देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

पैकेज फूड्स में साल्ट, शुगर एवं सैचुरैटेड फैट्स की विज्ञान आधारित सीमा निर्धारित करने की नीति बने। 

डायबिटीज़ के तेजी से बढ़ने का कारण भारतीयों की आहार की आदतों में भारी परिवर्तन है। यदि हम डायबिटीज़ की महामारी को नियंत्रित करना चाहते हैं, तो हमें फौरन उसके उपाय करने होंगे।

हुज़ैफ़ा अबरार
July 01 2021 Updated: July 01 2021 18:03
0 22566
पैकेज फूड्स में साल्ट, शुगर एवं सैचुरैटेड फैट्स की विज्ञान आधारित सीमा निर्धारित करने की नीति बने।  प्रतीकात्मक

नयी दिल्ली/लखनऊ। एम्स के अग्रणी डॉक्टर्स ने देश में डायबिटीज़ के तेजी से बढ़ते मामलों की रोकथाम के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण की मांग की है और पैकेज़्, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड, फूड बेवरेजेस में साल्ट, शुगर एवं सैचुरैटेड फैट्स की विज्ञान आधारित सीमा स्थापित करने के लिए नीति बनाए जाने पर बल दिया है। डॉक्टरों ने कोविड-19 की दूसरी विनाशकारी लहर की पृष्ठभूमि में इस बात पर बल दिया क्योंकि इस बात के प्रमाण बढ़ रहे हैं कि डायबिटीज़ पीड़ितों पर इलाज का असर कम देखने को मिला है और उन्हें कोविड-19 से जान गंवाने का जोखिम ज्यादा है। 

डॉक्टरों ने यह मांग एम्स, जोधपुर द्वारा ‘भारत में फ्रंट पैकेज लेबलिंग के डायबिटीज़ मेलिटस का समाधान’ पर आयोजित एक राष्ट्रीय सत्र में की। प्रतिभागियों में डॉ. संजीव मिश्रा, डायरेक्टर, एम्स, जोधपुर; डॉ. रश्मि मल्होत्रा, सीनियर डायटीशियन, डायटिटिक्स विभाग, एम्स जोधपुर; डॉ. मधुकर मित्तल, अटैंडेंट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ एंडोक्राइनोलॉजी एवं मेटाबोलिज़्म, एम्स, जोधपुर; डॉ. प्रदीप अग्रवाल, एसोशिएट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी एवं फैमिली मेडिसीन, एम्स, ऋषिकेश; और डॉ. पंकज भारद्वाज, अटैंडेंट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसीन, एम्स, जोधपुर शामिल थे।

इंटरनेशनल डायबिटीज़ फेडरेशन (आईडीएफ) के अनुसार, 77 मिलियन से ज्यादा डायबिटीज़ पीड़ितों के साथ भारत में इस समस्या से पीड़ित लोगों की संख्या दुनिया में दूसरे स्थान पर सर्वाधिक है। डॉ. संजीव मिश्रा, डायरेक्टर, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंसेस, जोधपुर ने चौंकानेवाला खुलासा करते हुए बताया कि 2045 तक यह संख्या दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘कम से कम 134 मिलियन भारतीयों को 2045 तक डायबिटीज़ होगा और हमारे लोगों की सेहत पर इसका बड़ा असर पड़ेगा। इस बात को नजरंदाज नहीं किया जा सकता कि 1990 से इस बीमारी की संरचना को प्रोसेस्ड फूड के बढ़ते उपभोग के साथ जोड़ा जा सकता है। विभिन्न सामाजिक आर्थिक श्रेणियों एवं आयु समूहों में डायबिटीज़ के तेजी से बढ़ने का कारण भारतीयों की आहार की आदतों में भारी परिवर्तन है। यदि हम डायबिटीज़ की महामारी को नियंत्रित करना चाहते हैं, तो हमें फौरन उसके उपाय करने होंगे।’’

डायबिटीज़ के प्रबंधन के लिए एक पोषणयुक्त आहार बहुत जरूरी है, जिसमें शुगर, साल्ट एवं सैचुरेटेड फैट की मात्रा नियंत्रण में हो। 

डॉ. मधुकर मित्तल, अटैंडेंट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ एंडोक्राईनोलॉजी एंड मेटाबोलिज़्म, एम्स, जोधपुर ने कहा, ‘‘शुगर नए समय का सिगरेट है। लैब के अध्ययनों में सामने आया है कि शुगर उतना ही एडिक्शन करती है, जितना कोकेन से होता है। इससे इंसुलिन का उत्पादन बढ़ जाता है, जो फैट का स्टोरेज बढ़ा देती है और सभी अंगों की व्यवस्था को इससे क्षति होती है। पैकेज़्ड फूड एवं प्रोसेस्ड फूड में अतिरिक्त शुगर का उपभोग बहुत ज्यादा बढ़ गया है। भारत में शुगर का उपभोग दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले दोगुनी गति से बढ़ा है। अधिकांश पैकेज़्ड फूड एवं बेवरेज में शुगर की अत्यधिक मात्रा होती है। फूड की विकल्प बाजार एवं नीतियां निर्धारित करती हैं, इसलिए हमें कठोर नीतियां बनाने की जरूरत है, ताकि उपभोक्ता सेहतमंद विकल्प चुनें।’’

