंड सोसाइटी के सचिव डॉ. पीयूष गुप्ता ने कैंसर की रोकथाम में सामुदायिक भागीदारी के महत्व और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में एचपीवी टीकाकरण से जुड़े भ्रम एवं तथ्यों तथा कैंसर की जांच और शीघ्र निदान पर पैनल चर्चा आयोजित हुई। इसमें ईएनटी सर्जरी स्त्री रोग मेडिसिन न्यूरोसर्जरी पैथोलॉजी और ऑर्थोपेडिक्स विभागों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। एरा के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग ने इस पहल के माध्यम से निवारक ऑन्कोलॉजी और सामुदायिक पहुंच के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही आनंदी मां योजना नेटवर्क से जुड़ी महिलाओं में कैंसर के प्रति समय पर जागरूकता और कार्रवाई को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।







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