देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

गर्भावस्था में क्या-क्या खाएं ।

ज़्यादातर महिलाओं को ये पता नहीं होता कि प्रेग्नेंसी में उन्हें क्या और कितना खाना चाहिए। सर्वे में पाया गया कि मां बनने वाली महिलाओं में से मात्र एक तिहाई को ही इस सवाल का सही जवाब पता था।

लेख विभाग
July 17 2021 Updated: July 18 2021 02:15
0 48723
गर्भावस्था में क्या-क्या खाएं । प्रतीकात्मक

ब्रिटेन की नेशनल चैरिटी पार्टनरशिप की तरफ़ से कराए गए एक सर्वे के नतीज़े इस ओर इशारा करते हैं कि ज़्यादातर महिलाओं को ये पता नहीं होता कि प्रेग्नेंसी में उन्हें क्या और कितना खाना चाहिए। सर्वे में पाया गया कि मां बनने वाली महिलाओं में से मात्र एक तिहाई को ही इस सवाल का सही जवाब पता था।

ब्रिटेन में लोगों के स्वास्थ्य पर नज़र रखने वाली एजेंसी 'नाइस' (NICE)की सलाह के मुताबिक गर्भावस्था के पहले छह महीने में महिलाओं को अतिरिक्त कैलोरी की ज़रूरत नहीं पड़ती है। लेकिन प्रेग्नेंसी के आख़िरी तीन महीनों में महिलाओं को हर दिन 200 कैलोरी एक्स्ट्रा लेना चाहिए। आईये जानते हैं इसी महत्वपूर्ण प्रश्न का उत्तर। 

    1. डेयरी उत्पाद
    शिशु के विकास के लिए ज्यादा प्रोटीन और कैल्शियम की जरूरत होगी। 19 से 50 साल तक की उम्र वाली गर्भवती महिला के शरीर को रोजाना 1,000mg कैल्शियम की जरूरत होती है। इसलिए, आप अपने खान-पान में डेयरी उत्पादों को जरूर शामिल करें। दही, छाछ व दूध आदि जैसे डेयरी उत्पाद गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए फायदेमंद होते हैं। ध्यान रहे कि गर्भवती महिला को पॉश्चरीकृत डेयरी उत्पादों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। कैल्शियम के लिए डेयर उत्पाद जरूर खाएं, लेकिन स्किम्ड मिल्क और कम वसा वाले दही का सेवन करें।

    2. ब्रोकली और हरी पत्तेदार सब्जियां
    गर्भवती महिलाओं को अपने खान-पान में हरी पत्तेदार सब्जियां जरूर शामिल करनी चाहिए। इसलिए, आप पालक, पत्तागोभी, ब्रोकली (एक प्रकार की गोभी), आदि सब्जियां जरूर खाएं। पालक में मौजूद आयरन गर्भावस्था के दौरान खून की कमी को दूर करता है।

    3. सूखे मेवे
    गर्भावस्था में सूखे मेवों को भी अपने खान-पान में शामिल करें। मेवों में कई तरह के विटामिन, कैलोरी, फाइबर व ओमेगा 3 फैटी एसिड आदि पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए अच्छे होते हैं। अगर आपको एलर्जी नहीं है, तो अपने खान-पान में काजू, बादाम व अखरोट आदि को शामिल करें। अखरोट में भरपूर मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है। इसके अलावा, बादाम और काजू भी गर्भावस्था में फायदा पहुंचा सकते हैं।

    4. शकरकंद
    गर्भावस्था में शकरकंद (स्वीट पोटैटो) खाना भी फायदेमंद हो सकता है। इसमें विटामिन-ए होता है, जो शिशु की देखने की शक्ति को विकसित करने में अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा, इसमें विटामिन-सी, फोलेट और फाइबर भी होता है।

    4. फल और फलों का जूस
    गर्भावस्था में महिला को तरह-तरह के मौसमी फल खाने चाहिए। हो सके तो उन्हें संतरा, तरबूज व नाशपाती आदि जैसे फलों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए। इसके अलावा, इन फलों का रस भी पी सकती हैं। दरअसल, गर्भवती महिला को अलग-अलग चार रंगों के फल खाने की सलाह दी जाती है। वसा और कैलोरी में उच्च खाद्य पदार्थों की जगह रोज फल व सब्जियों के कम से कम पांच हिस्से खाएं। साथ ही पैकेड फ्रूट जूस का सेवन नहीं करना चाहिए।

