देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

ओमिक्रॉन वैरिएंट कोरोना के डेल्टा स्ट्रेन की तुलना में 70 गुना अधिक तेजी से संक्रमण फैला सकता है: शोध

अध्ययन में ओमिक्रॉन वैरिएंट को संक्रामक तो अधिक पाया गया लेकिन इसे बहुत खतरनाक नहीं माना जा रहा है।

लेख विभाग
December 16 2021 Updated: December 16 2021 22:50
0 25652
ओमिक्रॉन वैरिएंट कोरोना के डेल्टा स्ट्रेन की तुलना में 70 गुना अधिक तेजी से संक्रमण फैला सकता है: शोध प्रतीकात्मक

कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट दुनियाभर के स्वास्थ्य संगठनों और वैज्ञानिकों के लिए गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है। अब तक हुए अध्ययनों में वैज्ञानिक इस वैरिएंट को काफी संक्रामक मान रहे हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई देशों में ओमिक्रॉन वैरिएंट ने दोबारा से लॉकडाउन जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट से बचाव के लिए सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है, यह उन लोगों को भी संक्रमित कर सकता है जिनका पूरी तरह से टीकाकरण हो चुका है।

इस बीच ओमिक्रॉन वैरिएंट की संक्रामता और गंभीरता को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की एक टीम ने बड़ा खुलासा किया है। अध्ययन के अनुसार, कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट, डेल्टा और मूल कोविड-19 स्ट्रेन की तुलना में 70 गुना अधिक तेजी से संक्रमण फैला सकता है, हालांकि इससे बीमारी के गंभीर रूप लेने का खतरा काफी कम देखा गया है। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने जानने की कोशिश की है कि यह नया वैरिएंट शरीर के किन अंगों को ज्यादा प्रभावित कर सकता है, आइए इस बारे में आगे की स्लाइडों में विस्तार से जानते हैं। 

बेहद संक्रामक है कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट
हांगकांग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट की संक्रामता और गंभीरता को जानने के लिए अध्ययन किया। वैज्ञानिकों का कहना है कि अध्ययन में इस वैरिएंट को अब तक के तमाम कोरोना वैरिएंट्स से कहीं अधिक संक्रामक पाया गया है। यह मनुष्यों के ब्रोन्कस में डेल्टा और अन्य वैरिएंट्स की तुलना में 70 गुना अधिक तेजी से अपने आप को बढ़ा सकता है। ब्रोन्कस, निचले श्वसन पथ में स्थित एक वायुमार्ग है जिससे फेफड़ों में हवा का संचालन होता है।

ओमिक्रॉन वैरिएंट का फेफड़ों पर असर
अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि कोरोना के डेल्टा और अन्य वैरिएंट्स की तुलना में ओमिक्रॉन वैरिएंट का असर फेफड़ों पर कम देखा गया है, यही कारण है कि इससे होने वाला संक्रमण ज्यादा गंभीर रूप नहीं ले रहा है। इसके लिए शोधकर्ताओं ने श्वसन पथ के एक्स-विवो कल्चर को लेकर अध्ययन किया जिससे यह पता लगाया जा सके कि अन्य वैरिएंट्स की तुलना में ओमिक्रॉन वैरिएंट का संक्रमण और रोग की गंभीरता भिन्न क्यों है?

ओमिक्रॉन वैरिएंट के संक्रमण की गंभीरता कम
हांगकांग विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर माइकल चैन ची-वाई और उनकी टीम द्वारा किए गए इस अध्ययन में ओमिक्रॉन वैरिएंट को संक्रामक तो अधिक पाया गया लेकिन इसे बहुत खतरनाक नहीं माना जा रहा है। शोधकर्ताओं ने बताया कि संक्रमण के 24 घंटे बाद, ओमिक्रॉन वैरिएंट, डेल्टा और मूल सार्स-सीओवी-2 वायरस की तुलना में लगभग 70 गुना अधिक तेजी से अपने आप को बढ़ाना शुरू कर देता है।  फिलहाल अच्छी बात यह है कि अन्य वैरिएंट्स की तुलना में मानव फेफड़े के ऊतकों को यह 10 गुना कम प्रभावित करता है, जिसके कारण बीमारी के गंभीर रूप लेने का जोखिम भी कम पाया गया है। 

