देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

शाकाहारी माताओं के मुकाबले मांसाहारी महिलाओं के दूध में साढ़े तीन गुना ज्यादा पेस्टीसाइड: शोध 

मांसाहार करने वाली महिलाओं के दूध में कीटनाशक की मात्रा साढ़े तीन गुना तक ज्यादा मिली। इसी तरह अधिक उम्र में मां बनने वाली और समय से पहले प्रसव वाली माताओं के दूध में कीटनाशक का प्रभाव सामान्य महिलाओं के मुकाबले कई गुना ज्यादा मिला।

हुज़ैफ़ा अबरार
January 16 2023 Updated: January 16 2023 04:21
0 31235
शाकाहारी माताओं के मुकाबले मांसाहारी महिलाओं के दूध में साढ़े तीन गुना ज्यादा पेस्टीसाइड: शोध  प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ। कीटनाशक के अंधाधुंध प्रयोग से नवजात भी अछूते नहीं हैं। नवजात मां के दूध के माध्यम से पेस्टीसाइड व केमिकल पी रहें रहे हैं। शाकाहारी माताओं के मुकाबले मांसाहारी महिलाओं के दूध से शिशुओं में जाने वाले पेस्टीसाइड की मात्रा साढ़े तीन गुना ज्यादा है। 


केजीएमयू (KGMU) के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (Queen Mary) में हुए अध्ययन में यह तथ्य सामने आया है। इंवायरमेंटल रिसर्च जर्नल (Environmental Research Journal) में प्रकाशित शोध डॉ. नैना द्विवेदी, प्रो. अब्बास अली महदी और प्रो. सुजाता देव ने किया है। प्रोफेसर सुजाता देव ने बताया कि खान-पान का हम पर असर पड़ना आम बात है। हम यह पता लगाना चाहते थे कि क्या स्तनपान (breast milk) से शिशुओं में भी कीटनाशक पहुंचता है। 

विभाग ने 130 महिलाओं पर अध्ययन किया है। प्रसव (delivery) के बाद लिए गए महिलाओं के दूध में पेस्टीसाइड (pesticides) का प्रभाव मिला। मांसाहार (non-vegetarian) करने वाली महिलाओं के दूध में कीटनाशक की मात्रा साढ़े तीन गुना तक ज्यादा मिली। इसी तरह अधिक उम्र में मां बनने वाली और समय से पहले प्रसव वाली माताओं के दूध (milk of women) में कीटनाशक का प्रभाव सामान्य महिलाओं के मुकाबले कई गुना ज्यादा मिला।


प्रो. सुजाता ने बताया कि दुर्भाग्य है कि भारत में कीटनाशक के उपयोग से संबंधित गाइडलाइन (guideline) नहीं है। किसान (Farmers) मनमानी तरीके और मनचाही मात्रा में इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। फसलों की ज्यादा पैदावार और कीड़ों से रखवाली के लिए बाजार में जो कीटनाशक हैं, उनके लिए कोई मानक नहीं हैं। यही कीटनाशक खाने (food) के माध्यम से हमारे और बच्चों (children) में पहुंच रहे हैं।

 
केजीएमयू के फॉरेंसिक एंड टॉक्सोलॉजी विभाग (Forensic and Toxicology Department) की डॉ. शिऊली राठौर ने बताया कि कोई भी कीटनाशक या रसायन हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। इनका प्रभाव दो तरह से होता है। पहले में इसका असर तुरंत दिखाई देता है। दूसरे में धीरे-धीरे ये पदार्थ शरीर में जमा होते हैं और बाद में इनका प्रभाव दिखता है। 


डॉ. शिऊली के अनुसार आमतौर पर चिकन (chicken) या अन्य जानवरों का वजन, आकार बढ़ाने के लिए जो इंजेक्शन दिए जाते हैं वे हॉर्मोनल (hormonal) होते हैं। मांस (meat) में कीटनाशक और रसायन की मौजूदगी पर कोई टिप्पणी विशिष्ट शोध के बाद ही की जा सकती है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

देसी घी है त्वचा के लिए लाभदायक, जानिए कैसे करें इस्तेमाल?

