











































प्रतीकात्मक
मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर (Neurological Disorders) यानी तंत्रिका तंत्र संबंधी रोग है। जिससे पीड़ित होने पर तंत्रिका कोशिकाओं (Nerve Cell) की गतिविधि में रुकावट आने लगती है और मरीज को दौरे पड़ने शुरू हो जाते हैं।
मिर्गी (Epilepsy) के दौरे हल्के या फिर गंभीर भी हो सकते हैं। जिससे राहत पाने के लिए कई तरह की थेरेपी और उपचार प्रक्रिया मौजूद है।बहुत कम लोग जानते हैं कि कुछ प्राकृतिक तरीकों से भी मिर्गी का उपचार (Natural Treatments for Epilepsy) किया जा सकता है। हालांकि, मिर्गी के इलाज की प्रक्रिया रोगी की स्थिति पर भी निर्भर करती है। ऐसे में इस रोग से राहत पाने के लिए उपचार प्रक्रिया के साथ कुछ साधारण तरीके या उपाय भी आजमाए जा सकते हैं। आइए जानते हैं उनके बारे में।
मिर्गी रोग के लक्षण- Symptoms of Epilepsy
1. मिर्गी के मरीजों के शरीर में जकडऩ होना
2. चेहरे और हाथ-पैरों का तिरछा हो जाना
3. बेहोश हो जाने पर मुंह से झाग निकलना
शरीर में इन चीजों की कमी बढ़ा सकती हैं मिर्गी का खतरा-
विटामिन बी 6 की कमी पूरी करें-
शरीर में विटामिन बी 6 के साथ विटामिन ई और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों की कमी भी मिर्गी की समस्या को बढ़ा या पैदा कर सकती है। ऐसे में इन पोषक तत्वों और विटामिन की कमी को पूरा करने के लिए सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जाती है।
विटामिन E
कई बार कुछ रोगियों में विटामिन E की कमी से भी मिर्गी के दौरे पड़ने लगते हैं। विटामिन E शरीर में एंटीऑक्सीडेंट गुणों को बढ़ाता है। 2016 की एक स्टडी के अनुसार,विटामिन E मिर्गी के लक्षणों को कंट्रोल करता है।
मैग्नेशियम (Magnesium)
शरीर में मैग्नीशियम की अधिक कमी होने से भी मिर्गी के दौरे का खतरा बढ़ सकता है। एक शोध के अनुसार मैग्नेशियम सप्लीमेंट मिर्गी के लक्षण को कम करते हैं ।
मिर्गी रोग से पीड़ित होने पर काम आएंगे ये उपाय
तनाव-
मिर्गी की समस्या से पीड़ित व्यक्ति के लिए तनाव या डिप्रेशन बहुत ज्यादा दिक्कत पैदा कर सकता है। ऐसे में मिर्गी के रोग से पीड़ित व्यक्ति को ऐसी जगह से दूर रहना चाहिए जहां काम का प्रेशर अधिक होता है। इसके अलावा मेडिटेशन, योग करने के साथ एस्सेंसिअल ऑयल्स जैसे लैवेंडर और कैमोमाइल के तेल से भी मालिश करने में राहत मिल सकती है।
हर्ब्स का उपयोग -
मिर्गी के उपचार में कुछ हर्ब्स का उपयोग भी किया जाता है, ताकि रोगी को दौरा ना पड़े। इसके लिए कैमोमाइल, पैशन फ्लावर, और वैलेरियन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इनके उपयोग से मरीज में जल्दी ही सुधार होने लगता है। इन हर्ब्स या जड़ी बूटियों के उपयोग एक्सपर्ट से पूछकर करें।
पौष्टिक आहार-
मिर्गी से जल्दी छुटकारा पाने के लिए एक सही आहार और कुछ दवाओं का सेवन करने की सलाह दी जाती है। मिर्गी के दौरे की समस्या कम पैदा हो इसके लिए कीटोजेनिक आहार दिया जाना चाहिए। यह आहार गुड फैट और कम कार्ब्स वाले होते हैं। इसके अलावा रोगी एटकिन्स आहार यानी हाई प्रोटीन डाइट का भी सेवन कर सकता है।
रखें इन बातों का ख्याल-
-खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह धो लें।
-फास्ट फूड से करें परहेज
-मादक पदार्थों का सेवन करने से बचें।
-रोगी को अकेला कभी न छोड़ें।
-दौरा आने पर नाक पर दवा का स्प्रे करें।
-रोगी को तालाब-नदी जैसी जगह पर नहाने से परहेज करना चाहिए।
-दौरा पड़ने पर मरीज को एक साइड लिटाएं, जिससे लार आसानी से बाहर आ जाए।
-बहुत ज्यादा शोर वाली जगह पर जाना अवॉयड करें।







हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 3465
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार September 04 2026 0 714
हुज़ैफ़ा अबरार September 08 2026 0 518
हुज़ैफ़ा अबरार September 01 2026 0 476
हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 413
हुज़ैफ़ा अबरार September 07 2026 0 406
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9128
एस. के. राणा January 20 2026 0 5649
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5418
एस. के. राणा February 01 2026 0 5411
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5306
एस. के. राणा January 13 2026 0 4942
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4886
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87309
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35393
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38440
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35931
लेख विभाग March 19 2022 0 35581
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73253
देश के केवल 16 चयनित संस्थानों में डॉ. आरएमएलआईएमएस लखनऊ का चयन होना संस्थान के लिए अत्यंत गौरव एवं
देश में प्लास्टिक कचरा उत्सर्जन के मामले में महाराष्ट्र अव्वल है और यूपी आठवें स्थान पर लेकिन अगर बा
1,06,44,858 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के साथ ही देश में मरीजों के ठीक होने की दर 97.33 प्रतिशत हो
उन्होंने बताया आज प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र भी भेजा है जिसमे इस बात का उनसे अनुरोध किया है कि तम्
यूपी के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किय
लगातार सामने आ रहे मामले केवल बुजुर्गों, हार्ट के मरीजों तक ही सीमित नहीं है बल्कि नौजवान भी इसके शि
देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़ कर 4,08,977 हो गई है जो कुल मामलों का 1.34 प्रतिश
वायु प्रदूषण इस समय दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरणीय स्वास्थ्य खतरा है, जो दुनिया भर में प्रतिवर्ष 70 ल
वैसे तो पोस्ट कोविड कॉम्प्लीकेशन्स से उभरने वाली बिमारियों का कोई सटीक इलाज तो सामने नहीं आया है लेक
बीते सालों में प्रदेश में मलेरिया केसों की संख्या बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ऐसा जांच और

COMMENTS