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लखनऊ। लोहिया अस्पताल में औषध विज्ञान विभाग द्वारा फार्माकोविजिलेंस पर वर्तमान परिप्रेक्ष्य और भविष्य की चुनौतियां विषय पर सीएमई का आयोजन किया गया।
डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (Dr Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences) में फार्माकोलॉजी (Pharmacology) विभाग द्वारा फार्माकोविजिलेंस पर वर्तमान परिप्रेक्ष्य और भविष्य की चुनौतियां विषय पर सीएमई (cme) का आयोजन किया गया। भारत का फार्माकोविजिलेंस (Pharmacovigilance) कार्यक्रम स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (Ministry of Health and Family Welfare) के तहत एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है।
लोहिया अस्पताल (Lohia Hospital) में इस कार्यक्रम के तहत एक नामित एडीआर निगरानी (ADR monitoring) केंद्र है, जिसके समन्वयक फार्माकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ अतुल जैन हैं। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत प्रतिकूल दवा रिपोर्टिंग की जाती है, जो रोगी की सुरक्षा (patient safety) के लिए महत्वपूर्ण है। यह दवाओं के सुरक्षित और तर्कसंगत उपयोग (safe and rational use of medicines) को बढ़ावा देता है।
डॉ दिनेश बडियाल, वाइस प्रिंसिपल मेडिकल एजुकेशन और प्रोफेसर फार्माकोलॉजी विभाग सीएमसी लुधियाना (CMC Ludhiana) ने फार्माकोविजिलेंस और एडीआर रिपोर्टिंग () के महत्व और सीबीएसई के नए पाठ्यक्रम (CBSE curriculum) में इसके स्थान पर प्रकाश डाला।
डॉ अतुल जैन ने दवा त्रुटियों और दवा सुरक्षा (drug errors and drug safety) के बारे में बताया। डॉ आर के दीक्षित, फार्माकोलॉजी विभाग केजीएमयू (kgmu) ने एडीआर और डीआर के पुनः प्रस्तुत करने के दौरान आने वाली चुनौतियों के बारे में बताया। केजीएमयू के डॉ सर्वेश सिंह ने विभिन्न प्रकार की प्रतिकूल दवा प्रतिक्रियाओं और रोगी सुरक्षा पर अपनी बात रखी।
इस सीएमई में पोस्ट ग्रेजुएट क्विज का आयोजन किया गया जिसमें एमबीबीएस छात्रों (MBBS students) ने फार्माकोविजिलेंस और एडीआर रिपोर्टिंग के महत्व पर पोस्टर प्रतियोगिता में भाग लिया। इसमें डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और बेजीएमयू की टीमों ने भाग लिया।
पोस्टर प्रतियोगिता के लिए पूरे देश के मेडिकल कॉलेजों (medical colleges) से 26 टीमों ने भाग लिया। इसमें तमिलनाडु के मेडिकल कॉलेज (Medical College of Tamil Nadu), जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ -पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च पांडिचेरी (Jawaharlal Institute of-Postgraduate Medical Education and Research Pondicherry), मुरादाबाद और मेडिकल कॉलेज मुजफ्फर नगर की टीमें शामिल थीं। सीएमई में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान निदेशक प्रो सोनिया नित्यानंद (Prof. Sonia Nityanand), डीन प्रो नुजहत हुसैन, सीएमएस प्रो राजन भटनागर, कार्यकारी कुलसचिव डॉ ज्योत्सना अग्रवाल मौजूद रहें। डॉ अतुल जैन प्रो एवं विभागाध्यक्ष, डॉ अर्पिता सिंह, डॉ जूनमोनी लाहोन व डॉ पूजा शुक्ला ने सीएमई का आयोजन किया।







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