











































6th conference 'LDSS CON-2026' was held on Sunday under the aegis of the Lucknow Diabetes Society
लखनऊ। लखनऊ डायबिटीज सोसाइटी (LDSS) के तत्वावधान में रविवार को LDSS CON-2026 की छठवीं कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कॉन्फ्रेंस में मधुमेह मोटापा मेटाबॉलिक स्वास्थ्य और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर देश के प्रतिष्ठित चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों ने विस्तार से विचार-विमर्श किया। सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ. राजीव अवस्थी ने की। उनके नेतृत्व में आयोजित इस वैज्ञानिक सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य मधुमेह चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध आधुनिक उपचार तकनीकों और चिकित्सा विज्ञान की प्रगति से चिकित्सकों को अवगत कराना रहा। डॉ. मुकुलेश गुप्ता ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित किया।
सम्मेलन में डॉ. राजीव अवस्थी ने मधुमेह के बेहतर प्रबंधन के लिए समय पर जांच, नियमित चिकित्सकीय परामर्श और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. मुकुलेश गुप्ता ने आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों एवं नवीनतम वैज्ञानिक जानकारियों को मरीजों के उपचार में अपनाने के महत्व को रेखांकित किया। वैज्ञानिक सत्रों में डायबिटीज के साथ मोटापा कार्डियो-मेटाबॉलिक स्वास्थ्य हृदय रोगों के जोखिम और उपचार के नवीन विकल्पों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया संतुलित खानपान नियमित व्यायाम उचित दवा और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच से मधुमेह तथा उससे जुड़ी जटिलताओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मधुमेह का उपचार केवल दवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज की जीवनशैली और नियमित फॉलोअप भी बेहद महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम के आयोजन एवं संचालन में डॉ. राजीव अवस्थी के नेतृत्व में आयोजन समिति ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉ. मुकुलेश गुप्ता डॉ. के.पी. चंदा और विवेक अग्रवाल सहित अन्य चिकित्सकों एवं सहयोगियों ने सम्मेलन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर डॉ. राजीव अवस्थी, डॉ. सचिन मित्तल डॉ. शुभंकर चौधरी डॉ. अनूप मिश्रा डॉ. अनंत निगम डॉ. एके सिंह, डॉ. हरि कुमार डॉ. बी.एम. मक्कड़, डॉ. तुहिना गुप्ता डॉ. अविवार डॉ. बृज मोहन एवं डॉ. शैलि अवस्थी सहित अनेक चिकित्सकों ने अपने विचार साझा किए।
डॉ. तनुश्री गुप्ता डॉ. मोनिका मुखर्जी डॉ. कृतिका यादव डॉ. अभिनीता डॉ. आमार अहमद प्रशांत पांडेय और सुधीर अवस्थी ने सम्मेलन के सफल आयोजन में विशेष सहयोग प्रदान किया। डॉ. राजीव अवस्थी और डॉ मुकुलेश गुप्ता सचिव लखनऊ डायबिटीज स्टडी सोसाइटी ने सम्मेलन को चिकित्सा ज्ञान के आदान-प्रदान और बेहतर मरीज देखभाल की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। सम्मेलन का निष्कर्ष रहा कि आधुनिक चिकित्सा ज्ञान, वैज्ञानिक अनुसंधान और चिकित्सकों के सामूहिक प्रयासों से मधुमेह पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के साथ स्वस्थ समाज के निर्माण को नई दिशा दी जा सकती है।







हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 259
हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 210
हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 133
हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 56
हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 259
हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 210
हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 133
हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 56
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10528
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6979
एस. के. राणा February 01 2026 0 6755
एस. के. राणा January 20 2026 0 6482
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 6097
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5915
एस. के. राणा January 13 2026 0 5453
सौंदर्य
सौंदर्या राय March 05 2022 0 34943
सौंदर्या राय February 26 2022 0 42803
सौंदर्या राय February 25 2022 0 78686
सौंदर्या राय February 08 2022 0 33921
admin January 15 2022 0 35778
सौंदर्या राय September 02 2021 0 61186
जब हम पर्याप्त तरल पदार्थ नहीं पीते हैं तो हम डीहाइड्रेशन से पीड़ित हो जाते हैं। अगर समय पर इस स्थित
टीकों के बारे में जानकारी रखना और आम गलतफहमियों को दूर करना महत्वपूर्ण है, इसलिए आप अपने डॉक्टर से
कार्यक्रम में रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के रोगियों व तीमारदारों को अच्छे स्वास्थ्य के बारे में विस्ता
प्रो. अग्रवाल ने कहा कि चुनावी रैलियों में बड़ी संख्या में लोग गाइडलाइन का पालन किए बगैर पहुंचते हैं
राष्ट्रीय डेंगू दिवस आज मनाया जा रहा है। वहीं राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ में डेंग
भारतीय पारंपरिक चिकित्सा को दुनिया में ले जाने का समय है। आयुष को एक आकर्षक मंच बनाकर, हमारी शिक्षा
क्लोनिडीन एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है, जिसका उपयोग उच्च रक्तचाप (Hypertension), ADHD के प्रबंधन तथा शर
देश में लाखों मौतें महज इसलिए हो जाती हैं कि नवजात शिशु को जन्म के आधे घंटे के भीतर मां का दूध नहीं
साल 2002 में सबसे पहले कॉन्ट्रासेप्टिव पैच मार्केट में आया था। 17 साल बीत जाने के बाद भी लोगों को इस
गर्मी के मौसम से हमारा शरीर डी हाइड्रेट हो जाता है और ऐसे मौसम में ना कोई काम करने का मन करता है ना

COMMENTS