











































नशा मुक्त भारत अभियान के हस्ताक्षर अभियान।
लखनऊ। देश को नशामुक्त बनाने की सार्थक पहल के साथ ही एक स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में सरकार अग्रसर है । नशा हमारे समाज के लिए कितना घातक है, इसके बारे में जनजागरूकता के लिए नेहरू युवा केंद्र के वालंटियर विभिन्न कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं के जरिये खासकर युवाओं को इस बुराई को त्यागने में ही भलाई का सन्देश देने में जुटे हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में देश के 272 जिलों में 15 अगस्त 2020 को नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की गयी थी, जिसमें लखनऊ को भी शामिल किया गया है। यह अभियान 31 मार्च 2021 तक चलाया जाएगा। लखनऊ के समाज कल्याण अधिकारी अमरनाथ यति और जिला प्रशासन ने समुदाय में नशा मुक्ति की अलख जगाने की जिम्मेदारी नेहरू युवा केंद्र संगठन को सौंपी है, जिसका नोडल अधिकारी जिला युवा अधिकारी पुष्पा सिंह को बनाया गया है ।
नोडल अधिकारी पुष्पा सिंह का कहना है कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का उद्देश्य यही है कि देश को विकास के पथ पर पूरी तरह से अग्रसर करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि पहले समाज को नशा मुक्त किया जाए। इसके लिए खासकर युवाओं पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि सही मायने में वही देश का भविष्य हैं। इस सोच को सभी वर्ग और समुदाय के सहयोग से ही साकार किया जा सकता है। इस कार्य में जुटे नेहरू युवा केंद्र के वालंटियर शराब, भांग, हेरोइन, स्मैक, चरस, गांजा आदि के नुकसान को बताने के साथ ही घर-परिवार व समाज पर पड़ने वाले उसके असर के बारे में भी जागरूक कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह सभी नशे मानसिक अस्वस्थता की उपज भी हो सकते हैं, इसलिए युवा पीढ़ी को इससे उबारना बहुत ही जरूरी है ।

नशा मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए लखनऊ में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है । इसके लिए 25 प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग्स लगायी गयी हैं । इसके अलावा इस बुराई से उबारने के लिए संगोष्ठी, सेमिनार, रैली, पोस्टर व रंगोली प्रतियोगिता, भाषण व वाद-विवाद प्रतियोगिता, गायन, निबंध आदि प्रतियोगियाएं जिला से लेकर गाँव स्तर पर आयोजित की जा रहीं है । इसके अलावा नेहरू युवा केंद्र के वालंटियर जगह-जगह पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी युवाओं को जागरूक करने में जुटे हैं । उनका सभी को सीधा सन्देश होता है – “नशा है सबसे बड़ी बुराई- इसको छोड़ने में ही सभी की भलाई ।”







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