











































केजीएमयू
लखनऊ। केजीएमयू (KGMU) में अब प्रसूताओं को पंजीकरण और प्रोसीजर जैसे शुल्क से छूट मिलेगी। इसके साथ ही उनको ब्लड मैचिंग जैसे कई शुल्क जमा करने से भी राह दी जाएगी। साथ ही उनको ब्लड मैचिंग (blood matching) जैसे कई शुल्क जमा करने से भी राहत दी जाएगी।
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन ने केंद्र सरकार से जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत विशिष्ट बजट देने की मांग की है। यह बजट आने पर प्रसूताओं का ज्यादातर शुल्क माफ हो जाएगा। फिलहाल के लिए केजीएमयू प्रशासन ने कुछ शुल्क न लेकर उनको राहत देने का प्रयास किया है।
केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि जननी शिशु सुरक्षा (child safety) कार्यक्रम के केंद्र सरकार की ओर से सरकारी अस्पतालों को सामान्य प्रसव पर चार सौ और सिजोरियन के मामलों में प्रति केस तीन हजार रुपये की प्रतिपूर्ति की जाती है। केजीएमयू में जो मामले आते हैं वे बेहद बिगड़े हुए होते हैं। इससे इस राशि में किसी भी प्रसूता का इलाज (maternity treatment) नहीं हो पाता है और मरीजों तो खर्च वहन करना पड़ता है।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1526
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 994
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 784
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3612
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
डायरिया आमतौर पर, जठरांत्र संक्रमण (gastrointestinal infection) का लक्षण है, जो कि विभिन्न तरह के वा
मॉडर्ना ने कोविड वैक्सीन निर्माता कंपनियों फाइजर और बायोएनटेक पर मुकदमा दर्ज किया है। मॉडर्ना ने अपन
महानिदेशक ने मांग पत्र पर गौर करते हुए, बीएससी नर्सिंग पोस्ट बेसिक प्रशिक्षण हेतु चिकित्सा विभाग की
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने बताया कि एक जनवरी से अब छह देशों से आने वाले यात्रिय
प्रदेश के सभी आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथिक अस्पतालों में आयुष मिशन के जरिए दवाएं भेजी जाती हैं
बाल्यावस्था में यौन दुर्व्यवहार और डराए-धमकाए जाने से पीड़ित होना, मानसिक अवसाद की बड़ी वजहों में बत
दवा डोलो-650 की बिक्री के लिए हजार करोड़ के उपहार बांटे गए हैं यह दावा सुनकर सुप्रीम कोर्ट भी हैरान
डॉ विनीता दास सीनियर कंसल्टेंट और एडवाइजर ने कहा कि एक साल में 4 हज़ार से ज्यादा पेशंट्स ओपीडी में दे
आग लगने के समय अस्पताल में 4 मरीज़ भर्ती थे जिन्हे एक घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार सी.ओ.पी.डी. दुनिया भर में होने वाली बीमारियों से मौ

COMMENTS