












































प्रतीकात्मक
चेन्नई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला रही है तथा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) इन क्षेत्रों में बहुत पारदर्शिता लेकर आएगा।
प्रधानमंत्री ने चिकित्सा क्षेत्र के विद्यार्थियों से प्रसन्नचित्त रहने और हास्य रस को बनाए रखने का आग्रह किया और कहा कि इससे मरीजों को खुश रखने के साथ-साथ उनका मनोबल बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
यहां स्थित एमजीआर चिकित्सा विश्वविद्यालय के 33वें दीक्षांत समारोह को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि भारत ने स्वास्थ्य क्षेत्र में न केवल नई राह बनाई है, बल्कि इस राह पर दूसरे देशों की भी मदद की है।
उन्होंने कहा कि भारत के स्वास्थ्य ढांचे को आज पूरे विश्व में नए नजरिए, नये सम्मान और नई विश्वसनीयता के साथ देखा जा रहा है। ‘‘हम पूरे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला रहे हैं।’’ एनएमसी के गठन से इस क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी और यह नए चिकित्सा कॉलेजों की स्थापना को तर्कसंगत बनाएगा।
एनएमसी विधेयक वर्ष 2019 में संसद के दोनों सदनों से पारित हुआ था और पिछले साल ही यह अस्तित्व में आया। इस आयोग के गठन का उद्देश्य भारतीय चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और गुणवत्तापूर्ण तथा उत्तरदायी व्यवस्था बनाना है। उन्होंने कहा, ‘‘इससे इस क्षेत्र में मानव संसाधन की उपलब्धता और उसकी गुणवत्ता में सुधार आएगा।’’
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के वर्तमान कालखंड में भारत के स्वास्थ्य ढांचे को दुनिया भर में नए नजरिए, नए सम्मान और नई विश्वसनीयता के साथ देखा जा रहा है और ऐसे में चिकित्सकों की जिम्मेदारी भी बहुत बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘आप सब ऐसे समय में स्नातक की उपाधि हासिल कर रहे हैं जब भारतीय चिकित्सा जगत के पेशेवरों, वैज्ञानिकों और फार्मा जगत के पेशेवरों को सम्मान के नजरिए से देखा जा रहा है। कुल मिलाकर भारत के पूरे स्वास्थ्य ढांचे को नए नजरिए, नए सम्मान और नई विश्वसनीयता के साथ देखा जा रहा है।’’ उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह भी है कि देश के युवा चिकित्सकों के कंधों पर जिम्मेदारी को बोझ भी बढ़ा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले छह वर्षों के दौरान एमबीबीएस सीटों में 30 हजार से अधिक की वृद्धि हुई, जो 2014 की संख्या से 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। इसी प्रकार एमबीबीएस की स्नातकोत्तर सीटों की संख्या में 24 हजार की वृद्धि हुई जो 2014 की संख्या से लगभग 80 प्रतिशत की वृद्धि है।
उन्होंने कहा कि 2014 में देश में सिर्फ छह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान थे जबकि पिछले छह वर्षों में केंद्र सरकार ने देश भर में 15 और एम्स को मंजूरी दी है।
मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने तमिलनाडु में 11 नये चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी है और ये नए नए महाविद्यालय उन जिलों में खोले जाएंगे जहां फिलहाल कोई चिकित्सा महाविद्यालय नहीं है।
इस दौरान तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित भी उपस्थित थे। दीक्षांत समारोह में 21,000 से अधिक छात्रों को डिग्री और डिप्लोमा उपाधियां प्रदान की गई।
एमजीआर विश्वविद्यालय तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम जी रामचंद्रन के नाम पर रखा गया है। यह पहला मौका था जब देश के प्रधानमंत्री ने इस विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।







हुज़ैफ़ा अबरार May 12 2026 0 182
हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2026 0 329
हुज़ैफ़ा अबरार May 03 2026 0 252
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3808
एस. के. राणा January 13 2026 0 3773
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3661
एस. के. राणा January 20 2026 0 3619
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3332
एस. के. राणा February 01 2026 0 3024
एस. के. राणा February 04 2026 0 2863
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86287
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33888
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37131
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34314
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71573
गलत जीवनशैली व खान-पान की वजह से पुरुषो में कामेच्छा की समस्या अधिक हो रही है, जिसका उचित समय पर उपच
हाल ही में प्रकाशित एक शोध में खुलासा किया गया है कि तिब्बती पठार के गुलिया आइस कैप से कई खतरनाक वाय
A total of 2 025 691 women aged 15 to 49 years contributed with 22 209 697 person years of follow-up
मंडलायुक्त ने निर्देश देते हुए कहा कि डेंगू, मलेरिया के जो मरीज हैं इनके लिए एक वार्ड अलग बना लिया ज
सहारा हॉस्पिटल में सभी सुविधाएं एक छत के नीचे उपलब्ध हैं, इसलिए मरीज को ब्लड बैंक की सुविधा और डॉक्ट
महामहिम आनंदीबेन पटेल ने कहा मुझे यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल जैसे राष
रेलवे हॉस्पिटल्स में भी अब आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत चिकित्सा सुविधा मिल सक
जिले में फ्री स्वास्थ्य एवं नेत्र शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कई लोगों का चेकअप
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ कोविड-19 की स्थिति को
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर किसी दावेदार को मुआवजा राशि का भुगतान न किए जाने या फिर उनका दावा ठुकराए

COMMENTS