











































मुहांसे का प्रतीकात्मक चित्र
मुंबई/लखनऊ। फार्मास्यूटिकल कंपनी, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड (ग्लेनमार्क) ने मिन्यम ब्रांड नेम के तहत मध्यम से गंभीर मुँहासों (Acne) के उपचार के लिए भारत का पहला टॉपिकल मिनोसाइक्लिन 4% जेल लॉन्च किया है। यह एक शक्तिशाली एंटीबैक्टीरियल जेल है, जो एक मजबूत एंटी-इंफ्लेमेटरी एक्शन लेता है। साथ ही यह उपलब्ध टॉपिकल एंटीबैक्टीरियल फॉर्म्युलेशन्स की तुलना में सबसे कम एमआईसी 90 (MIC) प्रदान करता है, जिस पर यह बैक्टीरिया के 90% आइसोलेट्स की विज़िबल ग्रोथ की रोकथाम करता है।

टॉपिकल एंटीबैक्टीरियल फॉर्म्युलेशन्स (Topical Anti Bacterial Formulation), मुँहासों के उपचार के लिए आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं के कुछ वर्ग हैं। जैसे कि पिछले 30 वर्षों में कोई नया टॉपिकल फॉर्म्युलेशन लॉन्च नहीं किया गया है, वर्तमान में उपलब्ध टॉपिकल एंटीबैक्टीरियल फॉर्म्युलेशन्स के प्रतिरोध में धीरे-धीरे वृद्धि देखने में आ रही है। मिन्यम जेल (टॉपिकल मिनोसाइक्लिन 4% जेल) को उपचार के दौरान मुँहासों से राहत दिलाने के लिए बनाया गया है और इसे 9 वर्ष से अधिक उम्र के रोगियों द्वारा सुरक्षित रूप से उपयोग किया जा सकता है।
लॉन्च पर बात करते हुए आलोक मलिक, ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट और हेड, इंडिया फॉर्म्युलेशन्स- ग्लेनमार्क ने कहा, "ग्लेनमार्क भारत में डर्मेटोलॉजी सेगमेंट में अग्रणी है और हमेशा से ही मरीजों को नवीनतम उपचार विकल्पों तक पहुँच प्रदान करने में सबसे आगे रहा है। हमें भारत में पहले टॉपिकल मिनोसाइक्लिन-आधारित मिन्यम जेल की पेशकश करते हुए गर्व हो रहा है, जो कि मुँहासों से पीड़ित 9 वर्ष और उससे अधिक आयु के रोगियों के उपचार के विकल्प के रूप में अपने शक्तिशाली एंटी-बैक्टीरियल प्रभाव, एंटी-इंफ्लेमेटरी एक्शन और सबसे कम प्रतिरोध के लिए सिद्ध है।"
मुँहासे एक इंफ्लेमेटरी त्वचा रोग (skin disease) है, जो विश्व स्तर पर लाखों लोगों को प्रभावित करता है। इसमें पाइलोसेबेसियस यूनिट्स शामिल हैं और कॉमेडोन्स, पेपल्स और पस्ट्यूल्स के साथ प्रस्तुत है, जो कि कई जोखिम कारकों से प्रभावित होते हैं। मुँहासे आमतौर पर युवावस्था (youth) में शुरू होते हैं और कई किशोरों और युवा वयस्कों को प्रभावित करते हैं। ग्लेनमार्क द्वारा वर्ष 2020 में भारत में मुँहासों की व्यापकता पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार 45 प्रतिशत रोगी पुरुष थे और 55 प्रतिशत महिलाएँ थीं; और लगभग 72 प्रतिशत रोगी किशोर समूह के थे, जबकि 27 प्रतिशत रोगी वयस्क समूह के थे।







हुज़ैफ़ा अबरार October 04 2026 0 112
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 553
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 420
हुज़ैफ़ा अबरार October 04 2026 0 112
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9737
एस. के. राणा January 20 2026 0 5936
एस. के. राणा February 01 2026 0 5915
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5572
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5551
एस. के. राणा January 13 2026 0 5117
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 5054
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87456
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35624
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38608
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36106
लेख विभाग March 19 2022 0 35679
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73526
817 और लोगों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 3,98,454 हो गयी है। एक दिन में कोरोना वायरस से
मंडलायुक्त ने निर्देश देते हुए कहा कि डेंगू, मलेरिया के जो मरीज हैं इनके लिए एक वार्ड अलग बना लिया ज
लैक्टोज इंटॉलरेंस के पाचन संबंधी लक्षण लैक्टोज मालएब्सॉर्प्शन के कारण होते हैं। लैक्टोज मालएब्सॉर्प्
कनाडा में कोविड वैक्सीन न लेने वालों के खिलाफ लागू किए कड़े कदमों के विरोध में किए जा रहे प्रदर्शनों
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 में वायु प्रदूषण के जोखिम से जुड़े स्वास्थ्य प्रभावों से जीवन के पहले
गुड़ मेथी के लड्डू ना सिर्फ स्वाद में गजब होते हैं बल्कि इससे इम्यूनिटी बढ़ने के साथ सर्दी भी कम लगत
हॉस्पिटल की ट्रांसप्लांट टीम ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए दा विंची एक्सआई रोबोट की मदद से रोबोटि
दिल्ली में अक्टूबर में डेंगू के 900 से अधिक मामले सामने आए हैं, जिसके बाद इस साल इस बीमारी के मामलों
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, कोरोना महामारी के दौरान अस्पतालों में कार्य करने वाले कर्मियों की सेवाभावना
डॉ. आशुतोष वर्मा पूरी तरह से लोगों के लिए समर्पित रहते हैं। हर महीने की 20 तारीख को वह सभी मरीज़ों का

COMMENTS