    5. साबूत अनाज
    गर्भावस्था के दौरान साबूत अनाज को अपने आहार में जरूर शामिल करें। खासतौर पर गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान साबूत अनाजों का सेवन फायदेमंद होता है। इससे आपको भरपूर कैलोरी मिलती है, जो गर्भ में शिशु के विकास में मदद करती है। आप साबूत अनाज के तौर पर ओट्स, किनोआ व भूरे चावल आदि को अपने आहार में शामिल कर सकती हैं। इन अनाजों में प्रोटीन की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा, इनमें फाइबर, विटामिन-बी और मैग्नीशियम भी मौजूद होता है, जो गर्भावस्था में फायदा पहुंचा सकते हैं।
    हमेशा कम वसा वाला आहार खाएं, ताकि प्रतिदिन की कैलोरी की मात्रा में अधिक वृद्धि न हो। जितना हो सके कम तले भोजन का सेवन करें। संभव हो तो तले हुए भोजन से दूरी ही बनाकर रखें। साथ ही ऐसे पेय पदार्थों से बचें, जिनमें अतिरिक्त शक्कर होती है। मिठाई, केक और बिस्कुट में उच्च वसा और चीनी की मात्रा होती है।

    8. अंडा
    अंडा पौष्टिक तत्वों का खजाना होता है। रोज अंडा खाने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। इसलिए, गर्भवती महिलाओं को भी अपने आहार में अंडे को शामिल करना चाहिए। अंडे में प्रोटीन, कोलीन, बायोटीन, कोलेस्ट्रोल, विटामिन-डी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसके अलावा एक बड़े अंडे में 77 कैलोरी ऊर्जा होती है। इसलिए, अंडे को गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद माना गया है।

    9. बिना वसा का मांस
    अगर गर्भवती महिला मांसाहारी है, तो उन्हें अपने खान-पान में मीट को शामिल करना चाहिए। मांस में भरपूर मात्रा में लौह तत्व (आयरन), जिंक और विटामिन-बी12 होता है। अक्सर गर्भवती महिलाओं के शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, तो इसकी वजह से उनके खून में हीमोग्लोबिन का स्तर गिरने लगता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के लिए मांस का सेवन लाभदायक साबित हो सकता है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं को बिना वसा वाले मांस को ही अपने खान-पान में शामिल करना चाहिए।

    10. ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
    हर व्यक्ति को दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को तो इस नियम का ज्यादा कड़ाई से पालन करना चाहिए। उन्हें पानी की कमी से सिरदर्द, थकान व कब्ज आदि जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, गर्भवती महिलाओं को हमेशा खुद को हाइड्रेट रखने की सलाह दी जाती है।

    12. बेर की प्रजाति के फल
    गर्भावस्था में बेर की प्रजाति वाले फलों का सेवन भी फायदेमंद माना जाता है। इनमें भरपूर मात्रा में पानी, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन-सी होता है, जो गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए जरूरी होता है। इसलिए, गर्भवती महिला को अपने खान-पान में स्ट्रॉबेरी, रास्पबेरी व ब्लैकबेरी आदि फलों को शामिल करना चाहिए।

    13. फलियां
    गर्भावस्था में फलियों का सेवन जरूर करना चाहिए। इनमें फोलेट, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम व फाइबर आदि मौजूद होते हैं, जिन्हें गर्भावस्था के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसलिए, गर्भवती महिलाओं को मटर, चना व सोयाबीन आदि खाने की सलाह दी जाती है।

    6. एवोकाडो
    एवोकाडो ऐसा फल है, जिसे हर गर्भवती महिला को खाने की सलाह दी जाती है। इसमें भरपूर मात्रा में फोलेट होता है, जो गर्भ में पल रहे शिशु के मस्तिष्क और उसकी रीढ़ की हड्डी के विकास के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसके अलावा, एवोकैडो में विटामिन-के, पोटैशियम, कॉपर, मोनोअनसैचुरेटेड फैट व विटामिन-ई आदि भी मौजूद होता है। इसलिए, गर्भवती महिला को रोजाना एक एवोकाडो खाने की सलाह दी जाती है। 

    7. कॉड लीवर तेल
    गर्भावस्था में कॉड लीवर तेल का सेवन भी फायदेमंद होता है। यह तेल कॉड मछली के लीवर से बनाया जाता है। इसमें प्रचुर मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड, विटामिन-डी और विटामिन-ए होता है, जिन्हें शिशु की आंखों और दिमाग के विकास के लिए जरूरी माना जाता है। इसके अलावा, कॉड लीवर तेल गर्भ में पल रहे शिशु को टाइप-1 मधुमेह के खतरे से भी बचा सकता है। एक शोध में यह साबित हुआ है कि जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान कॉड लीवर तेल का सेवन करती हैं, उनके शिशु को मधुमेह होने का खतरा कम होता है। ध्यान रखें कि गर्भावस्था में उतनी ही मात्रा में कॉड लीवर तेल का सेवन करें, जिससे आपके शरीर को 300 माइक्रोग्राम विटामिन-ए और 100 माइक्रोग्राम विटामिन-डी की आपूर्ति हो जाए। इससे ज्यादा मात्रा में कॉड लीवर तेल का सेवन करने से भ्रूण को नुकसान पहुंच सकता है।



    WHAT'S YOUR REACTION?

