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लखनऊ। केजीएमयू (KGMU) में अब प्रसूताओं को पंजीकरण और प्रोसीजर जैसे शुल्क से छूट मिलेगी। इसके साथ ही उनको ब्लड मैचिंग जैसे कई शुल्क जमा करने से भी राह दी जाएगी। साथ ही उनको ब्लड मैचिंग (blood matching) जैसे कई शुल्क जमा करने से भी राहत दी जाएगी।
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन ने केंद्र सरकार से जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत विशिष्ट बजट देने की मांग की है। यह बजट आने पर प्रसूताओं का ज्यादातर शुल्क माफ हो जाएगा। फिलहाल के लिए केजीएमयू प्रशासन ने कुछ शुल्क न लेकर उनको राहत देने का प्रयास किया है।
केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि जननी शिशु सुरक्षा (child safety) कार्यक्रम के केंद्र सरकार की ओर से सरकारी अस्पतालों को सामान्य प्रसव पर चार सौ और सिजोरियन के मामलों में प्रति केस तीन हजार रुपये की प्रतिपूर्ति की जाती है। केजीएमयू में जो मामले आते हैं वे बेहद बिगड़े हुए होते हैं। इससे इस राशि में किसी भी प्रसूता का इलाज (maternity treatment) नहीं हो पाता है और मरीजों तो खर्च वहन करना पड़ता है।







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