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड उद्योग भारत में रिकॉर्ड गति से बढ़ा है। भारत शुगरयुक्त बेवरेज के लिए विश्व के पांच बाजारों में दूसरे स्थान पर है। अध्ययनों में सामने आया है कि सेहतमंद आहार अपनाए जाने को बढ़ावा देने की जरूरत के बावजूद, खासकर महामारी के परिदृश्य में मल्टीनेशनल कंपनियां नुकसानदायक, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड एवं शुगरयुक्त ड्रिंक्स को बढ़ावा देती रहीं तथा उनमें मौजूद नुकसानदायक तत्वों पर सरकार की कोई सीमा तय नहीं रही। अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की बिक्री के मामले में प्रति व्यक्ति सेल्स 2005 में 2 किलोग्राम से बढ़कर 2019 में लगभग 6 किलोग्राम तक पहुंच गई और 2024 तक इसके 8 किलोग्राम तक पहुंचने का अनुमान है। इसी प्रकार, अल्ट्रा प्रोसेस्ड बेवरेज की बिक्री 2005 में 2 लीटर से 2019 में 6.5 लीटर और 2024 तक लगभग 10 लीटर तक पहुंचने का अनुमान है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

डॉ अभिषेक जैन से समझिये अल्सर के कारण, लक्षण, इलाज और बचाव

डॉ अभिषेक जैन से समझिये अल्सर के कारण, लक्षण, इलाज और बचाव

लेख विभाग March 03 2022 29173

लम्बे समय तक एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक दवाइयाँ, स्टेरॉयड की दवाइयाँ और सिगरेट-शराब के सेवन से भी अल

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने झलकारी बाई अस्पताल में नवीनीकृत पैथोलॉजी का लोकार्पण किया

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने झलकारी बाई अस्पताल में नवीनीकृत पैथोलॉजी का लोकार्पण किया

रंजीव ठाकुर June 07 2022 28594

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सालय में व्हील चेयर, स्टेचर की सुविधाओं, मरीज तथा उनके तीमारदारों के ब

स्वास्थ्य विभाग में लापरवाहों पर हो रही गोल-मोल कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग में लापरवाहों पर हो रही गोल-मोल कार्रवाई

आरती तिवारी July 17 2023 34110

राजधानी लखनऊ के कई अस्पतालों के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप है, लेकिन जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई

कोरोना के नए स्वरूप के मद्देनजर ‘प्रोएक्टिव’ रहने की आवश्यकता: मोदी

कोरोना के नए स्वरूप के मद्देनजर ‘प्रोएक्टिव’ रहने की आवश्यकता: मोदी

एस. के. राणा November 29 2021 33222

दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस के नये स्वरूप का पता चलने और इसे लेकर दुनिया भर में पैदा हुई आशंकाओं

आयुष दाखिले में एसटीएफ ने किया फर्जीवाड़े का खुलासा

आयुष दाखिले में एसटीएफ ने किया फर्जीवाड़े का खुलासा

अबुज़र शेख़ November 21 2022 24642

यह खुलासा तीन दिन पहले गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के बाद हुआ है। इसमें दो चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों के

कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी जारी, बीते 24 घंटों में संक्रमण के 3,324 नए मामले मिले

कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी जारी, बीते 24 घंटों में संक्रमण के 3,324 नए मामले मिले

एस. के. राणा May 01 2022 37358

केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के हिसाब से देश में कुल संक्रमितों की संख्या 4 करोड़ 30 लाख 79 हजार

कैंसर संस्थान की ओपीडी में लगीं चारों लिफ्ट सोमवार से खराब 

कैंसर संस्थान की ओपीडी में लगीं चारों लिफ्ट सोमवार से खराब 

हुज़ैफ़ा अबरार February 25 2022 37578

गुरुवार को अस्पताल की ओपीडी में आधा दर्जन गंभीर मरीज आये। जो व्हील चेयर या चलने में असमर्थ थे। इन्हे

अमेरिकी खुफिया एजेंसियां कोविड-19 की उत्पत्ति पर ठोस नतीजे पर पहुंचने में विफल।

अमेरिकी खुफिया एजेंसियां कोविड-19 की उत्पत्ति पर ठोस नतीजे पर पहुंचने में विफल।

हे.जा.स. August 29 2021 32738

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘इस वायरस को जैविक हथियार के तौर पर विकसित नहीं किया गया। ज्यादातर एजेंसियो

रायबरेली एम्स में अब आर्थिक तंगी के कारण नहीं रुकेगा इलाज

रायबरेली एम्स में अब आर्थिक तंगी के कारण नहीं रुकेगा इलाज

श्वेता सिंह September 25 2022 49236

इसके साथ ही एम्स को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच गयी है। एम्स प

सर्जिकल साइट इन्फेक्शन महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय

सर्जिकल साइट इन्फेक्शन महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय

रंजीव ठाकुर May 29 2022 37682

सर्जिकल साइट इन्फेक्शन महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय है । सर्जिकल साइट इन्फेक्

Login Panel