











































लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 2.0 में उपमुख्यमंत्री और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद से बृजेश पाठक लगातार अस्पतालों का दौरा कर जमीनी हकीकत से रूबरू हो रहें हैं और लगातार अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं। उनका मिशन उत्तर प्रदेश को स्वस्थ प्रदेश बनाना है।
आज उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक (Deputy Chief Minister Brajesh Pathak) ने फिर चंदौली में आम आदमी बन कर पर्चा बनवाया और अस्पताल का निरीक्षण किया। तो हेल्थ जागरण (Health Jagaran) आज राजधानी के केजीएमयू (KGMU) पहुंचा जहां उन्होंने सबसे पहले मरीज बन कर पर्चा बनवाया था।
न्यू ओपीडी भवन में जब सम्वाददाता रंजीव ठाकुर पहुंचे तो वहां मरीजों (patients) की संख्या नगण्य दिखाई दी। मन में सवाल कौंधा कि मंत्री के दौरे का असर है या कोई और वजह। सभी पर्चा काउंटर्स पर कर्मचारी बैठे थे लेकिन भीड़ नहीं थी। जब हमने पूछताछ शुरू की तो कर्मचारियों ने बताया कि आज शनिवार होने की वजह से ज्यादा भीड़ नहीं है। कैमरे के सामने आने या नाम बताने से बचते हुए कहा कि वे मरीजों के हित में ही काम करते हैं लेकिन कभी कभी गांव वाले मरीज समझ नहीं पाते और स्थितियां बदल जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल लगातार मास्क (apply masks) लगाने और सोशल डिस्टेंस (maintain social distance) रखने के लिए कहता है परन्तु मरीज या तीमारदार (attendants) मानते नहीं हैं।
इसके बाद हमने रुख किया दवाई वितरण काउंटर (medicine distribution counter) की तरफ, वहां भी ज्यादा भीड़ दिखाई नहीं दी।
फिर हम पैथोलॉजी और अन्य जांच काउंटर्स की तरफ गए जहां लम्बी लाइन्स लगी थी। फतेहपुर से आएं एक बुजुर्ग ने कहा डॉक्टर (doctor) ने देख लिया था अब एक्सरे (X-ray) के नम्बर का इंतजार कर रहे हैं। कैमरे के सामने आने से मना करते हुए कहा कि कोई दिक्कत परेशानी नहीं है। अल्ट्रासाउंड कक्ष (ultrasound room) के आगे भीड़ दिखाई दी। एक दम्पत्ति बच्चे को लेकर जमीन पर बैठे थे जो लखीमपुर से आएं थे। उन्होंने कहा कि डॉक्टर को दिखाया था अल्ट्रासाउंड के नम्बर आने का इंतजार कर रहे हैं, उन्होंने भी कोई परेशानी नहीं होने की बात कही।
कमोबेश इसी तरह अन्य जांच काउंटर्स पर लाइन्स तो लगी थी लेकिन किसी ने भी परेशान होने की बात नहीं कही।
तो अब इसे शनिवार का असर कहा जाए या उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक (Medical and Health Minister) के दौरे का असर?







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