











































लखनऊ। आईएमए भवन में गोरखपुर के हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल एवं शोध संस्थान और आईएमए-एएमएस के तत्वाधान में नेशनल कैंसर सम्मलेन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में देश के जाने-माने 150 से अधिक कैंसर विशेषज्ञों ने भाग लिया।
इस सीएमई (CME) के माध्यम से कैंसर के इलाज (treatment of cancer) में रेडियोथेरेपी (radiotherapy) के लिए सरकारी कैंसर अस्पतालों में लगी लंबी वेटिंग लिस्ट के समाधान के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।
हनुमानप्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल एवं शोध सस्थान (Hanumanprasad Poddar Cancer Hospital and Research Institute) के संयुक्त सचिव रसेन्दु फोगला ने कहा कि यह कैंसर अस्पताल विगत कई दशकों से पूर्वांचल के गरीब कैंसर मरीजों (cancer patients) के लिए वरदान साबित हुआ है। आज यहाँ बहुत ही कम कीमत में हजारों मरीजों का कैंसर का इलाज प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञों (cancer specialists) द्वारा किया जा रहा है।
लखनऊ के सीनियर कैंसर सर्जन (Senior Cancer Surgeon) डॉ मनोज कुमार श्रीवास्तव ने प्रदेश में कैंसर रोग के इलाज की वर्तमान स्थिति को दर्शाया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 75 जिलों में से केवल 9 जिलों में ही कैंसर सर्जन की उपलब्धता है। जिससे बाकी जिलों के मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहर में जाना पड़ता है। उन्होने सरकार से कैंसर ट्रेनिंग सेण्टर खोले जाने का आवाहन किया जिससे प्रदेश में कैंसर विशेषज्ञों की कमी को दूर किया जा सके।
डॉ मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि देश में लगभग 20 लाख कैंसर रोगी हर साल आ रहें हैं इसमें लगभग 8 लाख नए जुड़ जाते हैं जिसमें से लगभग 5 लाख मर जाते हैं। कैंसर के देर से पता चलने से ऐसा हो रहा है और ऐसा इसलिए कि ऐसे डॉक्टर्स की कमी है। कैंसर के ठीक होने की दो बातें हैं, पहला जल्दी इसका पता चले और दूसरे कि कैंसर विशेषज्ञ ही इलाज करें।
पहले कैंसर ग्रसित अंग को पूरा निकाल देते थे अब केवल उतने हिस्से को ही काट कर निकाला जाता है। रोबॉटिक सर्जरी (robotic surgery) से छोटे से चीरे से भी कैंसर को निकाल दिया जाता है। दूरबीन से भी इलाज बढ़ता जा रहा है। रेडियोथेरेपी की नई मशीने आ गई हैं। नई मशीनों से मरीजों को साइड इफैक्ट बहुत कम होते हैं।
इस सीएमई में देश के जाने माने कैंसर विशेषज्ञों (cancer experts) डॉ आई.डी. शर्मा, डॉ एम.एल.बी. भट्ट, डॉ सुनील चतुर्वेदी, डॉ संदीप कुमार, डॉ शालीन कुमार, डॉ नीरज रस्तोगी, डॉ पुनीता लाल, डॉ सुषमा, डॉ मधुप, डॉ शरद, डॉ आलोक, डॉ सोड़ी, डॉ रामचन्दानी, डॉ अंशु गोयल एवं डॉ विवेक गर्ग ने अपने-अपने विचार रखें। इस मौके पर आईएमए (IMA Lucknow) प्रेसिडेन्ट डॉ मनीष टण्डन, सेक्रेटरी डॉ संजय सक्सेना तथा प्रेसिडेन्ट इलेक्ट डॉ जे डी रावत उपस्थित रहें।







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