देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

जानिए खर्राटों का कारण और बचाव के तरीके।

तेज खर्राटे कभी-कभी किसी गंभीर समस्या का भी संकेत देते हैं। आइए जानते हैं कि खर्राटे क्यों आते हैं और इन्हें आसान तरीकों से कैसे दूर किया जा सकता है।

लेख विभाग
November 04 2021 Updated: November 05 2021 02:02
0 26939
जानिए खर्राटों का कारण और बचाव के तरीके। प्रतीकात्मक

कुछ लोगों को सोते समय खर्राटे लेने की आदत होती है। कभी-कभी इन खर्राटों की आवाज इतनी तेज (#Snoring) होती है कि इससे अगल-बगल सोने वाले लोग भी परेशान हो जाते हैं। तेज खर्राटे कभी-कभी किसी गंभीर समस्या का भी संकेत देते हैं। आइए जानते हैं कि खर्राटे क्यों आते हैं और इन्हें आसान तरीकों से कैसे दूर किया जा सकता है।

क्यों आते हैं खर्राटे:
खर्राटे लेने के दौरान एक कर्कश आवाज निकलती है। ऐसा तब होता है जब सांस लेने के दौरान हवा का बहाव गले में स्थित ऊतकों में कंपन पैदा करता है। जब आप गहरी नींद में सोते हैं तो आपके मुंह, जीभ और गले की मांसपेशियों को आराम मिलता है। इस दौरान गले के ऊतक इतने ढीले हो जाते हैं कि वो आंशिक रूप से वायुमार्ग को ब्लॉक करने लगते हैं और इसकी वजह से कंपन होने लगता है।

वायुमार्ग जितना संकुचित होता है, हवा का प्रवाह उतना तेज होता जाता है। यह ऊतक कंपन को बढ़ाता है, जिससे खर्राटे की आवाज जोर-जोर से आती है। खर्राटे आने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि साइनस की समस्या, शराब का ज्यादा सेवन, एलर्जी, कोल्ड या फिर मोटापा. इसे एक डिसऑर्डर से भी जोड़ कर देखा जाता है जिसे Obstructive Sleep Apnea कहा जाता है। 

क्या करें:
सोने का पोजिशन बदलें- पीठ के बल सोने पर जीभ और तालू (#palate) वायुमार्ग को संकुचित करते हैं और इसकी वजह से नींद के दौरान कंपन की आवाज पैदा होती है। साइड की तरफ सोने से इसे रोकने में मदद मिलती है। शरीर के बराबर तकिए पर सोने से भी खर्राटे कम आते हैं क्योंकि ये बॉडी का बैलेंस एक तरफ बनाए रखता है। सिर ऊंचा करके सोने से भी खर्राटे कम आते हैं क्योंकि ये नाक के वायुमार्ग मार्ग को खोलता है और खर्राटों को रोकता है। हालांकि, इससे गले में दर्द की भी शिकायत हो सकती है।

वजन घटाएं- वजन घटाने से भी कुछ लोगों को खर्राटों की समस्या में मदद मिल सकती है। हालांकि, ये सब पर लागू नहीं होता है। कुछ पतले लोग भी खर्राटे लेते हैं। अगर आप पहले खर्राटे नहीं लेते थे और वजन बढ़ने के बाद आपको ये दिक्कत होने लगी है तो वजन कम करने से आपको खर्राटों से छुटकारा मिल सकता है। गर्दन के आसपास चर्बी बढ़ने से खर्राटे ज्यादा आते हैं।

शराब से दूर रहें- शराब गले की मांसपेशियों को संकुचित कर देता है जिसकी वजह से खर्राटे आने लगते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने से चार से पांच घंटे पहले शराब पीने से खर्राटे आने की संभावना और बढ़ जाती है। आमतौर पर जो लोग खर्राटे नहीं लेते हैं, शराब पीने के बाद वो भी खर्राटे लेने लगते हैं।

सोने की सही आदत डालें- समय पर ना सोने की वजह भी खर्राटों की समस्या को बढ़ाती है। देर तक जागने के बाद जब आप सोते हैं तो शरीर बिल्कुल थक जाता है और नींद बहुत गहरी आती है। इस अवस्था में भी मांसपेशियां संकुचित होती हैं और खर्राटे आने लगते हैं।

नासिका को खुला रखें- अगर आप नाक से खर्राटे लेते हैं तो नाक के वायुमार्ग मार्ग को खुला रखने में मदद मिल सकती है। ये वायु को धीमी गति से अंदर की तरफ खींचता है। सर्दी या किसी कारणवश नाक बंद होने पर खर्राटे ज्यादा आते हैं। सोने से पहले गर्म पानी से नहाने से नाक के छिद्र खुल जाते हैं। नमक के पानी से नाक धोने से भी खर्राटों में मदद मिलती है।

