देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

अंतर्राष्ट्रीय

वैश्विक महामारियों के ख़तरे से बचाव के लिए रोगाणुओं के निगरानी वैश्विक व्यवस्था होनी चाहिए: यूएन

वैश्विक महामारियों के लिए शुरुआती चेतावनी प्रणाली के सृजन में चुनौतियाँ व अवसर’ विषय पर विशेषज्ञों ने मंगलवार को आगाह किया कि वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन के कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए जोखिम बढ़ रहे हैं। इसके कारण आवश्यक संक्रामक बीमारियों की निगरानी कार्यक्रम भी बिखर रहे हैं।  

हे.जा.स.
February 13 2023 Updated: February 13 2023 04:22
0 27955
वैश्विक महामारियों के ख़तरे से बचाव के लिए रोगाणुओं के निगरानी वैश्विक व्यवस्था होनी चाहिए: यूएन प्रतीकात्मक चित्र

वाशिंगटन। संयुक्त राष्ट्र महासभा से महामारी विज्ञान विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने आग्रह किया है कि वैश्विक महामारियों के ख़तरे से बचाव के लिए रोगाणुओं (pathogens) के निगरानी वैश्विक व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ समय पूर्व चेतावनी प्रणाली की की स्थापना करना होगा, जिसमें विविध स्रोतों से प्राप्त आँकड़ों का उपयोग किया जाए। 


वैश्विक महामारियों (public health) के लिए शुरुआती चेतावनी प्रणाली के सृजन में चुनौतियाँ व अवसर’ विषय पर विशेषज्ञों ने मंगलवार को आगाह किया कि वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन के कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए जोखिम बढ़ रहे हैं। इसके कारण आवश्यक संक्रामक बीमारियों (infectious disease) की निगरानी कार्यक्रम भी बिखर रहे हैं।  


रॉकेफ़ैलर फ़ाउंडेशन में वैश्विक महामारी रोकथाम पहल के मुख्य डेटा अधिकारी जिम गोल्डन ने सदस्य देशों, पर्यवेक्षकों और नागरिक समाज संगठन के प्रतिनिधियों को बताया कि किसी भी प्लैटफ़ॉर्म में पारम्परिक सार्वजनिक स्वास्थ्य महामारी विज्ञान के दायरे से बाहर डेटा को सम्मिल्लित किया जाना होगा। इस सिलसिले में, उन्होंने विशिष्ट रूप से जलवायु के कारण भूमि व जल के प्रयोग में आने वाले बदलावों से जुड़े डेटा का उल्लेख किया। . 


उन्होंने ‘डेटा परोपकारिता’ (data philanthropy) बनाने का आग्रह किया। डेटा परोपकारिता एक ऐसा सिद्धान्त है जिसमें निजी कम्पनियाँ, सार्वजनिक भलाई के लिए डेटा साझा करती हैं। इसके समानान्तर, डेटा संचय व उसे सम्प्रभु व न्यायोचित ढंग से साझा किए जाने की व्यवस्था भी  चाहिए। डेटा सम्प्रभुता, डेटा सुरक्षा से जुड़ी है और इस प्रक्रिया में उस देश के क़ानूनों का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है, जहाँ डेटा जुटाया गया हो। 


डॉक्टर गोल्डन ने कहा कि हमें नए वैश्विक डिजिटल (global digital creative) रचनात्मक सहयोग की आवश्यकता है। जिसमें  शोधकर्ताओं का एक वैश्विक नैटवर्क, जोकि खुले-स्रोत डेटा विज्ञान प्लैटफ़ॉर्म के ज़रिये जुडे हों, और किसी भी स्तर पर जलवायु व स्वास्थ्य समस्याओं का आकलन कर सकें। विश्व भर में समस्त संक्रामक बीमारियों मे से लगभग 17 प्रतिशत मनुष्यों से मनुष्यों में, या फिर पशुओं से मनुष्यों में फैलते हैं।  


ब्राज़ील व जर्मनी के शोध संस्थानों से जुड़े रीसर्चर डॉक्टर राफ़ाएल मसिएल-दे-फ़्रिटास ने बताया कि इस तरह के रोगाणुओं का संचारण जलवायु परिवर्तन और भूमि इस्तेमाल के कारण और अधिक गहरा हो सकता है। 


