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लखनऊ। टीबी को हराने के लिए समय पर बीमारी की पहचान जरूरी है। यह जन सहभागिता से मुमकिन है। टीबी के लक्षण (symptoms of TB) और उसकी गंभीरता को जन-जन तक पहुंचाकर बीमारी को खत्म करने के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर सकते हैं।
वहीं एक कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक (Deputy CM Brajesh Pathak) ने कहा कि यूपी में मरीजों की सुविधाओं के लिए 2500 केंद्रों टीबी जांच (TB test) और इलाज की सुविधा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर मेडिकल संस्थान (medical institute) तक शामिल हैं। सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच मुफ्त हो रही है। टीबी की सटीक जांच के लिए 150 सीबी नॉट मशीनें स्थापित की गई हैं। 448 ट्रूनॉट मशीन भी लगाई गई हैं।
साथ ही उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश से टीबी को खात्मा तय समय पर होगा। प्रधानमंत्री के निर्देशन में टीबी मुक्त भारत बनाना है। उन्होंने कहा कि टीबी के सफाए के लिए समय पर बीमारी की पहचान जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग health (Department) इस काम को बखूबी निभा रहा है। मौजूदा समय में यूपी में करीब पांच लाख 23 हजार टीबी के मरीज हैं।
टीबी के लक्षण- symptoms of TB







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