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लखनऊ। राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश के पूर्व निर्धारित आंदोलन कार्यक्रम के तहत 9 अक्टूबर 2026 से प्रदेश के सभी जनपदों में कार्यरत नर्सिंग संवर्ग ने अपनी लंबित मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर शासनादेश जारी न होने की स्थिति में आंदोलन को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। संघ की प्रमुख मांगों में नर्सिंग संवर्ग को एक समान भत्ते प्रदान करना गृह जनपद में तैनाती की व्यवस्था लागू करना, निदेशालय से लेकर चिकित्सालय स्तर तक नर्सिंग संवर्ग के सभी पात्र पदों पर पदोन्नति सुनिश्चित एवं भर्ती करना बीएससी नर्सिंग की भांति उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए सवेतन अवकाश की सुविधा प्रदान करना तथा चिकित्सालयों में क्रेच (पालनाघर) की व्यवस्था करना इत्यादि शामिल है।
राजकीय नर्सेस संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि नर्सिंग संवर्ग की इन मांगों के संबंध में माननीय उप मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव तथा महानिदेशक स्तर पर कई बार वार्ता हो चुकी है। संघ के अनुसार, विभिन्न स्तरों पर मांगों के संबंध में लिखित सहमति व्यक्त किए जाने के बावजूद अभी तक आवश्यक शासनादेश निर्गत नहीं किए गए हैं। शर्ली भन्डारी ने कहा कि इससे प्रदेश भर के नर्सिंग संवर्ग में असंतोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मांगों के समाधान की प्रतीक्षा करने के बाद संघ को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए विवश होना पड़ा है,जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की है।
आंदोलन के अगले चरणों का कार्यक्रम
9 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक: सभी नर्सिंग कर्मचारी काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएंगे।
21 अक्टूबर 2026: प्रातः 8:00 बजे से 10:00 बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
22 अक्टूबर 2026: महानिदेशालय (डीजी कार्यालय) का घेराव कर नर्सिंग संवर्ग की लंबित मांगों को प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।
महामंत्री अशोक कुमार ने कहा कि नर्सिंग संवर्ग स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी है और प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने में नर्सिंग कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान नहीं होना कर्मचारियों के लिए चिंता का विषय है। संघ चाहता है कि नर्सिंग संवर्ग की जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर संबंधित शासनादेश जारी किए जाएं, ताकि कर्मचारियों को उनका अधिकार मिल सके और उनमें व्याप्त असंतोष दूर हो। उन्होंने कहा संघ का उद्देश्य शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाना तथा उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित कराना है। यदि निर्धारित कार्यक्रम के दौरान भी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो संघ आगे की रणनीति पर निर्णय लेगा। शर्ली भन्डारी अध्यक्ष अशोक कुमार महामंत्री राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश ने विरोध दर्ज कराएं।







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