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अमेठी। कहते हैं काम करने की इच्छा शक्ति हो और लगन हो तो राहें खुद ब खुद बन जाते हैं। दूर खड़ी मंजिल भी पास नजर आने लगती है और सफलता आपके कदम चूमने लगती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है रायबरेली जनपद की रहने वाली अनुराधा तिवारी ने, जिन्होंने पढ़ाई काल से ही लोगों की सेवाभाव को अपना धर्म बना लिया था। उन्होंने सेवा पेशे को चुना। जीएनएम का कोर्स करने के पश्चात गौरीगंज के आयुष्यमान हास्पिटल मे लोगों की सेवाभाव से कार्य कर रही हैं।
अनुराधा के माता पिता ने न केवल उन्हे पढ़ाया बल्कि उनके अपने सपनों को साकार करने के लिए बेटी के साथ हर कदम पर खड़े रहे। जिसका परिणाम रहा कि कोरोना संक्रमण काल के समय लोग जहां एक दूसरे के पास जाना मुनासिब नही समझते थे, उस दौरान भी अनुराधा ने अपने सेवा धर्म को नही छोड़ा।
प्रथम चरण में अपनी बारी आने पर गौरीगंज स्थित स्वा. केन्द्र असैदपुर पर जाकर वैक्सीन का टीका लगवाया। टीका लगने के बाद अनुराधा ने बताया कि उन्हे खुशी है कि हमारे देश के वैज्ञानिकों का प्रयोग सफल रहा और उन्होने वैक्सीन का सफल परीक्षण करके जन सामान्य के लिए समर्पित किया ।







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