












































लखनऊ। दीपावली खुशियों रोशनी और उल्लास का त्योहार है। इस पर्व पर लोग दीप जलाते हैं, मिठाइयाँ बाँटते हैं और आतिशबाजी करके उत्सव मनाते हैं। लेकिन दीपावली के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआँ धूल जहरीली गैसें और बढ़ता वायु प्रदूषण अस्थमा (दमा) के मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। इससे उन्हें साँस लेने में तकलीफ खाँसी सीने में जकड़न और साँस फूलने जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। इसलिए अस्थमा रोगियों को दीपावली के दौरान अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। kgmu के डॉ दर्शन बजाज ने बताया --
अस्थमा रोगी इन बातों का रखें ध्यान
1. पटाखों के धुएँ से बचें: अस्थमा के मरीजों को पटाखे जलाने और उनके धुएँ के संपर्क में आने से बचना चाहिए। पटाखों से निकलने वाला धुआँ फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है और अस्थमा का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ा सकता है।
2. घर के अंदर रहें: दीपावली के दौरान वायु प्रदूषण अधिक होने पर बाहर निकलने से बचें। विशेषकर सुबह और शाम के समय, जब प्रदूषण का स्तर अधिक हो सकता है, घर के अंदर ही रहें।
3. मास्क का इस्तेमाल करें: यदि किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क पहनें। इससे हवा में मौजूद सूक्ष्म प्रदूषण कणों से कुछ हद तक बचाव हो सकता है।
4. दवाइयाँ नियमित लें: डॉक्टर द्वारा दी गई अस्थमा की दवाइयाँ और इनहेलर समय पर लें। अपना रिलीवर इनहेलर हमेशा अपने पास रखें और डॉक्टर की सलाह के बिना दवाइयाँ बंद न करें।
5. घर को धुएँ और धूल से मुक्त रखें: घर में धूप, अगरबत्ती, मच्छर भगाने वाली कॉइल और सुगंधित स्प्रे का अधिक इस्तेमाल न करें। घर की साफ-सफाई करते समय धूल उड़ने से बचाएँ।
6. संतुलित आहार और पर्याप्त पानी लें: पौष्टिक भोजन करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ। इससे शरीर स्वस्थ रहेगा और रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
7. प्रदूषण की जानकारी रखें: अपने क्षेत्र के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पर नजर रखें। यदि प्रदूषण का स्तर अधिक हो तो बाहर की गतिविधियों को सीमित करें।
सांस लेने में परेशानी होने पर क्या करें?
डॉ दर्शन बजाज ने बताया यदि अस्थमा रोगी को लगातार खाँसी, सीने में जकड़न या साँस लेने में परेशानी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। डॉक्टर द्वारा बताए गए एक्शन प्लान के अनुसार रिलीवर इनहेलर का इस्तेमाल करें। यदि साँस लेने में बहुत अधिक कठिनाई हो, बोलने में परेशानी हो या इनहेलर से राहत न मिले तो तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएँ।
दीपावली का असली आनंद स्वस्थ रहकर ही लिया जा सकता है। अस्थमा के मरीज थोड़ी सावधानी नियमित दवाइयों और प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाकर इस त्योहार को सुरक्षित तरीके से मना सकते हैं। हमें भी जिम्मेदार नागरिक बनते हुए पटाखों के इस्तेमाल से बचना चाहिए और पर्यावरण के अनुकूल दीपावली मनानी चाहिए। आइए इस दीपावली संकल्प लें कि हम खुशियों के साथ-साथ स्वच्छ हवा और स्वस्थ जीवन का उपहार भी एक-दूसरे को देंगे।







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