












































लखनऊ। नेफ्रोलॉजिस्ट विशेष रूप से उन बीमारियों का इलाज करते हैं जो किडनी और उनकी कार्य करने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। नेफ्रोलॉजिस्ट एक फिज़िशियन है। यूरोलॉजिस्ट पूरे यूरीनरी ट्रैक्ट सिस्टम का इलाज करते हैं खासकर सर्जरी से जुडी हुई बीमारियों का। ये मुख्यतः सर्जन होतें हैं। उक्त जानकारी रीजेंसी अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर सिद्धार्थ ने दिया।
डॉक्टर सिद्धार्थ ने बताया कि यदि किसी के मूत्राशय में इन्फेक्शन होता है तब कुछ लक्षणों के आधार पर वह व्यक्ति खुद पता कर सकता है कि उसको समस्या है। यदि बार-बार पेशाब आता है, पेशाब में जलन होती है, पेशाब निकल जाता, है या उसको रोक नहीं पाता, पेशाब में ब्लड आता है आदि लक्षण दिखाई देने पर व्यक्ति को यूरोलॉजिस्ट से मिलकर सलाह लेना चाहिए। रोग का पता लगाने के लिए यूरिन की जांच और अल्ट्रासाउंड कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि यदि युगल दम्पति को बार-बार यूटीआई (मूत्र मार्ग में संक्रमण) की परेशानी है तो पत्नी-पत्नी दोनों को यूरिन की जांच करा लेना लाभप्रद होगा। यूटीआई के कारण पेशाब करने में कठिनाई से लेकर किडनी में इन्फेक्शन तक हो सकता है ऐसे में यूरोलॉजिस्ट से मिलकर सलाह लेना चाहिए।
डॉ सिद्धार्थ ने बताया कि डायबिटीज और उच्च रक्तचाप गुर्दे के लिए बहुत घातक होता है। पथरी का मुख्य कारण खानपान तथा लाइफस्टाइल में परिवर्तन और कम पानी पीना हैं। इन कारणों पथरी के केस बढ़ रहे है। पथरी होने पर आप ज्यादा पानी पिए। कुछ पथरी दवाइयों से निकल जाती है लेकिन अगर पथरी कुछ ज्यादा बड़ी होती है तो उसको सर्जरी के द्वारा निकाला जाता है। आज भारत में किडनी के मरीज़ों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि यदि सही समय पर किडनी का सही इलाज न किया जाए तो पेशेंट डायलिसिस पर चला जाता है। उसके सामने ट्रांसप्लांट ही एक मात्र विकल्प रह जाता है इसलिए अपनी किडनी को स्वस्थ रखने के लिए सादा खाना खाए, समय पर खाएं, व्यायाम करें, पानी का अधिक प्रयोग करें, ठंडे पेय पदार्थों का बिल्कुल भी सेवन ना करें, मीठा कम खाएं आदि बातों का ध्यान रखकर आप अपनी किडनी को स्वस्थ रख सकते हैं।







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