











































वाशिंगटन, एएनआइ। अमेरिका स्थित बच्चों के राष्ट्रीय अस्पताल में हुए एक हालिया अध्ययन में पाया गया कि गर्भावस्था के दौरान तनाव (stress), चिंता (anxiety) व अवसाद (anxiety) ज्यादा होने से भ्रूण के मस्तिष्क में बदलाव आता है। इसके कारण जन्म के 18 महीने होने पर शिशु के संज्ञानात्मक (cognitive development) विकास में बाधा आती है।
यह शोध निष्कर्ष जेएएमए (JAMA) नेटवर्क नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं ने 97 गर्भवती महिलाओं व उनके बच्चों के एक समूह को अध्ययन में शामिल किया था। इस दौरान पाया गया कि भ्रूण के मस्तिष्क (fetal brain) में बदलावों ने किसी भी विचार अथवा अवधारणा को स्वीकार करने में कमी लाने के साथ-साथ उपापचय (metabolic), शारीरिक या मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया के नियमन को भी नुकसान पहुंचाया।
अध्ययन के निष्कर्ष में बताया गया है कि जन्म के बाद बच्चे का मनोवैज्ञानिक (psychological) संकट लगातार बढ़ता जाता है। इसके कारण माता-पिता के साथ उसकी बातचीत व स्वनियमन (self-regulation) की प्रक्रिया में भी बाधा पैदा हो सकती है।
बच्चों के राष्ट्रीय अस्पताल स्थित डेवलपिंग ब्रेन इंस्टीट्यूट (Developing Brain Institute) की निदेशक व अध्ययन की वरिष्ठ लेखिका कैथरीन लिम्परोपोलोस के अनुसार, 'गंभीर मनोवैज्ञानिक समस्या से पीड़ित महिलाओं को चिन्हित करते हुए डाक्टर उन शिशुओं की पहचान कर सकते हैं, जिन्हें बाद में तंत्रिका के विकास से संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में प्रभावित बच्चों को समय पर चिकित्सकीय लाभ दिया जा सकता है।'







हुज़ैफ़ा अबरार October 04 2026 0 112
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 553
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 420
हुज़ैफ़ा अबरार October 04 2026 0 112
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9744
एस. के. राणा January 20 2026 0 5936
एस. के. राणा February 01 2026 0 5929
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5572
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5551
एस. के. राणा January 13 2026 0 5117
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 5054
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87456
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35624
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38608
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36106
लेख विभाग March 19 2022 0 35679
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73526
अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल्स के एमडी और सीईओ, डॉ. मयंक सोमानी ने इस अवसर पर कहा, “अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल,
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ऑपरेशन से पहले कोरोना जांच के बाद चार मरीज संक्रमित पाए गए
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर के 5505 पदों पर भर्ती करेगा और इसमें आर
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च 2020 को मिला था। इसके बाद से प्रदेश में संक्रमण का
'मौतों की 12 वीं सबसे बड़ी वजह रहे स्ट्रोक्स के मामले बढ़ने के बाद अब ये भारत में मौतों की पांचवीं स
केंद्र द्वारा डेंगू की रोकथाम के लिए विशेषज्ञों का दल भेजने का निर्णय लिया गया है। इस दल में राष्ट्र
शुक्राणु की कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने वाले इस डाइट चार्ट को अपनाकर आप न सिर्फ रोग को दूर भग
देश में कोरोना के मामलों में गिरावट अभी भी जारी है। लगातार दूसरे दिन कोरोना के नए मामले 15 हजार से क
सुबह के समय पार्क या घर में व्यायाम करें। व्यायाम करने से आपका शरीर सुडौल बना रहता है और रक्तसंचार अ
अगर आप भी गर्मियों में लो फील करने लगे हैं तो आसान तरीके से तरबूज का जूस बनाकर पी सकते हैं। ये जितना

COMMENTS