देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

आधुनिक तकनीकी से किडनी रोग का बेहतर इलाज।

अभी तक कोई ऐसी दवा नहीं बनी है जो किडनी में पथरी को बनने से रोक सके या इसका इलाज कर सके। पथरी निकालने का सबसे उत्तम तरीका सर्जिकल इलाज ही है।

रंजीव ठाकुर
March 13 2021 Updated: March 13 2021 01:58
0 34850
आधुनिक तकनीकी से किडनी रोग का बेहतर इलाज। प्रतीकात्मक लिथोट्रिप्सी
लखनऊ। क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) से पीड़ित मरीजों को कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं इसलिए उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बहुत जरूरी है। चूंकि डायबिटीज, हाइपरटेंशन और मोटापा के कारण लंबे समय तक किडनी को नुकसान पहुंचता है और इसी वजह से किडनी को फिर स्वस्थ नहीं किया जा सकता है।

खराब खानपान और शारीरिक व्यायाम की कमी जैसे मुख्य कारण किडनी संबंधी कई बीमारियां बढ़ाते हैं। मोटापे से भी कई जोखिम जुड़े हैं जिस कारण किडनी में पथरी के ज्यादा होते हैं। प्रोटीन और सोडियम की अधिक मात्रा वाला भोजन ज्यादा एसिडिक यूरीन पैदा कर सकता है और यूरिनरी साइट्रेट में कमी ला सकता है इसलिए इसे भी किडनी पथरी का खतरा बढ़ाने का मुख्य कारण माना जाता है।

मैक्स सुपर स्पेशियल्टी हॉस्पिटल, के यूरोलॉजी रेनल ट्रांसप्लांट के चेयरमैन डॉ. अनंत कुमार ने बताया, देश के उत्तर पश्चिमी (जिसे स्टोन बेल्ट भी कहा जाता है) हिस्से में किडनी की पथरी के मामले बहुत आम हैं। कुछ लोगों में तो बार—बार पथरी हो जाती है। अभी तक कोई ऐसी दवा नहीं बनी है जो किडनी में पथरी को बनने से रोक सके या इसका इलाज कर सके। पथरी निकालने का सबसे उत्तम तरीका सर्जिकल इलाज ही है। आधुनिक चिकित्सा तकनीक में लेजर और विशेष डिजिटल स्कोप की मदद से बिना चीरा या कट लगाए पथरी निकाली जा सकती है।'

डॉ. अनंत कुमार, यूरोलॉजिस्ट

किडनी में ट्यूमर सभी तरह के आक्रामक कैंसरों में से एक है जिस कारण सभी तरह के कैंसर में 2—3 फीसदी मामले असाध्य हो जाते हैं। क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) देश की 15—20 फीसदी युवा आबादी को प्रभावित करता है और दुनिया में बीमारियों से होने वाली मौत के शीर्ष 20 कारणों में से एक है। यह ऐसी बीमारी है जो न सिर्फ मरीज को बल्कि उसके पूरे परिवार को प्रभावित करती है और उनकी आर्थिक स्थिति को भी बुरी तरह कमजोर कर देती है। महिलाओं में किडनी रोग के कुछ खास जोखिम होते हैं। किडनी रोग और इससे संबंधी देखभाल से जुड़ी समस्याएं मौजूदा और अगली पीढ़ी तक को बुरी तरह प्रभावित करती हैं।

डॉ. अनंत ने कहा, 'आधुनिक रेडियोलॉजी सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने के कारण किडनी के ज्यादातर मामलों की शुरुआती चरण में ही पहचान होने लगी है। इसके बाद सही समय पर सर्जरी कराने से मरीज के स्वस्थ होने की दर भी बढ़ जाती है। आजकल सर्जिकल तकनीकों में अत्याधुनिक सर्जिकल रोबोट का इस्तेमाल होता है और यूरोलॉजिस्ट बहुत ही बारीकी से मिनिमली इनवेसिव सर्जिकल तकनीक (रोबोट असिस्टेड पार्शियल नेफ्रेक्टोमी) का इस्तेमाल करते हुए स्वस्थ हिस्से को नुकसान पहुंचाए बिना किडनी के सबसे जटिल ट्यूमर को भी निकाल सकते हैं। अगले दिन से ही मरीज को खाने और टहलने की अनुमति मिल जाती है और सर्जरी के दो दिन बाद ही अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है।'

क्रोनिक किडनी फेल्योर से जूझ रहे 2 लाख से अधिक मरीज प्रत्यारोपण का इंतजार कर रहे हैं जबकि हर साल मुश्किल से 5000 प्रत्यारोपण ही हो पाता है। किडनी प्रत्यारोपण की इतनी मांग बढ़ने के पीछे इस क्षेत्र में हुए तरक्की को लेकर जागरूकता का ही अभाव होता है क्योंकि लोग किडनी दान करने को लेकर आशंकित रहते हैं कि इसके बाद वे स्वस्थ रह पाएंगे कि नहीं।

