देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

बैरियाट्रिक सर्जरी में देर करने से बढ़ता है कोविड का खतरा

बैरियाट्रिक मरीज दूसरे मरीज़ों की तुलना में अधिक खास हैं क्योंकि उनमें हाइपरटेंशन, टाइप-2 डायबिटीज़, कार्डियोवस्कुलर डिजीज़ और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बहुत ज्यादा होता है।

0 21489
बैरियाट्रिक सर्जरी में देर करने से बढ़ता है कोविड का खतरा प्रतीकात्मक फोटो

लखनऊ। कोविड-19 की महामारी ने हेल्थकेयर सिस्टम की कार्यप्रणाली को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। लोग संक्रमण के डर से बैरियाट्रिक सर्जरी को लगातार टाल रहे हैं। इसके चलते मोटापे से ग्रस्त मरीज़ों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बैरियाट्रिक सर्जरी न सिर्फ मोटापा बल्कि कोविड के खतरे को बढ़ाने वाली सभी संबंधित बीमारियों से निजात पाने में मदद करती है।

न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी ग्रॉसमैन स्कूल ऑफ मेडिसीन की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कैंसर या फेफड़ों के कैंसर के मरीज़ों की तुलना में मोटापे से ग्रस्त मरीज़ों में कोविड का खतरा ज्यादा है। भारतीयों में भी इसका बहुत ज्यादा खतरा है।

साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के मेटाबॉलिक और बैरियाट्रिक सर्जरी के चेयरमैन, डॉक्टर प्रदीप चौबे ने बताया कि, “बैरियाट्रिक मरीज दूसरे मरीज़ों की तुलना में अधिक खास हैं क्योंकि उनमें हाइपरटेंशन, टाइप-2 डायबिटीज़, कार्डियोवस्कुलर डिजीज़ और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बहुत ज्यादा होता है। मोटापे से ग्रस्त लोग जब कोविड कि चपेट में आते हैं, तो उनका शरीर अन्य मरीज़ों की तुलना में गंभीर प्रतिक्रिया देता है। ऐसे में उनके फेफड़ों में सूजन और जलन की शिकायत होती है। मोटे लोगों में कोविड के परिणाम घातक हो सकते हैं। इस गंभीर स्थिति में ऐसे मरीज़ों को प्राथमिकता देना सर्जनों की जिम्मेदारी बनती है। बैरियाट्रिक और मेटोबॉलिक सर्जरी से वजन और कार्डियोवस्कुलर जोखिम कम हो जाता है, डायबिटीज नियंत्रण में रहती है और जीवन बेहतर हो जाता है। सर्जरी में देर करने से मोटे लोगों में कोविड का खतरा बढ़ता है। यह साबित हो चुका है कि मेटाबॉलिक सर्जरी की मदद से टाइप 2 डायबिटीज से ग्रस्त मोटे लोगों का जीवन बचाना संभव है।”

बैरियाट्रिक सर्जरी मोटापे से निजात पाने का आखरी तरीका है, यह एक गलतफहमी है। नॉन सर्जिकल उपचारों की तुलना में बैरियाट्रिक और मेटोबॉलिक सर्जरी के फायदे लंबे समय के लिए होते हैं।

डॉक्टरों और स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों ने कोविड-19 की स्थिति में आगे से आगे आकर इलाज करने का प्रण लिया है। बैरियाट्रिक मरीजों की सुरक्षा के लिए अस्पताल में सभी प्रकार के नियमों का पालन किया जा रहा है। टेक्नोलॉजी में आधुनिकता के साथ, मरीज अपने वजन और संबंधित बीमारियों के प्रबंधन के लिए विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन मंचों का भी सहारा ले सकते हैं। ऑनलाइन सोशल सपोर्ट ग्रुप और टेलीमेडिसिन के साथ हेल्थकेयर सेक्टर में एक बड़ा बदलाव आया है।

डॉक्टर प्रदीप चौबे ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि, “सामाजिक दूरी बनाने के लिए लोगों ने अपना ज्यादातर वक्त घर में गुज़ारा है। इस दौरान खराब आहार और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण मोटापे से ग्रस्त लोगों का स्वास्थ्य और बिगड़ा है। आने वाले कुछ महीनों में कोविड-19 का असर तो कम हो जाएगा, लेकिन वर्तमान में यह मोटापा और संबंधित बीमारियों को बढ़ावा दे रहा है। लोग भविष्य की इस महामारी को देख नहीं पा रहे हैं, जिसके परिणाम बेशक सबको हिलाकर रख देने वाले होंगे। इसलिए मोटापे से ग्रस्त मरीजों के लिए सलाह है कि बैरियाट्रिक सर्जरी में देर न करें क्योंकि यह न सिर्फ वजन को कम करती है बल्कि संबंधित सभी बीमारियों से छुटकारा पाने में मदद करती है।”

