











































प्रतीकात्मक चित्र
नयी दिल्ली। प्रकृति पर विजय पाने के इच्छुक इंसान ने अब दुनिया का पहला कृत्रिम भ्रूण (artificial embryo) तैयार कर लिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस जीव का दिल भी धड़का और मस्तिष्क ने भी पूरा आकार लिया है। बस गनीमत है कि यह कृत्रिम मानव भ्रूण नहीं है।
मेडिकल साइंस जर्नल (Medical Science Journal) में प्रकाशित शोध में बताया है कि इस्राइल के वेइजमान इंस्टीट्यूट (Weizmann Institute, Israel) के वैज्ञानिकों ने चूहे के स्टेम सेल (rat stem cells) से भ्रूण को विकसित किया है। शोधकर्ताओं ने इसके लिए न तो कोई निषेचित अंडे (fertilized eggs) लिए और न ही किसी शुक्राणु (sperm) की ही जरूरत पड़ी। यह वर्षों से प्रयोगशाला में एक खास तरह के बर्तन में रखा गया था। उन्होंने इसी बर्तन में मूल कोशिकाओं से ही पूर्ण भ्रूण को विकसित कर दिया।

जिसका दिल भी धड़का और उसके मस्तिष्क ने भी पूरा आकार ले लिया। इसे गर्भ के बाहर ही स्टेम सेल्स (मूल कोशिका) को मिलाकर विकसित किया गया है। कोशिका की मदद से ही संपूर्ण जीव को बनाया गया। वैज्ञानिकों ने हूबहू गर्भ (womb) में भ्रूण विकसित करने के जैसे ही प्रक्रिया का इस्तेमाल किया। इसमें केवल कृत्रिम उपकरणों की मदद ली गई। मूल कोशिकाओं को बीकर के अंदर न्यूट्रीएंट सॉल्यूशन में रखकर लगातार घुमाते हुए रखा गया। ताकि, प्लेसेंटा (placenta) तक पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए भौतिक रक्त प्रवाह निरंतर बनी रहे।
‘वेइजमान वंडर वैंडर साइंस न्यूज एंड कल्चर’ में प्रकाशित अध्ययन के प्रोफेसर जैकब हन्ना ने कहा कि अब तक ज्यादातर शोध में विशेष कोशिकाओं का उत्पादन करना या तो मुश्किल होता था या वे अलग हो जाते थे। इसके अलावा प्रत्यारोपण के लिए अच्छी-संरचानाओं वाले उत्तक के तौर पर उपयुक्त नहीं हो पाते थे। हम इन बाधाओं को दूर करने में सफल हुए हैं। भविष्य में यह शोध मेडिकल साइंस (medical science) की दुनिया के लिए क्रांतिकारी साबित हो सकता है।
अध्ययन के दौरान कृत्रिम भ्रूण 8.5 दिनों तक विकसित होते रहे और इस दौरान सभी प्रारंभिक अंग बन गए थे, जिसमें एक धड़कता हुआ दिल, ब्लड स्टेम सेल सर्कुलेशन, अच्छी आकार वाला मस्तिष्क (brain), एक न्यूरल ट्यूब, और एक इंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (intestinal tract) भी शामिल है। सिंथेटिक मॉडल ने आंतरिक संरचनाओं के आकार और विभिन्न प्रकारों के सेल के जीन पैटर्न में 95 प्रतिशत समानता दिखाई है।







हुज़ैफ़ा अबरार October 04 2026 0 112
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 553
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 420
हुज़ैफ़ा अबरार October 04 2026 0 112
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9744
एस. के. राणा January 20 2026 0 5936
एस. के. राणा February 01 2026 0 5929
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5572
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5551
एस. के. राणा January 13 2026 0 5117
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 5054
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87456
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35624
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38608
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36106
लेख विभाग March 19 2022 0 35679
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73526
कम दृष्टि के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें मधुमेह, आंखों में चोट लग जाना, उम्र के साथ आंखे कमजोर होना.
रविवार को 15 नए मरीज भर्ती किए गए हैं। तीन मरीजों का ऑपरेशन कर जान बचाने की कोशिश की गई है। 24 घंटों
कोरोना के मामलों में उतार चढ़ाव जारी है। शनिवार को 1614 लोग कोरोना की जद में आ गए हैं। अधिकारियों का
अमेरिका में पोवासन वायरस से मौत का मामला सामने आया है। पोवासन टिक के काटने से फैलने वाला एक दुर्लभ व
चकोतरे में संतरे की अपेक्षा सिट्रिक अम्ल अधिक तथा शर्करा कम होती है | इसका छिलका पीला तथा अंदर का भा
राजस्थान में ओमिक्रोन के नौ, गोवा में 5, कर्नाटक में 2, दिल्ली और गुजरात में एक एक मामले सामने आ चुक
हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने शुक्रवार को गांव बाता स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के औच
दुनिया भर के देशों में भारत के लोगों में विटामिन डी (vitamin D) की कमी सबसे अधिक पायी गयी है। आंकड़ो
करीब 70 लाख खुराक एशिया में भारत, नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, अफगानिस्तान, मालदीव, मलेशि
अगर समय बच्चों के टीके लगवाए जाए और सामान्य सर्दी, फीवर, खांसी, कफ की शिकायत होने पर बच्चों को डॉक्

COMMENTS