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प्राकृतिक सुंदरता के साथ बहुत काम की औषधि है गेंदे के फूल।

यह शरीर में जमा सभी विषैले तत्वों को हटाकर शरीर की डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया में मदद करता है. इसके साथ ही पाचन तंत्र को लाभ पहुँचाने के साथ -साथ जलन और सूजन को कम करने में भी मदद करता है.

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January 02 2021 Updated: January 14 2021 04:40
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प्राकृतिक सुंदरता के साथ बहुत काम की औषधि है गेंदे के फूल। फोटो गेंदे के फूल
- Dr.Ruby Raj Sinha, Homeopathic Physician
Pranic Healer, Apple Homeopathy
गेंदा बहुत ही उपयोगी एवं आसानी से उगाया जाने वाला फूलों का पौधा है. यह मुख्य रूप से सजावटी फसल है. गेंदे के ताजे खूबसूरत पीले, लाल और नारंगी फूल किसी का भी मन मोह सकते हैं. गेंदे के फूल आसानी से उगते हैं, इसलिए हर जगह मिल जाते हैं. यही कारण है घर की सजावट करनी हो या हार बनाने हों, गेंदे के फूलों का इस्तेमाल उत्तर भारत में काफी किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं गेंदे के फूलों का इस्तेमाल रोजमर्रा की कुछ समस्याओं में किस तरह किया जा सकता है.
घाव भरने में असरकारक
कैलेंडुला या गेंदे का तेल घाव या जलने वाले अंगों को जल्द ठीक कर सकता है. इसमें एंटी सेप्टिक और एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं. गेंदे के तेल से बनी क्रीम को घाव पर लगाने से इसमें राहत मिलती है. अगर आपको किसी कीड़े ने काट लिया है तो गेंदे का तेल आपको आराम देगा.
झुर्रियों को ठीक करना
बढ़ती उम्र के साथ त्वचा की कोशिकाएं कमजोर हो जाती है और नई कोशिकाओं का बनना लगभग बंद हो जाता है. ऐसे में त्वचा पर झुर्रियां पड़ जाती है. गेंदे के तेल में फायटोकॉन्सटीटूएंट्स होता है जो एंटी एजिंग की प्रक्रिया का धीरे करता है. गेंदा उत्तकों के निर्माण में अच्छी भूमिका निभाता है, जिससे झुर्रियों से निजात मिल जाती है.
शरीर के विषैले तत्वों से बचाव
यह शरीर में जमा सभी विषैले तत्वों को हटाकर शरीर की डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया में मदद करता है. इसके साथ ही पाचन तंत्र को लाभ पहुँचाने के साथ -साथ जलन और सूजन को कम करने में भी मदद करता है.
मासिक - धर्म के दर्द से राहत
गेंदा का फूल महिला प्रजनन प्रणाली में मासिक धर्म के दर्द और ऐंठन से राहत दिलाने में काफी ज्यादा सहायक माना गया हैं.
अर्थराइटिस का दर्द 
गेंदे के फूल मे एंटी इंफ्लेमेटरी का गुण पाया जाता है जिसके कारण आप गेंदे के तेल से जोड़ो की मालिश कर सकते है तो इस मालिश से आपको जोड़ो के दर्द और अर्थराइटिस से छुटकारा पाया जा सकता है.
बवासीर
बवासीर के रोगी गेंदे की पत्तियों को पीसकर उसका रस निकाल ले फिर इस रस मे चुटकी भर कालीमिर्च का पाउडर और एक चुटकी नमक मिलाकर इसे पी जाए तो इससे बवासीर के रोगी को आराम मिलेगा.
फटी हुई एड़ियों को ठीक करने के लिए
थोड़े से गेंदे के पत्तों को मोम में गर्म कर लें। फिर इसे ठंडा करके फटी हुई एड़ियों पर लगाइए। इससे फटी हुई एड़ियों की दरारें भरने लगती है और एड़ियां चिकनी और सुंदर नज़र आती है।
दांत दर्द
थोड़ी सी गेंदे की पत्तियों को पानी में उबालकर रख लीजिए। दांत में दर्द होने पर इस उबले हुए पानी से कुल्ला करें। इससे दांत दर्द में आराम मिलता है।
कान का दर्द 
गेंदें के पत्तो का रस गर्म कर सह्निये अवस्था में पीड़ित कान में 2-3 बूंद की मात्रा में टपकाने से दर्द में शीघ्र आराम मिलेगा |
दमा, खांसी में 
गेंदे के बीजो को समभाग मिसरी के साथ पीसकर एक चम्मच की मात्रा में एक कप पानी से 2-3 बार सेवन करने से इस कष्ट में लाभ होगा |
हाथ पैर फटने पर 
गेंदे के पत्तो का रस वैसलीन में मिलाकर 2-3 बार लगाएं
आँखों के लिए
गेंदे की चाय में एंटीऑक्सीडेंट्स, लुटेइन, जेक्सनथिन, ल्य्कोपेन आदि तत्व पाए जाते हैं जो नेत्र रोग और अंधापन को रोकने में मदद करते हैं। गेंदा आँखों के लिए एंटीसेप्टिक का काम करता है। आंखों में लालपन आ जाए तो गेंदे के रस से आंख धोने पर बहुत फायदा मिलता है।
दाग धब्बे दूर करे
गेंदा के फूल के तेल में एंटी फंगल का गुण मौजूद है। जो त्वचा में कोलेजन के स्तर को बढ़ाने तथा दाग धब्बों को दूर करने में मदद करता है।
मच्छरों, कीड़ों को दूर भगाता
इसकी मजबूत गंध, एंटीऑक्सिडेंट तत्व प्राकृतिक रूप से मच्छरों, कीटों और अन्य कीड़ों को दूर भगाने के लिए किया जा सकता है. इस वजह से, मैरीगॉल्ड्स को घर के बगीचों में लगाया जाता है और मोमबत्तियों में अर्क के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है.
ध्यान रहे गर्भवती महिलाएं व स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसका सेवन न करे।
       

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