












































प्रतीकात्मक
नई दिल्ली। इस वक्त जब दुनियाभर में कोविड के मामलों में गिरावट देखी जा रही है, हाल ही में 0 लंदन द्वारा की गई एक रिसर्च में पाया गया कि ओमिक्रॉन में दोबारा संक्रमण होने का ख़तरा ज़्यादा है, जो कोविड 0के दूसरे वैरिएंट्स की तुलना 5 गुना अधिक है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दोबारा संक्रमण के मामले ओमिक्रॉन वैरिएंट में ज़्यादा देखने को मिल रहे हैं। नेचर में प्रकाशित एक पेपर में, शोधकर्ताओं ने कहा है कि SARS-CoV-2 के अत्यधिक संक्रामक ओमिक्रॉन वैरिएंट (Omicron Variant) ने पिछले वैरिएंट्स के मुकाबले, कोविड से दोबारा संक्रमित लोगों की संख्या में काफी वृद्धि की है।
यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी द्वारा शेयर किए गए आंकड़ों के अनुसार, नवंबर के मध्य से पहले, जब ओमिक्रॉन स्ट्रेन पाया नहीं गया था, उस वक्त सामने आए कोविड-19 मामलों में सिर्फ एक प्रतिशत मामले दोबारा हुए इंफेक्शन के थे, जो अब बढ़कर करीब 10 फीसदी हो गए हैं।
कोविड से दोबारा संक्रमित होने का क्या मतलब है?
जैसा कि नाम से ही ज़ाहिर है, दोबारा संक्रमण होने का मतलब है कि एक बार किसी को संक्रमण होने के बाद दोबारा वही संक्रमण हो जाना। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन का कहना है, "कोविड-19 का कारण बनने वाले वायरस से दोबारा संक्रमण का मतलब है कि एक व्यक्ति संक्रमित हुआ, फिर ठीक हो गया, और कुछ समय बाद फिर संक्रमित हो गया। एक बार कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद, ज़्यादातर लोगों को इस वायरस के खिलाफ सुरक्षा मिल जाती है। हालांकि, कोविड-19 में दोबारा संक्रमण होना देखा गया है।
WHO के मुताबिक, ओमिक्रोन स्ट्रेन में दोबारा संक्रमण होने के संभावना बढ़ जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नवंबर 2021 में कहा था कि शुरुआती तथ्यों से पता चलता है कि ओमिक्रॉन में दोबारा संक्रमण होने का ख़तरा ज़्यादा है, लेकिन जानकारी सीमित है।
क्या कोविड रीइन्फेक्शन के लक्षण पहली बार हुए संक्रमण से अलग होते हैं?
वैसे तो ओमिक्रॉन के लक्षण हल्के देखेक गए हैं, एक्सपर्ट्स और जिन लोगों को एक से ज़्यादा बार कोविड हुआ, उनका कहना है कि दोबारा संक्रमण होने पर लक्षण ज़्यादा गंभीर थे। कोविड से दोबारा संक्रमित हुए लोगों के अनुभवों की रिपोर्ट के आधार पर यह कहा जा सकता है कि पुन: संक्रमण और पुन: संक्रमण के लक्षण एक दूसरे से अलग नहीं हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि दोबारा संक्रमण के लक्षण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में ठीक वैसे ही अलग हो सकते हैं, जैसे कि कोविड संक्रमण के लक्षण। कई लोग गले में ख़राश, नाक बहने जैसे लक्षणों को अनुभव करते हैं, वहीं कई लोगों को सिर्फ हल्के से गंभीर सिर दर्द की शिकायत हो सकती है।
कोरोना वायरस से कितनी जल्दी दोबारा संक्रमित हो सकते हैं?
कई एक्सपर्ट्स दोबारा संक्रमण को इम्यूनिटी से जोड़ते हैं। वहीं, दूसरी ओर कोई व्यक्ति कितनी जल्दी देबारा संक्रमित हो सकता है, इसका कोई निश्चित जवाब नहीं है। लेकिन सीडीसी के आंकड़ों के अनुसार, "नई आंकड़ों से पता चलता है कि शुरुआती संक्रमण के बाद 3 महीनों में किसी का दोबारा टेस्ट कराना ज़रूरी नहीं है, जब तक कि उस व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण नहीं दिखते हैं और लक्षण किसी अन्य बीमारी से जुड़े नहीं हो सकते हैं।"







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