













































प्रतीकात्मक
नयी दिल्ली (भाषा)। भारत में एक दिन में कोविड-19 के 43,733 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,06,63,665 हो गई। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी कम होकर 4,59,920 हो गई है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में 930 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,04,211 हो गई। उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 4,59,920 हो गई, जो कुल मामलों का 1.50 प्रतिशत है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97.18 प्रतिशत है।
आंकड़ों के अनुसार, अभी तक कुल 42,33,32,097 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 19,07,216 नमूनों की जांच मंगलवार को की गई। देश में नमूनों के संक्रमित आने की दैनिक दर 2.29 प्रतिशत है। यह पिछले 16 दिनों से लगातार तीन प्रतिशत से कम है। नमूनों के संक्रमित आने की साप्ताहिक दर भी कम होकर 2.39 प्रतिशत हो गई है। संक्रमण मुक्त हुए लोगों की संख्या लगातार 55वें दिन भी संक्रमण के नए मामलों से अधिक रही। अभी तक कुल 2,97,99,534 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। कोविड-19 से मृत्यु दर 1.32 प्रतिशत है।
देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवम्बर को 90 लाख के पार हो गए। देश में 19 दिसम्बर को ये मामले एक करोड़ के पार, चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।
देश में अभी तक कुल 36.13 करोड़ लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की खुराक दी जा चुकी है।
आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में जिन 930 लोगों की मौत संक्रमण से हुई, उनमें से महाराष्ट्र के 395, केरल के 142 और कर्नाटक के 92 लोग थे।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण से अभी तक कुल 4,04,211 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 1,23,531, कर्नाटक के 35,526, तमिलनाडु के 33,132, दिल्ली के 25,001, उत्तर प्रदेश के 22,656, पश्चिम बंगाल के 17,834 और पंजाब के 16,131 लोग थे।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।







हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1148
हुज़ैफ़ा अबरार October 18 2026 0 1015
विशेष संवाददाता October 21 2026 0 840
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 651
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 588
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6545
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 1477
हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2026 0 1463
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 1435
हुज़ैफ़ा अबरार October 06 2026 0 1330
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 1190
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1148
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10234
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6545
एस. के. राणा February 01 2026 0 6454
एस. के. राणा January 20 2026 0 6307
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5873
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5761
एस. के. राणा January 13 2026 0 5313
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87652
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35911
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38818
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36309
लेख विभाग March 19 2022 0 35889
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73897
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि बूस्टर डोज के लिए कोई नया रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यक
अपग्रेडेड राजाजीपुरम सेंटर में अब उन्नत रेटिना सेवाओं और अत्याधुनिक OCT (Optical Coherence Tomograph
यूपी की जनता को जल्द ही 6 अस्पताल की सौगात मिलेगी। वहीं कई जिलों में हॉस्पिटलों का निर्माण कार्य तेज
ब्रिटेन की ऑक्सफ़र्ड युनिवर्सिटी ने R21/Matrix-M नामक इस वैक्सीन को विकसित किया है। मलेरिया के खिलाफ
मुख स्वच्छता की उचित देखभाल नहीं की जाती है, तो इससे मसूड़े की सूजन हो सकती है जिसके कारण पीरियोडोंट
त्तर प्रदेश मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना खास तौर पर उन लोगों के लिए शुरू की गई है जिनकी आर्थिक स्थित
कद्दू का सेवन करने से स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं से छुटकारा मिलता है। क्योंकि कद्दू में विटामिन ए,
यौन उत्तेजना को बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाला ओरल सेक्स संभोग के दौरान ऑर्गेज्म प्राप्ति की सं
क्लेविरा में पपाया, कालीमिर्च जैसे आयुर्वेदिक अव्यव मिश्रित किए गए हैं जिनकी वजह से बहुत जल्दी इम्यू
अनियंत्रित डायबिटिक पीड़ित मरीजों को आंख संबंधी बीमारी का खतरा कई गुना अधिक रहता है। चिकित्सा विज्ञा

COMMENTS