











































स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक
लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग प्रदेश के लोगों के लिए बेहतर काम कर रहा है। लोगों का स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता में है। योगी सरकार ने कोरोना का बेहतरीन प्रबंधन किया और इसके लिए प्रदेश को दुनियाभर में वाहवाही मिली। आज सभी 75 जनपदों में आरटीपीसीआर जांच के लिए बीएसएल-2 प्रयोगशाला हैं। प्रदेश में अबतक 10 करोड़ 94 लाख कोरोना टेस्ट हो चुके हैं। कोरोना (corona) के एक्टिव केस (active case) 300 से कम रह गए हैं। अब 30.5 करोड़ कोरोना के टीके (corona vaccine) की डोज लगाई जा चुकी है, जो देश में सर्वाधिक है।
योगी सरकार के बेहतरीन प्रबंधन का नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश में कोरोना के मामले खत्म होने के करीब है, जबकि विश्व के कई देश अभी भी इससे जूझ रहे हैं। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना गरीब लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है। ये बातें उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक (Brijesh Pathak) ने प्रेसवार्ता में कहीं।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वैश्विक महामारी कोविड का निरन्तर उत्तम प्रबन्धन किया गया है, जिसकी सराहना राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर की गयी है। सभी 75 जनपदों में इन्टीग्रेटेड कोविड कमाण्ड सेन्टर (covid common centre) की स्थापना कर समस्त गतिविधियों का अनुश्रवण किया गया। साथ ही साथ होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों का निरन्तर हालचाल पूछा गया। निगरानी समितियों के माध्यम से होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों की सतत निगरानी की गई और उन्हें दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं। समस्त 75 जनपदों में आरटीपीसीआर जांच के लिए बीएसएल-2 प्रयोगशालाओं की स्थापना की गई।
आशा (asha) एवं एएनएम (ANM) के माध्यम से लोगों को घरों में लाखों मेडिकल किट उपलब्ध कराई गई। अब तक प्रदेश में 10 करोड़ 94 लाख से अधिक कोविड टेस्ट किये जा चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक है। वर्तमान में संक्रमण का स्तर बहुत ही निचले स्तर पर चल रहा है तथा संक्रमण के एक्टिव केस की संख्या 300 से कम रह गयी है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि कोरोना के टीकाकरण (corona vaccination) में हमने बहुत अच्छा काम किया है। अब 30.5 करोड़ टीके की डोज लगाई जा चुकी है, जो देश में सर्वाधिक है। टीकाकरण को गति देने के लिए क्लस्टर माडल अपनाया गया।
इसके अलावा ई-संजीवनी पोर्टल बनाया गया, जिसके माध्यम से कोरोना महामारी के दौरान लोगों को घर बैठे डाक्टरों से परामर्श मिला। आक्सीजन के लिए बहुत बेहतर इंतजाम किए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 559 आक्सीजन जनरेशन प्लांट हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को पांच लाख रुपया प्रति वर्ष का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना को उत्तर प्रदेश में सन 2011 के एसईसीसी के आंकड़ों के आधार पर चलाया जा रहा है। इस योजना के अन्तर्गत 1.18 करोड़ पात्र परिवार हैं।
इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार के द्वारा अन्य गरीब परिवारों के लिए मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना चलायी जा रही है। अब तक दोनों योजनाओं के अन्तर्गत कुल मिलाकर 1.80 करोड़ आयुष्मान कार्ड वितरित किये जा चुके हैं। मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत समस्त अन्त्योदय कार्ड धारकों को उपचारित जा रहा है। इसके साथ ही श्रम विभाग के अन्तर्गत बोर्ड ऑफ कन्स्ट्रक्शन में पंजीकृत श्रमिकों को भी यह सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। अब तक इन दोनों योजनाओं के अन्तर्गत 12 लाख लोगों को लाभ मिल चुका है। इसमें 1200 करोड़ रुपया व्यय हुआ है। इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश में कुल 2949 अस्पताल संबद्ध हैं, जो देश में सबसे ज्यादा है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार संचारी रोग के खात्मे के लिए बहुत बेहतर काम कर रही है। 2030 तक मलेरिया से प्रदेश को मुक्त करने की दिशा में काम हो रहा है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू किया जा चुका है। इसके तहत मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि बीमारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न विभागों से समन्वय किया गया है। इसके तहत 15 से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजीटल मिशन के माध्यम से मरीजों के डाक्यूमेंट पार्टल पर उपलब्ध रहेंगे ताकि मरीजों को अपनी बीमारी संबंधी दस्तावेज लेकर चलने से राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों को क्षय रोग के बारे में जागरूक किया गया है। 2025 तक प्रदेश से टीबी उन्मूलन के लिए प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने सभी लोगों से क्षय रोगियों के बारे में जानकारी देने को कहा। उन्होंने कहा कि क्षय रोगियों को विधायक, सांसद, मंत्री और अधिकारी व संस्थाएं गोद लेंगी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 43.6 लाख महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। इससे लिंग समानता को बढ़ावा मिला है। इसमें 141 मेडिकल प्रासिजर ऐसे हैं जो सिर्फ महिलाओं के लिए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को शीघ्र सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर चलाये जा रहे हैं और स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि डाक्टर मरीजों को भगवान मानकर उनकी सेवा करें। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार कृतसंकल्प है।







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