ब्राज़ील में ज़ीका - Zika in Brazil
उन्होंने ब्राज़ील में ज़ीका संक्रमण के फैलाव का उल्लेख किया, जिसकी वर्ष 2013 में देश में शुरुआत होने की आशंका है। उसके बाद से अब तक एक हज़ार 700 से अधिक नवजात शिशुओं में इस बीमारी की पुष्टि हो चुकी है। 


डॉक्टर मसिएल-दे-फ़्रिटास ने कहा कि रसायन, प्रदूषण (pollution) या कुपोषण इसकी वजह हो सकते हैं, शुरुआती चेतावनी प्रणाली के ज़रिये डेटा जुटाया जा सकता है, और ज़ीका संक्रमण से सबसे अधिक छोटे इलाक़ों की पहचान की जा सकती है। 


वह फ़िलहाल जिन परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं, उनमें एक समय पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अर्जेंटीना और पैराग्वे की सीमा पर मच्छरों से फैलने वाली डेंगू बीमारी के मामलों की शिनाख़्त की जा सके। 
   

इसके अलावा, पैनल सदस्यों ने जीवाणु और जीवाणुरोधी प्रतिरोध के लिए चेतावनी प्रणालियों की अहमियत को रेखांकित किया ताकि लाखों ज़िन्दिगियों की रक्षा की जा सके। 


दक्षिण कोरिया (South Korea) के एक शोध संस्थान के प्रमुख सूजिन जैंग ने बताया कि उनकी एक परियोजना में अस्पतालों, विश्वविद्यालयों, बाज़ारों और अन्य सार्वजनिक स्थलों में स्थित शौचालयों से नमूने एकत्र किए जाते हैं, ताकि समुदाय में फैल रहे रोगाणुओं की पहचान हो, और जीवाणुरोधी प्रतिरोध के स्तर को आंका जा सके। 


एंटीबायोटिक प्रतिरोध - Antibiotic resistance
एंटीबायोटिक प्रतिरोध पर निशाना साधने में एक समय पूर्व चेतावनी प्रणाली से भी मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली में डेटा की विविध परतों को शामिल किया जाना होगा, विशेष रूप से स्थानीय और सामुदायिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी को। 


अमेरिकी क्षेत्र के लिए यूएन स्वास्थ्य एजेंसी में स्वास्थ्य आपात हालात व जोखिम मूल्यांकन इकाई की प्रमुख मारिया ऐलमिरोन के अनुसार, डेटा का अभाव चिन्ता की वजह नहीं है। हर दिन पाँच हज़ार से अधिक जानकारी का विश्लेषण किया जाता है। इथियोपिया (Ethiopia) के अदीस अबाबा के पास एक स्वास्थ्य देखभालकर्मी को प्रशिक्षित किया जा रहा है। 


उन्होंने कहा कि भविष्य में वैश्विक महामारियों (global pandemics) व बीमारियों की पहचान करने के लिए एक वैश्विक समय पूर्व चेतावनी प्रणाली के लिए अवसर मौजूद हैं, मगर चुनौतियाँ भी हैं।   


डॉक्टर ऐलमिरोन (Dr Almiron) के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमता जैसी नई टैक्नॉलॉजी का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन अन्तत: कुशल लोगों की उपलब्धता और उनके एक साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता होगी। 


उनका मानना है कि डेटा (data) की गुणवत्ता जाँचने के लिए यह अहम है, मगर राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी या फिर वित्तीय संसाधनों के अभाव में इस रास्ते में रुकावट खड़ी हो सकती है। 


भरोसा व संचार - Trust and communication
डॉक्टर ऐलमिरोन ने कहा कि हर समय पूर्व चेतावनी प्रणाली में रचनात्मक सहयोग, भरोसे व सामयिक जानकारी का आदान-प्रदान अहम है। यह महासभा के 77वें सत्र में तीसरी बार है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा (General Assembly) के अध्यक्ष कसाबा कोसोरी ने विज्ञान सत्र का आयोजन किया है। 


महासभा प्रमुख कोरोसी ने, अपना पद सम्भालने के बाद से ही, नीति-निर्धारण में विज्ञान व सत्यापित डेटा के उपयोग को प्रोत्साहन देना अपनी प्राथमिकता बताया है। यूएन महासभा ने अपने कामकाज में स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यत: वैश्विक महामारी की तैयारियों, वैश्विक स्वास्थ्य कवरेज और तपेदिक (TB) पर ध्यान केन्द्रित किया 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

