











































प्रतीकात्मक
ऑर्थराइटिस रोग की गंभीरता का अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि विश्व के करोड़ों लोग इससे प्रभावित हैं । देश की जनसंख्या के लगभग 14 प्रतिशत लोग इससे प्रभावित हैं इसका मतलब यह है कि देश के 50 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 15 करोड़ लोग किसी न प्रकार की गठिया से ग्रषित हैं।
गठिया जोड़ों की सूजन व दर्द से जुड़ा रोग है। यह रोग आमतौर पर ओस्टियो आर्थराइटिस और रुमेटॉयड आर्थराइटिस के रूप में होता है। बढ़ती उम्र के साथ रोग की आशंका भी बढ़ती है। पुरुषों की तुलना में महिलाएं इस रोग की चपेट में ज्यादा आती हैं। इससे लगभग दो करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हैं।
रुमेटॉयड आर्थराइटिस के लक्षण:
रुमेटॉयड आर्थराइटिस एक ऑटो-इम्यून बीमारी है। इसमें शरीर का प्रतिरोधी तंत्र स्वयं की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगता है। ऐसा खासतौर पर प्रमुख जोड़ वाले हिस्से में होता है जिसके कारण उसमें दर्द, सूजन व लालिमा आ जाती है। साथ ही सुबह उठते ही अंगुलियां मुड़ जाती हैं कमजोरी, जकड़न, थकावट व बुखार जैसा महसूस होता है ।

आर्थराइटिस के कारण :
रुमेटॉयड आर्थराइटिस के लिए कुछ वायरस, बैक्टीरिया व फंगस भी जिम्मेदार हैं। कुछ वैज्ञानिकों के अनुसार यह वंशानुगत होने के अलावा किसी प्रकार के इंफेक्शन, वातावरण संबंधी तथ्य के प्रभाव से इम्यून सिस्टम पर हुए प्रभाव से भी ऐसा हो सकता है। कई शोध ऐसे भी हुए जिसमें रुमेटॉयड आर्थराइटिस के मामले ज्यादातर धूम्रपान करने वालों में पाए गए। जोड़ों में लगी पहले कोई ऐसी चोट जो पूरी तरह से ठीक न हुई हो वह भी वजह बन सकती है।
यह एक ऑटो-इम्यून बीमारी है। इसमें शरीर का प्रतिरोधी तंत्र स्वयं की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगता है। ऐसा खासतौर पर प्रमुख जोड़ वाले हिस्से में होता है जिसके कारण उसमें दर्द, सूजन व लालिमा आ जाती है। साथ ही सुबह उठते ही अंगुलियां मुड़ जाती हैं, कमजोरी, जकड़न, थकावट व बुखार जैसा महसूस होता है। वहीं जुवेनाइल आर्थराइटिस (बच्चों ) में रुमेटॉइड जैसे लक्षण 16 वर्ष की उम्र से पहले दिखाई देने लगते हैं। यह आनुवांशिक कारण से हो सकता है। आर्थराइटिस से होने वाली जटिलताएं : आर्थराइटिस के कारण जोड़ों मेँ गंभीर खराबी, आंखों में तकलीफ, हड्डियों मेँ टेढ़ापन, विकलांगता जैसी जटिलताएं हो सकती हैं।
आर्थराइटिस से कैसे बचें:
इससे बचने के लिए पौष्टिक भोजन लें। वजन नियंत्रित रखें, खूब पानी पिएं, योग, प्राणायाम, कसरत आदि करते रहें।

आर्थराइटिस का उपचार:
आर्थराइटिस में जहां आधुनिक चिकित्सा पद्धति में दर्द निवारक दवाइयाँ, घुटनों को बदला जाना होता हैं । होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में अनेक दवाइयाँ हैं जो रोगी के सम्पूर्ण लक्षणों के आधार पर दी जा सकती हैं। इसके उपचार में प्रयुक्त होने वाली औषधियों में ब्रायोनिया, रस टॉक्स, कॉलचिकम, लीडम पॉल, रुफा, रोडोडेंड्रॉन, अर्टिका यूरेन्स आदि का प्रयोग रोगी के सम्पूर्ण लक्षणों के आधार पर किया जाना चाहिए परंतु होम्योपेथिक दवाईंयां प्रशिक्षित चिकित्सक की सलाह से ही लेनी होगी। डॉ अनुरूद्व वर्मा, वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक मोबाइल नम्बर 9415075558







हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2026 0 336
हुज़ैफ़ा अबरार May 03 2026 0 259
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3808
एस. के. राणा January 13 2026 0 3773
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3661
एस. के. राणा January 20 2026 0 3626
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3332
एस. के. राणा February 01 2026 0 3024
एस. के. राणा February 04 2026 0 2863
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86287
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33888
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37131
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34314
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71573
“बच्ची एपीएलए सिंड्रोम से ग्रसित थी, जो एक आनुवंशिक स्थिति है और इसमें ख़ून के थक्के बनने की प्रवृत्
आयोडीन सूक्ष्म पोषक तत्व होता है | शरीर में थाइरॉयड हार्मोन का सही से उत्पादन करने के लिए इसकी आवश्य
लोक बंधु राज नारायण संयुक्त चिक्तिसालय का उत्तर प्रदेश महिला आयोग अध्यक्ष विमला बाथम एवं सदस्य कुमुद
डॉक्टरों के बचाव में सरकार ने दौसा के एसपी को हटाने, लालसोट पुलिस स्टेशन के एसएचओ के निलंबन और वहीं
चेहरे की रंगत निखारने के लिए हम सभी कई तरह के क्रीम, लोशन और मास्क का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या
‘ईग्लोबल डॉक्टर्स’ के माध्यम से कोरोना वायरस के संभावित रोगियों को निजी परामर्श सेवाएं दे रहे हैं। h
अस्पताल परिसर में ड्रेनेज का कार्य, सम्पर्क पथ का निर्माण, पुराने भवनों की मरम्मत समेत रंग-रोगन का क
ओमीक्रोन के खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग के अफसर सुस्त बने हुए हैं। अभी तक ओमीक्रोन संक्रमितों के लिए
दिल्लीवासियों के लिए कार्डियोलॉजी सेवाओं में एक बड़ा कदम साबित होने वाली फिलिप्स अजुरियन कार्डियक कै
देश में कोविड-19 के मामले अभी भी सामने आ रही है। वहीं कोरोना से लड़ने में वैक्सीन कारगर साबित हुई है

COMMENTS