











































नई दिल्ली. बीमार या लंबे समय से घाटे में चल रही सरकारी कंपनियों (Government Companies) को जल्द से जल्द बंद करने के लिए सरकार नई गाइडलाइंस ला सकती है. इस गाइडलाइंस में जमीन बेचने की जिम्मेदारी एनबीसीसी जैसी एजेंसी को नहीं देने का प्रावधान किया जा सकता है.आपको बता दें कि वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने संसद में एक लिखित उत्तर में उन्होंने बताया था कि कि नीति आयोग ने सरकारी कंपनियों के विनिवेश के लिए कुछ शर्तें तय की हैं. इसके आधार पर सरकार ने 2016 से 34 कंपनियों में रणनीतिक विनिवेश को मंजूरी दी है.
बीमार कंपनियां जल्द होंगी बंद- बीमार या लंबे समय से घाटे में चल रही सरकारी कंपनियों को बंद करने के लिए नई गाइडलाइन जल्द जारी हो सकती है. जिन कंपनियों पर फैसला हो चुका है उन्हें 9 महीने के भीतर बंद करने का प्रस्ताव है. नए मामले में कैबिनेट के फैसले के 12 महीने के भीतर बंद करने की प्रक्रिया पूरी करने का प्रस्ताव है.बंद करने से पहले जमीन या दूसरी संपत्ति बाजार में बेचना जरूरी नहीं होगा. NBCC या दूसरी Land Management Agency नियुक्त करना जरूरी नहीं होगा. जिस विभाग या सरकार की कंपनी होगी जमीन सर्कल रेट पर उसे सौंप दी जाएगी.
6 कंपनियों को बंद करने की तैयारी- अनुराग सिंह ठाकुर ने संसद में बताया था कि 6 कंपनियों को बंद करने पर विचार किया जा रहा है और बाकी 20 में प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है. जिन कंपनियों को बंद करने पर विचार किया जा रहा है उनमें हिंदुस्तान फ्लोरोकार्बन लिमिटेड (HFL), स्कूटर्स इंडिया, भारत पंप्स एंड कम्प्रेसर्स लिमिटेड, हिंदुस्तान प्रीफैब, हिंदुस्तान न्यूजप्रिंट और कर्नाटक एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड शामिल हैं. साथ ही, एलॉय स्टील प्लांट, दुर्गापुर, सेलम स्टील प्लांट, सेल की भद्रावती यूनिट, पवन हंस, एयर इंडिया और इसकी पांच सहायक कंपनियों तथा एक संयुक्त उपक्रम में रणनीतिक बिक्री की प्रक्रिया जारी है.
एचएलएल लाइफ केयर लिमिटेड, इंडियन मेडिसिन एंड फार्मास्यूटिक्ल कॉरपोरेशन लिमिटेड, आईटीडीसी की विभिन्न यूनिट्स, हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स, बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड में भी स्ट्रेटजिक सेल होगी.अगले 9 महीने में बंद हो सकती है बीमार सरकारी कंपनियां, जानिए क्या है
सरकार का नया प्लान
अनुराग सिंह ठाकुर ने संसद में बताया था कि 6 कंपनियों को बंद करने पर विचार किया जा रहा है और बाकी 20 में प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है
अनुराग सिंह ठाकुर ने संसद में बताया था कि 6 कंपनियों को बंद करने पर विचार किया जा रहा है और बाकी 20 में प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है. लंबे समय से घाटे में चल रही सरकारी कंपनियों को बंद करने की तैयारी पूरी हो गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जमीन बेचने की जिम्मेदारी एनबीसीसी जैसी एजेंसी को नहीं देने का प्रावधान किया जा सकता है.







हुज़ैफ़ा अबरार May 12 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2026 0 350
हुज़ैफ़ा अबरार May 03 2026 0 259
हुज़ैफ़ा अबरार May 12 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3808
एस. के. राणा January 13 2026 0 3780
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3668
एस. के. राणा January 20 2026 0 3626
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3346
एस. के. राणा February 01 2026 0 3024
एस. के. राणा February 04 2026 0 2870
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86287
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33888
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37131
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34314
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71573
देश में अप्रैल और मई में कोरोना से हुई कुल मौतों का 41 प्रतिशत महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली से आया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को राजधानी के
स्क्रब टायफस के कुछ लक्षण मिलने पर इसका सैंपल आईसीएमआर लैब जबलपुर भेजा गया था। वहां से इसकी पॉजिटिव
इन पाठ्यक्रमों को कौशल विकास कार्यक्रम के तहत संचालित किया जाएगा।जिनकी अवधि पूरी होने पर छात्र हेल्थ
भारत में कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत 32.36 करोड़ खुराकें लगाई जा चुकी हैं, वहीं अमेरिका ने 32.33
हिम्स में शरीर की अंदरूनी शक्ति बढ़ाकर किडनी, कैंसर, लिवर, शुगर, बीपी और दिल के रोगों को रिवर्स करने
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कैंसर चिकित्सा इकाई की ओर से ब्रेस्ट कैंसर परीक्षण की ट्रेनिंग दी जा र
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से 5 किलोमीटर के दायरे में यदि किसी को भी दिल का दौरा पड़ता है तो म
वैक्सिंग करके एक ही बार में काफी बड़े हिस्से से अनचाहे बालों को हटाया जा सकता है। वैक्सिंग करने से ब
एबीडीएम के साथ ई-संजीवनी का एकीकरण एक ऐसा उदाहरण है जहां 22 करोड़ एबीएचए धारक ई-संजीवनी के माध्यम से

COMMENTS