










































प्रतीकात्मक
शिन्हुआ (एशियानेट)। चीन के दक्षिणी क्षेत्र गुआंग्शी झुआंग स्वायत्त क्षेत्र की राजधानी नाननिंग में 22-23 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा इमेजिंग कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में शोधकर्ताओं, चिकित्सा विशेषज्ञों और प्रौद्योगिकी कंपनियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य डॉक्टरों को बीमारियों का पता लगाने में सहायता देने वाले AI उपकरणों की क्षमता का परीक्षण करना तथा चीन और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं का पता लगाना था।
2026 राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा चिकित्सा इमेजिंग AI पहचान प्रतियोगिता में कुल 1,332 टीमों ने पंजीकरण कराया। इनमें आसियान (ASEAN) के सदस्य देशों के प्रतिभागी भी शामिल थे। कुल 66 टीमों ने प्रतियोगिता के अंतिम चरण में जगह बनाई। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा प्रशासन और गुआंग्शी क्षेत्रीय सरकार की सह-मेजबानी में आयोजित इस प्रतियोगिता का संचालन गुआंग्शी के स्वास्थ्य सुरक्षा प्रशासन (Guangxi Healthcare Security Administration) ने किया। इसमें आठ श्रेणियां शामिल थीं, जिनमें सीटी स्कैन के माध्यम से फेफड़ों के कैंसर का पता लगाना, एमआरआई के जरिए मस्तिष्क के ट्यूमर का विश्लेषण करना और मैमोग्राफी (mammography) से स्तन कैंसर की जांच करना प्रमुख थे।
चिकित्सा इमेजिंग तकनीक में हुई प्रगति के कारण अब पहले की तुलना में अधिक विस्तृत स्कैन और बड़ी मात्रा में डेटा उपलब्ध हो रहा है, जिसकी जांच रेडियोलॉजिस्ट को करनी पड़ती है। पहले छाती के एक सीटी स्कैन (CT scan) से लगभग 100 तस्वीरें प्राप्त होती थीं, जबकि अब इससे हजारों तस्वीरें बन सकती हैं। इसके परिणामस्वरूप छोटी असामान्यताओं का समय पर पता लगाना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली शंघाई की SenseLung टीम ने ऐसे AI उपकरण विकसित किए हैं, जो फेफड़ों में संदिग्ध गांठों की पहचान करने, उनकी विशेषताओं का विश्लेषण करने और व्यवस्थित रिपोर्ट तैयार करने में मदद करते हैं। इन उपकरणों का उद्देश्य रेडियोलॉजिस्ट की सहायता करना है। टीम का कार्य रोगों की शुरुआती जांच और मरीजों के उपचार के बाद उनकी निगरानी तक भी विस्तारित है। हालांकि, असामान्यताओं का पता लगाना इस चुनौती का केवल एक हिस्सा है। अलग-अलग अस्पतालों में इमेजिंग उपकरण और स्कैन करने की प्रक्रियाएं अलग होती हैं। इसलिए किसी बड़े चिकित्सा केंद्र में अच्छा प्रदर्शन करने वाला AI मॉडल जरूरी नहीं कि किसी छोटे अस्पताल में भी उतने ही अच्छे परिणाम दे। इसी कारण प्रतियोगिता में केवल बीमारी का पता लगाने की सटीकता का ही आकलन नहीं किया गया, बल्कि यह भी देखा गया कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त चिकित्सा तस्वीरों में अंतर होने पर एल्गोरिदम कितना अच्छा प्रदर्शन करते हैं। ये चुनौतियां केवल चीन तक सीमित नहीं हैं।
आसियान देशों में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाएं, डिजिटल विकास का स्तर और चिकित्सा संसाधनों तक पहुंच अलग-अलग है। AI आधारित निदान अपनाने पर विचार कर रहे अस्पतालों के लिए मौजूदा उपकरणों और चिकित्सकीय कार्यप्रणालियों के साथ इसकी अनुकूलता उतनी ही महत्वपूर्ण हो सकती है, जितनी नियंत्रित परीक्षणों में इसका प्रदर्शन। इस प्रतियोगिता में चिकित्सकों और प्रौद्योगिकी विकसित करने वाली कंपनियों के बीच सहयोग के महत्व को भी रेखांकित किया गया। मैमोग्राफी श्रेणी में गुआंग्शी झुआंग स्वायत्त क्षेत्र के पीपुल्स हॉस्पिटल और एक स्थानीय प्रौद्योगिकी कंपनी की संयुक्त टीम ने ऐसा AI मॉडल विकसित किया, जो स्तन में गांठों और कैल्शियम के अत्यंत छोटे जमाव की पहचान कर सकता है। ऐसे संकेत किसी बीमारी की संभावना की ओर इशारा कर सकते हैं। रेडियोलॉजिस्ट ने इंजीनियरों को चिकित्सकीय आवश्यकताओं को समझने और AI मॉडल को बेहतर बनाने में सहायता दी। इससे यह स्पष्ट हुआ कि चिकित्सा विशेषज्ञता और AI विकास को एक साथ जोड़कर बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। यह दृष्टिकोण विभिन्न देशों के बीच संयुक्त अनुसंधान को भी बढ़ावा दे सकता है।
वियतनाम की सीमा से लगा गुआंग्शी लंबे समय से चीन और आसियान देशों के बीच आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण प्रवेशद्वार रहा है। चीन-आसियान कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुप्रयोग सहयोग केंद्र और फांगचेंगगांग अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा खुलेपन का पायलट क्षेत्र जैसी पहलें एआई और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग के लिए अतिरिक्त मंच तैयार कर रही हैं।
यह प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के लिए खुली थी और इसे एआई अनुसंधान को चिकित्सकीय परीक्षणों तथा व्यावसायिक अनुप्रयोगों से जोड़ने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है।
गुआंग्शी के अधिकारियों द्वारा घोषित योजनाओं के अनुसार, यह क्षेत्र आसियान भागीदारों के साथ मिलकर विभिन्न देशों में चिकित्सकीय परीक्षण और प्रदर्शन परियोजनाएं विकसित करना चाहता है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि चिकित्सा इमेजिंग से संबंधित एआई तकनीक को अलग-अलग स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों की आवश्यकताओं के अनुरूप कैसे बनाया जा सकता है।
इस तरह के सहयोग में केवल सॉफ्टवेयर का एक देश से दूसरे देश में हस्तांतरण शामिल नहीं है। इमेजिंग उपकरणों, चिकित्सा प्रक्रियाओं, मरीजों के डेटा, गोपनीयता संबंधी नियमों और नियामक आवश्यकताओं में अंतर इस बात को प्रभावित कर सकता है कि एआई प्रणालियों को अस्पतालों में सुरक्षित रूप से लागू किया जा सकता है या नहीं।
उच्च गुणवत्ता वाले चिकित्सा इमेजिंग डेटा तक पहुंच भी एक महत्वपूर्ण कारक है। चीन चिकित्सा इमेजिंग (medical imaging) के लिए क्लाउड(cloud) आधारित बुनियादी ढांचा विकसित कर रहा है, ताकि विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के बीच इमेजिंग रिकॉर्ड साझा करना और उन्हें प्राप्त करना आसान हो सके।







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