











































गोरखपुर जिला अस्पताल
गोरखपुर। बदल रहे मौसम में बच्चे निमोनिया के साथ डायरिया का शिकार हो रहे हैं। इसकी वजह से बच्चों की बीमारी की गंभीरता बढ़ती जा रही है। गोरखपुर के जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग (Department of Pediatrics) में इन दिनों 50 फीसदी से अधिक बच्चे सिर्फ निमोनिया (pneumonia) का शिकार हैं।
जिला चिकित्सालय (District hospital) की ओपीडी (OPD) से लेकर यहां भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या भी काफी तेजी से बढ़ी है। जिला अस्पताल के साथ ही बीआडी मेडिकल कॉलेज (BRD Medical College) एम्स (AIIMS) और निजी अस्पतालों (private hospitals) में भी बाल रोग विशेषज्ञों (pediatricians) के पास निमोनिया पीड़ित बच्चों की लंबी कतार लग रही है। ज्यादातर बच्चों में तेज बुखार (high fever), खांसी, सीने में जकड़न, सांस फूलने और पसलियों के चलने के लक्षण सामने आ रहे हैं। कुछ बच्चों को उल्टी-दस्त (vomiting diarrhea) भी हो रहा है।
गोरखपुर जिला अस्पताल (Gorakhpur District Hospital) के SIC डॉ. राजेंद्र ठाकुर ने बताया, तापमान में बदलाव की वजह से इन दिनों निमोनिया की शिकायत बढ़ी है। इसका ज्यादा असर छोटे बच्चों पर पड़ता है। जिला असपताल में इसे लेकर पर्याप्त व्यवस्था की गई है।







हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 672
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 0
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4011
एस. के. राणा January 20 2026 0 3906
एस. के. राणा January 13 2026 0 3892
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3892
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3577
एस. के. राणा February 01 2026 0 3248
एस. के. राणा February 04 2026 0 3122
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86406
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34126
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37278
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35007
लेख विभाग March 19 2022 0 34489
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71783
स्तनपान सप्ताह के अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनीसेफ़ ने एक संयुक्त वक्तव्य जारी करते हुए सभी
मेडिकल डायरेक्टर एवं यूरोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी के निदेशक डॉ. राकेश कपूर ने कहा कि ओ-आर्म
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘बहुत कम समय में ऑक्सीजन के उत्पादन को 10 गुना बढ़ाया गया। जरूरी दवाओं का
दो दिवसीय मर्म चिकित्सा के साथ ही एक दिवसीय योग महोत्सव का आयोजन परमार्थ निकेतन में किया जा रहा है त
स्मार्ट और डिफरेंट लुक पाने के लिए ज्यादातर लोग अलग-अलग हेयर स्टाइल ट्राई करना पसंद करते हैं। वहीं घ
कोरोना काल में लोग चिंता और अवसाद से भी ग्रसित हुए हैं | इन समस्याओं से निजात पाने के चक्कर में वह अ
गाइडलाइन के मुताबिक अगर बच्चे को तीन दिन से ज्यादा बुखार आ रहा है या परिवार में किसी को कोरोना हुआ ह
भारत में मृत्यु दर में भारी गिरावट आई है, यह स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई प्रगति का एक और प्रमाण है।
जब आप मु्ल्तानी मिट्टी में शहद मिलाकर लगाते हैं तो इससे स्किन की कई समस्याओं में छुटकारा मिलता है। च
डॉक्टर आरएन सिंह इंसेफेलाइटिस उन्मूलन अभियान के चीफ कैंपनर हैं और मेडिकल फील्ड में उन्हें 50 साल हो

COMMENTS