देसी घी है त्वचा के लिए लाभदायक, जानिए कैसे करें इस्तेमाल?

सौंदर्या राय July 24 2023 120647

आज हम आपको ऐसे नुस्खे के बारे में बताने जा रहे है जो जिसके इस्तेमाल करने से आप अपनी स्किन से जुड़ी क

देश में बढ़ रहा है एडिनोवायरस का खतरा

देश में बढ़ रहा है एडिनोवायरस का खतरा

अखण्ड प्रताप सिंह April 27 2023 32655

मिली जानकारी के मुताबिक एडिनोवायरस इस तरह का वायरस है जो आपके शरीर को धीरे-धीरे बीमार करता है और बाद

जानिये सनबाथ का तरीका, इससे बढ़ती है इम्युनिटी

जानिये सनबाथ का तरीका, इससे बढ़ती है इम्युनिटी

लेख विभाग March 19 2022 35399

सुबह थोड़ी देर धूप में बैठने से शरीर को अनेक फायदे होते हैं। सूरज की किरणें नर्वस सिस्टम को एक्टिवेट

सैनिक नगर कालोनी में कोविड टीकाकरण शिविर आयोजित हुआ

सैनिक नगर कालोनी में कोविड टीकाकरण शिविर आयोजित हुआ

रंजीव ठाकुर August 07 2022 27514

रायबरेली रोड स्थित सैनिक नगर कालोनी में मुफ्त कोविड टीकाकरण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 160 लोग

प्रदूषण से बचने के लिए पीएं ये आयुर्वेदिक ड्रिंक

प्रदूषण से बचने के लिए पीएं ये आयुर्वेदिक ड्रिंक

आरती तिवारी November 06 2022 29258

देश में वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ती जा रही है,जिससे लोगों काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स

संचारी रोगों की रोकथाम के लिए लखनऊ के इन क्षेत्रों में चला विशेष अभियान

संचारी रोगों की रोकथाम के लिए लखनऊ के इन क्षेत्रों में चला विशेष अभियान

श्वेता सिंह November 19 2022 33012

डोर-टू-डोर जाकर लोगों को डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया जैसे रोगों से बचाव हेतु जन-मानस को जागरूक किया ग

मजीठा खून को साफ करने की अचूक जड़ी बूटी है। 

मजीठा खून को साफ करने की अचूक जड़ी बूटी है। 

लेख विभाग January 14 2021 103692

यह मूत्र संक्रमण, दस्त, खसरा और पुरानी बुखार का इलाज कर सकता है। अनियमित मासिक धर्म के इलाज के लिए म

ऑनलाइन पढ़ाई छीन रही है बच्चों के आँखों की रोशनी

ऑनलाइन पढ़ाई छीन रही है बच्चों के आँखों की रोशनी

अनिल सिंह October 15 2022 39831

घर पर टीवी और अन्य मनोरंजन साधनों ने बच्चों का स्क्रीन टाइम बढ़ा दिया। इससे बच्चों की आंखों का पानी

काली खाँसी: लक्षण, कारण और निदान

काली खाँसी: लक्षण, कारण और निदान

लेख विभाग June 09 2022 47636

काली खांसी (Whooping cough) नवजात शिशुओं एवं छोटे बच्चों को सामान्यत: प्रभावित करता है। यह विशेषकर ए

पद्म पुरस्कारों से सम्मानित चिकित्सकों ने डायबिटीज नियंत्रण के लिए 10 वर्षीय आयोग का सुझाया तरीका

पद्म पुरस्कारों से सम्मानित चिकित्सकों ने डायबिटीज नियंत्रण के लिए 10 वर्षीय आयोग का सुझाया तरीका

विशेष संवाददाता September 04 2022 49365

फोर्टिस मधुमेह, मोटापा और कॉलेस्ट्रॉल केंद्र (सी-डॉक) के अध्यक्ष डॉ. अनूप मिश्रा ने कहा कि 10 साल के

Login Panel