क्या है अध्ययन का निष्कर्ष?
अध्ययन के निष्कर्ष में प्रोफेसर माइकल चैन कहते हैं, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मनुष्यों में बीमारी की गंभीरता न केवल वायरस प्रतिकृति द्वारा निर्धारित की जाती है, बल्कि संक्रमण के लिए होस्ट इम्यून रिस्पॉस का ध्यान रखना भी आवश्यक है। इसके अलावा यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि भले ही कोई वायरस स्वयं में कम रोगजनक हो लेकिन अधिक लोगों को संक्रमित करने से वह अधिक संक्रामक बीमारी और मृत्यु का कारण बन सकता है। ओमिक्रॉन वैरिएंट की गंभीरता भले ही कम है लेकिन इसका तेजी से बढ़ना गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है, जिसपर नियंत्रण करना बहुत जरूरी है।  

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

समझिये सामान्य वायरल फीवर और कोरोना का अंतर।

समझिये सामान्य वायरल फीवर और कोरोना का अंतर।

लेख विभाग September 22 2021 28765

सामान्य बुखार की अवधि अधिक से अधिक एक हफ्ता होती है और एक हफ्ते बाद उपचार या बगैर उपचार के यह वायरल

दूध के साथ इन चीजों को खाने से शरीर को हो सकता है भारी नुकसान

दूध के साथ इन चीजों को खाने से शरीर को हो सकता है भारी नुकसान

श्वेता सिंह September 14 2022 34532

आयुर्वेद के मुताबिक अगर हम गलत फूड के साथ दूध का सेवन करते हैं तो ये हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद हान

स्वामी रामदेव के खिलाफ दिल्ली के रेजीडेंट चिकित्सकों का ‘काला दिवस’ प्रदर्शन।

स्वामी रामदेव के खिलाफ दिल्ली के रेजीडेंट चिकित्सकों का ‘काला दिवस’ प्रदर्शन।

एस. के. राणा June 02 2021 27267

एम्स आरडीए ने एक बयान में कहा कि रामदेव की ऐसी ‘‘अपमानजक टिप्पणियां स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के खिलाफ

एक्शन में सीएम योगी, 42 डॉक्टरों के तबादले किए रद्द 

एक्शन में सीएम योगी, 42 डॉक्टरों के तबादले किए रद्द 

आरती तिवारी August 20 2022 30909

शासन स्तर से गलत तरीके से किए गए तबादले को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्वास्थ्य महानिदेशा

H3N2 इन्फ्लूएंजा के बढ़े मामले, डॉ. रणदीप गुलेरिया बोले- टीकाकरण पर जोर देना जरूरी

H3N2 इन्फ्लूएंजा के बढ़े मामले, डॉ. रणदीप गुलेरिया बोले- टीकाकरण पर जोर देना जरूरी

एस. के. राणा March 14 2023 25526

डॉ. गुलेरिया ने कहा कि दूसरा विकल्प उच्च जोखिम वाले समूह को अलग रखना है। जैसे कि बुजुर्ग और अन्य बी

बार-बार मुंह सूखता है तो ना करें इग्नोर

बार-बार मुंह सूखता है तो ना करें इग्नोर

लेख विभाग January 18 2023 28928

मौसम में अगर गर्मी ज्यादा हो तो प्यास बार-बार लगना लाजमी होता है लेकिन अगर मौसम सामान्य होने के बाद

विश्व सीलिएक डिजीज अवेयरनेस डे पर मेदांता हॉस्पिटल में हुआ जागरूकता कार्यक्रम

रंजीव ठाकुर May 17 2022 42335

सीलिएक रोग एक इम्यून रिएक्शन है जो कि ग्लूटेन युक्त आहार ( गेंहू, जौ, और राई ) खाए जाने पर रोग प्रति

ड्रग डिस्ट्रक्शन डे के मौके पर पूरे देश में नष्ट किया जाएगा नशीला पदार्थ 

ड्रग डिस्ट्रक्शन डे के मौके पर पूरे देश में नष्ट किया जाएगा नशीला पदार्थ 

विशेष संवाददाता June 07 2022 28295

'आजादी का अमृत महोत्सव' समारोह के एक प्रतिष्ठित सप्ताह के एक भाग के रूप में मनाया जाएगा। मंत्रालय ने

धूप के कारण काली पड़ी स्किन के लिए बेहद असरदार है नारियल का तेल

धूप के कारण काली पड़ी स्किन के लिए बेहद असरदार है नारियल का तेल

admin September 29 2022 42746

इस तेल में सूरज की हानिकारक किरणों से सुरक्षा प्रदान करने वाला विटामिन डी भी मौजूद होता है। नारियल क

चमकदार त्वचा के ल‍िए प्रयोग करें पपीते का तेल

चमकदार त्वचा के ल‍िए प्रयोग करें पपीते का तेल

श्वेता सिंह September 18 2022 33006

इसके बीजों से तेल निकाला जाता है और यह तेल स्किन की लगभग सभी समस्याओं को दूर करने में मददगार साबित ह

Login Panel