    • 1
    • 0
    • 0
    • 0
    • 0
    • 0
    • 0

    RELATED POSTS

    COMMENTS

    श्रीलंका में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की भरी कमी, राष्ट्रीय चिकित्सा संघ ने चेताया  

    श्रीलंका में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की भरी कमी, राष्ट्रीय चिकित्सा संघ ने चेताया  

    हे.जा.स. April 09 2022 35952

    श्रीलंका मेडिकल एसोसिएशन ने राजपक्षे को लिखे पत्र में कहा कि अस्पतालों ने चिकित्सा सामग्री के उपयोग

    चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ उप्र ने खिचड़ी भोज का आयोजन किया

    चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ उप्र ने खिचड़ी भोज का आयोजन किया

    हुज़ैफ़ा अबरार January 22 2023 26260

    चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ उप्र के तत्वावधान में आज  बलरामपुर चिकित्सालय में खिचड़ी भोज का आयोजन किया

    दिमाग की तरंगों को वाक्यों में बदल देती हैं न्यूरोप्रोस्थेटिक डिवाइस

    दिमाग की तरंगों को वाक्यों में बदल देती हैं न्यूरोप्रोस्थेटिक डिवाइस

    हे.जा.स. November 11 2022 28243

    नेचर कम्युनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित नई स्टडी बताती है कि वे अब अंग्रेजी वर्णमाला के 26 अक्षरों को

    कैंसर को लेकर पूरी दुनिया में चुनौतीपूर्ण स्थिति बनी

    कैंसर को लेकर पूरी दुनिया में चुनौतीपूर्ण स्थिति बनी

    हे.जा.स. February 03 2023 25255

    डब्ल्यूएचओ के अनुसार कैंसर की घटनाओं की रिपोर्ट में यदि इसी प्रकार वृद्धि जारी रही तो 2040 तक कैंसर

    चीन में बीते दिन कोविड-19 के 9000 के पार केस आए सामने

    चीन में बीते दिन कोविड-19 के 9000 के पार केस आए सामने

    हे.जा.स. November 11 2022 22221

    चीन में कोरोना का कहर जारी है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान चीन में 9005 नए मामले

    एंबुलेंस चालकों की हड़ताल से मरीज़ हलकान। 

    एंबुलेंस चालकों की हड़ताल से मरीज़ हलकान। 

    हुज़ैफ़ा अबरार July 27 2021 20247

    सोमवार सुबह से एंबुलेंस कर्मी हड़ताल पर चले गए। इसे लेकर सभी एंबुलेंस का चक्का जाम हो गया। कॉल सेंटर

    दिल्ली में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामले

    दिल्ली में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामले

    एस. के. राणा March 26 2023 26952

    दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक 26 मार्च को दिल्ली में कोरोना के 15

    केरल के प्राइवेट स्कूल में मिले नोरोवायरस के मामले

    केरल के प्राइवेट स्कूल में मिले नोरोवायरस के मामले

    विशेष संवाददाता January 25 2023 24359

    निजी स्‍कूल में प्राथमिक कक्षा के बच्‍चों में उल्टी और दस्त जैसे लक्षण दिखने के बाद इस बीमारी की पुष

    एंटीबायोटिक्स के दुरुपयोग की वजह से हर साल मर रहे लाखों मरीज़

    एंटीबायोटिक्स के दुरुपयोग की वजह से हर साल मर रहे लाखों मरीज़

    हे.जा.स. January 21 2022 23511

    एंटीबायोटिक्स का दुरुपयोग रोकने के लिए सभी प्रमुख चिकित्सक कई वर्षों से चेता रहे हैं, लेकिन दुरुपयोग

    हाइपोग्लाइसीमिया के कारण, लक्षण और बचाव के बारे में जानिए डॉ विकास मस्करा से

    हाइपोग्लाइसीमिया के कारण, लक्षण और बचाव के बारे में जानिए डॉ विकास मस्करा से

    लेख विभाग March 24 2022 40568

    भोजन करने के 8 घंटे पश्चात या खाली पेट, रक्त में ग्लूकोज़ का स्तर 80 मिली ग्राम प्रति डेसी लिटर रहता

    Login Panel