हर स्थिति में स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। अपने शरीर से जुड़ी समस्याओं (डायबिटीज, मोटापा, उच्च रक्तचाप आदि) के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है। स्वस्थ और सुखी जीवन के लिए शरीर की प्रणाली को संतुलित बनाए रखने के साथ समय पर डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। अपना जीवन आज ही बदलें, बिना देर किए अभी कदम उठाएं।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

कोरोना की दूसरी लहर से मुकाबले के लिए युद्धस्तर पर हो रहा काम: प्रधानमन्त्री 

कोरोना की दूसरी लहर से मुकाबले के लिए युद्धस्तर पर हो रहा काम: प्रधानमन्त्री 

एस. के. राणा May 15 2021 27104

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘कोरोना की दूसरी लहर से मुकाबले में संसाधनों से जुड़े जो भी गतिरोध थे उन्हें त

नवनियुक्त चिकित्सा स्वास्थ्य महानिदेशक से मिला चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ उत्तर प्रदेश, बताई समस्याएं

नवनियुक्त चिकित्सा स्वास्थ्य महानिदेशक से मिला चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ उत्तर प्रदेश, बताई समस्याएं

रंजीव ठाकुर July 05 2022 47639

चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रधान महासचिव अशोक कुमार ने बताया कि अभी हाल में हुए स्था

हृदय रोगी के धमनियों में ब्लॉकेज हो तो बायपास की जगह रोटाब्लेशन करवाएं: डॉ अजय बहादुर

हृदय रोगी के धमनियों में ब्लॉकेज हो तो बायपास की जगह रोटाब्लेशन करवाएं: डॉ अजय बहादुर

रंजीव ठाकुर July 22 2022 22711

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ अजय बहादुर ने धमनियों में ब्लॉक्स के ईलाज के लिए खास जानकारी दी है। उनका कहना ह

सीरम इंस्टीट्यूट ने टीबी से बचाव के लिए आरबीसीजी टीके के आपात उपयोग की मंजूरी मांगी

सीरम इंस्टीट्यूट ने टीबी से बचाव के लिए आरबीसीजी टीके के आपात उपयोग की मंजूरी मांगी

एस. के. राणा March 28 2022 43762

सीरम इंस्टीट्यूट ने आरबीसीजी टीके आपात उपयोग की मंजूरी मांग की है। ये टीके उन्नत तकनीक से निर्मित हो

नवजात शिशुओं में सामान्य स्वास्थ्य की स्थिति

नवजात शिशुओं में सामान्य स्वास्थ्य की स्थिति

लेख विभाग May 25 2022 49421

भारत के उन कुछ हिस्सों में ज्यादा हैं जहाँ अभी भी गैर-संस्थागत प्रसवों होते हैं, इसलिए यदि कोई बच्चा

आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण करेगी गुरु श्री गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज

आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण करेगी गुरु श्री गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज

आनंद सिंह April 13 2022 33925

उत्तर प्रदेश में आयुर्वेदिक दवाओं की निर्माण इकाई बेहद कम है, इस नई इकाई के खुलने से राज्य का भला हो

चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में दवा निर्यात ने दर्ज़ कराया 20 फीसदी का इजाफा।

चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में दवा निर्यात ने दर्ज़ कराया 20 फीसदी का इजाफा।

हे.जा.स. January 25 2021 21943

वित्तीय वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में पिछले वर्ष 15.63 अरब डॉलर की तुलना में 18.07 अरब डॉलर का दवा

बीजिंग भी कोरोना संक्रमण के दायरे में, 10 स्टूडेंट्स कोरोना संक्रमित मिले

बीजिंग भी कोरोना संक्रमण के दायरे में, 10 स्टूडेंट्स कोरोना संक्रमित मिले

हे.जा.स. April 23 2022 26381

चीन की राजधानी बीजिंग में मिडिल स्कूल के 10 स्टूडेंट्स कोरोना वायरस से संक्रमित मिले हैं। इसे लेकर च

विश्व ओआरएस दिवस पर लोहिया में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित

विश्व ओआरएस दिवस पर लोहिया में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित

हुज़ैफ़ा अबरार July 30 2026 1113

अतिसार की रोकथाम सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता तथा प्रत्येक अतिसार प्रकरण में ओआरएस एवं जिंक के उपयोग की

बच्चों में रीढ़ की हड्डी की समस्या से बचाव के लिए समय पर पहचान ज़रूरी: डा. श्वेताभ

बच्चों में रीढ़ की हड्डी की समस्या से बचाव के लिए समय पर पहचान ज़रूरी: डा. श्वेताभ

हुज़ैफ़ा अबरार September 20 2025 12530

Health health news Early identification is essential to prevent spinal problems in children Dr Shwet

Login Panel