उन्होंने कहा, 'किडनी खराब हो जाने की स्थिति में सर्वश्रेष्ठ इलाज किडनी ट्रांसप्लांट ही है जिससे मरीज व्यक्तिगत, सामाजिक और प्रोफेशनल स्तर पर सामान्य जिंदगी जी सकता है। ट्रांसप्लांट करने वाले सर्जन बहुत हुनरमंद शिल्पकार होते हैं जो सुनिश्चित करते हैं कि दान देने वाले व्यक्ति के शरीर से सुरक्षित किडनी निकालकर मरीज के शरीर में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया जाए। हाल के कुछ वर्षों में किडनी प्रत्यारोपण और आॅर्गन सपोर्ट के क्षेत्र में कई तरह की तरक्की हुई है। रोबोट की मदद से रेनल ट्रांसप्लांटेशन अत्यधिक उपयोगी साबित हुआ है क्योंकि इससे शीघ्र स्वास्थ्यलाभ, कम दर्द और बहुत छोटा चीरा लगाया जाता है। पुरानी नियमित ओपन सर्जरी के विपरीत रोबोटिक सर्जरी के लिए बहुत छोटा चीरा लगाया जाता है और इसमें मांसपेशियां नहीं काटी जाती है। सर्जरी के दौरान खून निकलने तथा मानवीय भूल की संभावना भी बहुत कम रहती है।'

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए निर्देश,कहा- सांस व दिल के मरीजों के उपचार का पुख्ता इंतजाम करें

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए निर्देश,कहा- सांस व दिल के मरीजों के उपचार का पुख्ता इंतजाम करें

आरती तिवारी December 07 2022 30116

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने निर्देश दिया कि सांस के मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत अधिक पड़ती है। ऐसे में

टीबी का टीका अभी दूर, अफ्रीका में हुए अध्ययन का हवाला देकर सीरम कंपनी मांग रही थी मंजूरी

टीबी का टीका अभी दूर, अफ्रीका में हुए अध्ययन का हवाला देकर सीरम कंपनी मांग रही थी मंजूरी

रंजीव ठाकुर May 01 2022 33589

सूत्रों के अनुसार सीरम कंपनी ने दक्षिण अफ्रीका में हुए अध्ययन का हवाला देकर भारत में इसके इस्तेमाल क

दवाओं की ऑनलाइन ‘अवैध’ बिक्री पर प्रतिबंध की याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से रिपोर्ट मांगी

दवाओं की ऑनलाइन ‘अवैध’ बिक्री पर प्रतिबंध की याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से रिपोर्ट मांगी

एस. के. राणा March 16 2023 18285

मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई के दौर

‘कृष्ण’ की तरह बच्चे का हुआ जन्म, फूलों से सजाई गई जेल

आरती तिवारी August 30 2022 21901

बलरामपुर जेल में महिला कैदी ने बच्चे को जन्म दिया है। इस दौरान जेल प्रशासन की ओर से बैरक को गुब्बारो

अनूठी मुहिम, टीबी चैंपियन को मिलेगी सेल्फ लर्निंग कोर्स की ट्रेनिंग

अनूठी मुहिम, टीबी चैंपियन को मिलेगी सेल्फ लर्निंग कोर्स की ट्रेनिंग

हुज़ैफ़ा अबरार February 18 2022 48454

प्रदेश में करीब 2350 टीबी चैंपियन हैं जो कि हमारे टीबी मुक्त अभियान में बड़े सहायक साबित हो सकते हैं

आपकी मेंटल हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं ये फूड्स

आपकी मेंटल हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं ये फूड्स

आरती तिवारी October 11 2022 27542

आपको बता दें कि स्ट्रेस से तात्पर्य शारीरिक और भावनात्मक रूप से चिंता महसूस होना है. तनाव और मानसिक

लंपी वायरस को लेकर एक्शन में MP सरकार, पशुओं को  फ्री में लगेगा टीका

लंपी वायरस को लेकर एक्शन में MP सरकार, पशुओं को फ्री में लगेगा टीका

विशेष संवाददाता September 22 2022 28649

लंपी वायरस में जानवरों में बुखार (fever) आना, आंखों एवं नाक से स्राव, मुंह से लार निकलना, शरीर में ग

कोविड-19 टीकाकरण एजेंसियों के पास 1.66 करोड़ से ज्यादा खुराक उपलब्ध: केंद्र 

कोविड-19 टीकाकरण एजेंसियों के पास 1.66 करोड़ से ज्यादा खुराक उपलब्ध: केंद्र 

एस. के. राणा July 07 2021 30381

मंत्रालय ने कहा कि अब तक सभी संसाधनों के जरिए राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को टीके की 37.07 करो

एंटीरेट्रोवायरल दवाओं की कमी से जूझ रहे एचआईवी मरीज

एंटीरेट्रोवायरल दवाओं की कमी से जूझ रहे एचआईवी मरीज

रंजीव ठाकुर July 07 2022 21490

कुछ राज्यों के एआरटी केन्द्रों में दवाओं की आपूर्ति कम होने से एचआईवी मरीजों को दिक्कतों का सामना कर

2025 तक देश को टीबी मुक्त करने की कवायद, हिमाचल सरकार ने तैयार किया प्लान

2025 तक देश को टीबी मुक्त करने की कवायद, हिमाचल सरकार ने तैयार किया प्लान

हे.जा.स. May 07 2023 31550

स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि अब सभी खांसी के मरीजों को बलगम का सैंपल दे

Login Panel