











































किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी
लखनऊ। राजधानी के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ने मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग और पैरामेडिकल के साथ ही अब आयुर्वेद की दिशा में भी एक कदम बढ़ा दिया है। विश्वविद्यालय में पंचकर्म सेंटर शुरू करने का काम तेज हो गया है। केजीएमयू ने पंचकर्म सेंटर का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इस पर मंथन भी शुरू हो चुका है। माना जा रहा है कि जल्द पंचकर्म सेंटर को मंजूरी मिल जाएगी।
केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर (KGMU Trauma Center) के अधीक्षक और ट्रॉमा सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. संदीप तिवारी ने विश्वविद्यालय में पंचकर्म सेंटर शुरू करने का प्रस्ताव भेजा है। पंचकर्म आयुर्वेद की मुख्य प्रक्रियाओं में आता है, इसलिए पंचकर्म सेंटर को मेडिकल और डेंटल संकाय से अलग रखने की सिफारिश की गई है। पंचकर्म सेंटर को मंजूरी मिलते ही केजीएमयू में आयुर्वेद संकाय की स्थापना भी होगी। केजीएमयू ने अपने प्रस्ताव में एक अलग भवन और पुरुष और महिला स्टाफ (female staff) की नियुक्ति करने की मांग भी की है।







हुज़ैफ़ा अबरार October 04 2026 0 140
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 553
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 420
हुज़ैफ़ा अबरार October 04 2026 0 140
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9765
एस. के. राणा January 20 2026 0 5978
एस. के. राणा February 01 2026 0 5943
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5572
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5551
एस. के. राणा January 13 2026 0 5117
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 5054
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87456
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35631
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38608
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36120
लेख विभाग March 19 2022 0 35679
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73526
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन स्थित प्रज्ञाकक्ष में उत्तर प्रदेश में क्षय उन्मूलन
रिपोर्ट के मुताबिक, देश के लगभग 73 फीसदी शहरों में पीएम 2.5 का स्तर राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों स
कार्डियोलॉजिस्ट स्वप्निल ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य धमनी जो हृदय को रक्त की सप्लाई करती है अ
आधुनिक विज्ञान का मानना है कि उम्र के साथ दोनों हड्डियों के बीच की लिक्विडिटी खराब हो जाती है। इससे
पीठ के दर्द को दूर रखने के लिए अच्छे स्वास्थ्य, उचित वजन, सही मुद्रा और पर्याप्त व्यायाम की आवश्यकता
गाजियाबाद प्रशासन ने आरएस गर्ग इंडो-जर्मन अस्पताल के साथ मिलकर 50 बेड का अस्पताल शुरू किया है, वहीं
दांतों की सेंसिटिविटी का एक मुख्य कारण मसूढ़ों का खराब स्वास्थ्य है। समय के साथ मसूढ़े धीरे-धीरे कम
गाजियाबाद में एक्यूआई 359, नोएडा में 397, ग्रेटर नोएडा में 364, कानपुर में 272 और आगरा में 245 दर्ज
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच एक अध्ययन में दावा किया गया है कि हवा में आने के बाद (एयरबॉर्न)
इरफान अंसारी ने फेसबुक पर लिखा:पिछले 20 वर्षों तक राज्य की जनता को केवल आश्वासन देकर आँखों में धूल झ

COMMENTS