











































लखनऊ में राज्य कुष्ठ अधिकारी डॉ जया देहलवी के नेतृत्व में फन मॉल में नुक्कड़ नाटक का आयोजन
लखनऊ। फार्मेसिस्ट फेडरेशन लखनऊ द्वारा कुष्ठ रोग के प्रति समाज में फैली भ्रांतियों, डर और भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान प्रत्येक वर्ष 30 जनवरी से 13 फरवरी तक पूरे देश में चलाया जा रहा है, इस वर्ष कुष्ठ जागरूकता पखवाड़े की थीम “कुष्ठ के प्रति कलंक और भेदभाव समाप्त करना तथा गरिमा सुनिश्चित करना” रखी गई है। अभियान के अंतर्गत कुष्ठ के शुरुआती मामलों की शीघ्र पहचान, समय पर उपचार एवं पूर्ण इलाज सुनिश्चित करने के साथ-साथ विकलांगता की रोकथाम एवं प्रबंधन की रणनीतियों को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसी क्रम में फार्मेसिस्ट फेडरेशन ने देश एवं प्रदेश के समस्त फार्मासिस्टों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएँ और आम जनता को कुष्ठ रोग के बारे में सही एवं वैज्ञानिक जानकारी देकर जागरूक करें।
फार्मेसिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि कुष्ठ रोग पूरी तरह से इलाज योग्य है तथा सरकार द्वारा इसका निःशुल्क एवं प्रभावी उपचार (MDT – मल्टी ड्रग थेरेपी) सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध है। समय पर पहचान और नियमित उपचार से रोग पूरी तरह ठीक हो जाता है और रोगी सामान्य जीवन जी सकता है। यह जानना आवश्यक है कि रोगी द्वारा प्रथम खुराक लेने के बाद संक्रमण फैलाने की संभावना 99 प्रतिशत कम हो जाती है।
फेडरेशन की वैज्ञानिक समिति के चेयरमैन डॉ हरलोकेश ने स्पष्ट किया कि कुष्ठ रोग किसी को छूने, साथ बैठने, भोजन करने या सामान्य सामाजिक संपर्क से नहीं फैलता। इसके बावजूद समाज में फैली गलत धारणियों के कारण कुष्ठ रोगियों को आज भी भेदभाव, उपेक्षा और सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ता है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। फार्मेसिस्ट फेडरेशन ने सभी फार्मासिस्टों, स्वास्थ्यकर्मियों और सामाजिक संगठनों से आग्रह किया है कि वे:
जनता को कुष्ठ रोग के लक्षण, उपचार और रोकथाम की सही जानकारी दें।
कुष्ठ रोगियों के प्रति सहानुभूति, सम्मान और सहयोग का भाव विकसित करें।
भेदभाव और सामाजिक कलंक के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाएँ संदिग्ध मामलों में लोगों को नज़दीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुँचने के लिए प्रेरित करें ।
फेडरेशन का मानना है कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य तंत्र की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और आम जनता से उनका सीधा संपर्क होता है, इसलिए वे कुष्ठ उन्मूलन एवं सामाजिक जागरूकता में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
अंत में फार्मेसिस्ट फेडरेशन ने यह संदेश दिया कि कुष्ठ रोग से डरें नहीं, भेदभाव न करें, इलाज अपनाएँ और सम्मान दें।
सामूहिक प्रयासों से ही कुष्ठ मुक्त एवं भेदभाव मुक्त समाज का निर्माण संभव है।
फेडरेशन के महामंत्री अशोक कुमार, ने बताया कि जनपद शाखाओं और सभी विंग्स द्वारा अलग अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें पंपलेट, पोस्टर, नुक्कड़ नाटक आदि प्रमुख हैं । फार्मेसी शिक्षण संस्थानों में भी जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं ।
लखनऊ में राज्य कुष्ठ अधिकारी डॉ जया देहलवी के नेतृत्व में फन मॉल में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया जिसमें विभागीय अधिकारियों के साथ फेडरेशन की तरफ से खूब सिंह और यूथ फार्मेसिस्ट फेडरेशन के उपाध्यक्ष अजीत, सचिव राहुल, अवधेश आदि उपस्थित रहे ।







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 399
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4753
एस. के. राणा January 20 2026 0 4641
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4585
एस. के. राणा January 13 2026 0 4403
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4333
एस. के. राणा February 01 2026 0 3962
एस. के. राणा February 04 2026 0 3752
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86826
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34714
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37936
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35413
लेख विभाग March 19 2022 0 35007
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72455
स्वास्थ्य मंत्री जैन ने बताया कि ‘‘बेहद कम’’ संख्या में बच्चे कोरोना वायरस की चपेट में आ रहे हैं और
एक मुफ्त यूनानी चिकित्सा कैंप का आयोजन अल हुदा मॉडल इंटर कालेज त्रिवेणी नगर, सीतापुर रोड, लखनऊ में क
कंपनी का कहना है कि वह जल्द ही मोलनुपिरवीर के क्लीनिकल ट्रायल से सम्बंधित आंकड़े समीक्षा के लिए संयु
पीरियड्स के दौरान अस्वस्थ महसूस करना कोई असामान्य बात नहीं है, लेकिन बुखार का अनुभव करने से स्थिति औ
क़रीब 70 देशों में संक्रमण के मामलों में वृद्धि हो रही है और यह ऐसे समय में हो रहा है जब परीक्षण दरो
एक अध्ययन में दावा किया गया है कि जो लोग कोरोना को मात दे चुके हैं और कोविशील्ड की दोनों टीके लगवा च
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक 26 मार्च को दिल्ली में कोरोना के 15
सेना चिकित्सा कोर की परंपरा को बनाए रखने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने अधिकारियों को ऑफिस
शहर के सरकारी में स्क्रब टाइफस की जांच की सुविधा ही नहीं है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस साल
गोरखपुर में करीब 33 हजार से अधिक टीबी के नए मरीज मिले हैं। इनमें से करीब 50 फीसदी मरीजों का इलाज निज

COMMENTS