अपना तकिया बदलें- कभी-कभी तकिये की एलर्जी की वजह से भी खर्राटे आते हैं। तकिए में जमा धूल के कणों से एलर्जी हो सकती है जिसकी वजह से खर्राटे आ सकते हैं। हर दो सप्ताह में एक बार अपने तकिए को खुली हवा में रखें और हर छह महीने में अपना तकिया बदलें। इससे आपके खर्राटे की समस्या कम हो सकती है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

एक जुलाई से 31 जुलाई तक चलेगा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान|

एक जुलाई से 31 जुलाई तक चलेगा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान|

हुज़ैफ़ा अबरार June 18 2021 46425

स्वास्थ्य विभाग 12 अन्य विभागों के साथ दिमागी बुखार व संचारी रोग पर प्रभावी नियंत्रण एवं क्षय उन्मूल

GSVM मेडिकल कॉलेज ने निकाली नेत्रदान जागरूकता रैली

GSVM मेडिकल कॉलेज ने निकाली नेत्रदान जागरूकता रैली

आरती तिवारी September 03 2022 31306

नेत्रदान को महादान माना जाता है। नेत्रदान जागरूकता पखवाड़ा के तहत जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की तरफ से व

लम्पी स्किन रोग, पशुपालकों के लिए बने कानून और हो पुख्ता इलाज की व्यवस्था : डॉ शमीम अहमद

लम्पी स्किन रोग, पशुपालकों के लिए बने कानून और हो पुख्ता इलाज की व्यवस्था : डॉ शमीम अहमद

रंजीव ठाकुर August 20 2022 37791

पशुओं के रोग लम्पी स्किन की उत्तर प्रदेश में दस्तक के बाद सरकार ने एडवाइजरी जरूर जारी की लेकिन जमीनी

जानिए मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) के कारण और लक्षण।

जानिए मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) के कारण और लक्षण।

लेख विभाग February 19 2021 24921

शुगर के लक्षण की जानकारी दे रहे हैं : प्यास लगना, बार-बार पेशाब लगना, भूख बढ़ना, थकान, धुंधला दिखाई

लोक भारती के सदस्यों को कोरोना वायरस से बचाव हेतु प्रशिक्षित किया गया।

लोक भारती के सदस्यों को कोरोना वायरस से बचाव हेतु प्रशिक्षित किया गया।

हुज़ैफ़ा अबरार July 26 2021 29697

मुख्य अतिथि ने स्वर्ण प्राशन संस्कार को अति उपयोगी बताते हुए देशभर में सभी बच्चों को यह संस्कार करान

वैक्सीन की चाह, आधी दुनिया और मोदी सरकार

वैक्सीन की चाह, आधी दुनिया और मोदी सरकार

सम्पादकीय विभाग February 04 2021 25962

वैक्‍सीन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी ओर से भारत की नीति को लेकर भी साफ कर दिया है कि भ

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में एक्सरे टेक्नीशियन के 390 पद खाली 

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में एक्सरे टेक्नीशियन के 390 पद खाली 

हुज़ैफ़ा अबरार May 26 2022 55898

सरकारी अस्पतालों में एक्सरे, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई जांच की सुविधा है। डॉक्टर व टेक्नीशियन

कोलेस्ट्रॉल, वजन घटाने समेत इन समस्याओं में बेहद फायदेमंद है अलसी का बीज: डाइटीशियन आयशा

कोलेस्ट्रॉल, वजन घटाने समेत इन समस्याओं में बेहद फायदेमंद है अलसी का बीज: डाइटीशियन आयशा

आयशा खातून May 04 2023 30757

फाइबर रिच अलसी में हेल्दी फैट पाए जाते हैं, जो शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। अलसी में एंट

लॉकडाउन में लंबे समय तक काम करने वाले बरते ये सावधानियां।

लॉकडाउन में लंबे समय तक काम करने वाले बरते ये सावधानियां।

एस. के. राणा August 19 2021 27894

विश्व स्वास्थ्य संगठन और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ने लॉकडाउन में रोजाना लंबे समय तक काम करने वाले

आयुर्वेद के माध्यम से स्वास्थ्य का अधिकार अभियान।

आयुर्वेद के माध्यम से स्वास्थ्य का अधिकार अभियान।

हुज़ैफ़ा अबरार January 11 2021 23017

आचार्य मनीष ने कहा, 'हम पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में एक जनहित  याचिका दायर करके आयुर्वेद को उ

Login Panel