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वाशिंगटन। भारतीय मूल के अमेरिकी डॉक्टर ने भारत में कैंसर संकट से निपटने के लिए पांच सूत्री समाधान पेश किया है, जिसे वह पंचामृत कहते हैं। इसमें कैंसर को बीमारी के साथ-साथ स्क्रीनिंग को सब्सिडी देना और कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर स्थापित करना शामिल है।
2015 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. दत्तात्रेयुडु नोरी ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा कि हमें अमेरिका की तरह सटीक कैंसर की बीमारी के आंकड़े (cancer disease statistics) मिलने चाहिए। कैंसर (Cancer) को एक उल्लेखनीय बीमारी माना जाना चाहिए।
डॉ. नोरी ने कहा कि 2018 में भारत के राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (National Cancer Institute) की स्थापना के बाद से लड़ाई लड़ने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में निर्णय लेने वालों के साथ अपने समाधान तंत्र को साझा किया है। केंद्र सरकार (central government ) और अधिकांश राज्य सरकारों ने कैंसर के इलाज के लिए सब्सिडी दी है, उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों में सब्सिडी वाली कैंसर स्क्रीनिंग (cancer screening) भी शामिल होनी चाहिए। यह लोगों को मुफ्त कैंसर जांच (free cancer checkup) कराने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
डॉ. नोरी ने भारत में कैंसर कमांड एंड कंट्रोल (Cancer Command and Control ) केंद्र की स्थापना की सिफारिश किया और कहा कि भारत में कैंसर के खिलाफ लड़ाई से जुड़े सभी मुद्दों का यह शीर्ष निकाय होना चाहिए। कैंसर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को प्रत्येक राज्य और केंद्रीय कार्यक्रम से मेडिकेयर डेटाबेस (Medicare databases) से पांच साल का डेटा एकत्र करना चाहिए और कैंसर भौगोलिक वितरण विकसित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कहा इस डेटा का उपयोग करते हुए एक कैंसर एटलस ( cancer atlas) विकसित किया जाना चाहिए जो हर राज्य के लिए कैंसर की जानकारी दिखाए। इसे हर पांच साल में अपडेट किया जाना चाहिए। यह सभी केंद्रीय, राज्य और स्थानीय प्राधिकरणों के लिए अपने कार्यक्रमों को विकसित करने के लिए सूचना का एक प्रमुख स्रोत होना चाहिए और उनके संसाधनों को प्राथमिकता दें।







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