रूस में H3N2 वायरस की दस्तक

रूस में H3N2 वायरस की दस्तक

हे.जा.स. October 17 2022 44066

रूस में फ्लू वायरस की महामारी की बढ़ने के दौरान इसका पता चला है। उपभोक्ता अधिकार संरक्षण और मानव कल्

गर्भावस्था के दौरान तनाव, चिंता व अवसाद का असर भ्रूण के मस्तिष्क पर पड़ता है: शोध  

गर्भावस्था के दौरान तनाव, चिंता व अवसाद का असर भ्रूण के मस्तिष्क पर पड़ता है: शोध  

हे.जा.स. May 20 2022 23580

गंभीर मनोवैज्ञानिक समस्या से पीड़ित महिलाओं को चिन्हित करते हुए डाक्टर उन शिशुओं की पहचान कर सकते है

फेफड़े को रखना है स्वस्थ तो, करें ये योगासन

फेफड़े को रखना है स्वस्थ तो, करें ये योगासन

आरती तिवारी November 05 2022 34622

क्या आप भी स्मॉग के चलते लगातार खांसी या फेफड़ों के बिगड़े हुए स्वास्थ्य जैसी समस्याओं का सामना कर

लगभग दो साल बाद एक दिन में कोरोना संक्रमण के नए मरीज़ एक हज़ार से कम 

लगभग दो साल बाद एक दिन में कोरोना संक्रमण के नए मरीज़ एक हज़ार से कम 

विशेष संवाददाता April 04 2022 33569

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सोमवार को सुबह आठ बजे तक अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, उपचाराधीन मरीजों क

राजधानी में पहली बार बच्चों को मिलेंगी विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं

राजधानी में पहली बार बच्चों को मिलेंगी विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं

रंजीव ठाकुर April 29 2022 51182

राजधानी के मेदांता अस्पताल में आज से नियोनेटल विभाग ने काम करना शुरू कर दिया है। इसमें बच्चों को विश

कोरोना तीसरी लहर की निगरानी में नए म्यूटेंट पर ध्यान केन्द्रित - राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र।

कोरोना तीसरी लहर की निगरानी में नए म्यूटेंट पर ध्यान केन्द्रित - राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र।

हे.जा.स. August 12 2021 25893

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ने बताया कि कोरोना तीसरी लहर की निगरानी बारीकी से की जा रही है और साथ

निरोगी रहना जरुरी लेकिन वेलनेस ही अंतिम लक्ष्य: पीएम मोदी

निरोगी रहना जरुरी लेकिन वेलनेस ही अंतिम लक्ष्य: पीएम मोदी

रंजीव ठाकुर April 20 2022 34549

पीएम नरेन्द्र मोदी ने डब्ल्यूएचओ के ग्लोबल सेंटर फार ट्रेडिशनल मेडिसिन का उद्घाटन किया। इस दौरान डब्

देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार में आई कमी

देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार में आई कमी

विशेष संवाददाता December 13 2022 24739

देश में अब तक दो अरब 19 करोड़ से ज्यादा लोग टीकाकरण करवा चुके हैं। गौरतलब है कि भारत में वयस्क आबादी

बच्चों में अगर है झिझक तो कराएं सहज शंख मुद्रा, इससे दूर होगी समस्या

बच्चों में अगर है झिझक तो कराएं सहज शंख मुद्रा, इससे दूर होगी समस्या

आरती तिवारी August 19 2022 24224

भागती दौड़ती जिंदगी में कई बार अभिभावक जान नहीं पाते हैं और बच्चे मानसिक समस्याओं में घिर जाते है। बा

डेल्टा और ओमिक्रॉन के संयोजन से बना वायरस भारत के 7 राज्यों में पाया गया: रिपोर्ट्स

डेल्टा और ओमिक्रॉन के संयोजन से बना वायरस भारत के 7 राज्यों में पाया गया: रिपोर्ट्स

हे.जा.स. March 23 2022 29610

हाल ही में आईं रिपोर्ट्स का दावा है कि कोविड-19 का पुनः संयोजक वायरस भारत के 7 राज्यों में पाया गया

Login Panel