देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल ने रोबोटिक सर्जरी से एंडोमेट्रियोसिस और फाइब्रॉइड से जूझ रही महिलाओं को दिया दर्द-मुक्त नया जीवन

मरीज के भविष्य की मातृत्व क्षमता को बचाने के लिए, डॉ. नेगी ने रोबोटिक मायोमेक्टोमी (फाइब्रॉइड हटाने की सर्जरी) का विकल्प चुना। रोबोटिक तकनीक का मुख्य लाभ यह था कि यह सामान्य और असामान्य ऊतकों के बीच अंतर को स्पष्ट करता है, जिससे रक्तस्राव को कम करने में मदद मिलती है।

हुज़ैफ़ा अबरार
October 07 2025 Updated: October 07 2025 16:23
0 5561
अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल ने रोबोटिक सर्जरी से एंडोमेट्रियोसिस और फाइब्रॉइड से जूझ रही महिलाओं को दिया दर्द-मुक्त नया जीवन डॉ. नेहा नेगी

लखनऊ। अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ की डॉ. नेहा नेगी, ऑब्स्टेट्रिक्स, गायनेकोलॉजी एंड रिप्रोडक्टिव मेडिसिन, एडवांस्ड लैप्रोस्कोपिक एंड रोबोटिक सर्जन ने उन महिलाओं के लिए नई उम्मीद जगाई है, जो वर्षों से गंभीर एंडोमेट्रियोसिस, एडेनोमायोसिस और फाइब्रॉइड के कारण दर्द और निराशा में जी रही थीं। डॉ. नेगी ने हाल ही में रोबोटिक सर्जरी की सटीकता का उपयोग करते हुए दो अत्यंत जटिल मामलों का सफलतापूर्वक इलाज किया, जो इस बीमारी के कारण बेहद दर्दभरी स्थिति में निराशाजनक जीवन जी रही थीं।

पहली मरीज लगभग 8–10 वर्षों से एंडोमेट्रियोसिस और संबंधित बीमारियों से पीड़ित थीं। इस दौरान उनकी लैप्रोस्कोपिक सिस्टेक्टॉमी, ओपन फाइब्रॉइड सर्जरी, सी-सेक्शन तक हुआ और यहाँ तक कि गर्भाशय भी निकाला जा चुका था। गर्भाशय के हटने के बाद भी वे अपने डेली रूटीन के काम भी बिना दर्द के नहीं कर पा रही थीं, यहां तक की उन्हें फ्रेश होने या यूरिन पास होने पर असहनीय दर्द होता था।

उनकी पेल्विस का हिस्सा एंडोमेट्रियोसिस की वजह से पूरी तरह जम चुका था। यानी आंतें, मूत्रनलिका और अंडाशय आपस में बुरी तरह चिपक गए थे। कई अस्पतालों ने केस लेने से मना कर दिया, क्योंकि ऐसे में पारंपरिक सर्जरी लगभग असंभव थी। पारंपरिक सर्जरी की स्थिति में आंतों को बाहर निकालने की नौबत आ सकती थी और सर्जरी के दौरान पेशाब की नली या ब्लैडर को चोट पहुंचने का भी खतरा था। इसलिए अस्पतालों ने सर्जरी करने से इनकार कर दिया था। लंबे समय तक हार्मोनल इंजेक्शन और दवाओं पर रहने से वह डिप्रेशन तक की स्थिति में पहुँच गईं।

अपोलोमेडिक्स में डॉ. नेगी की टीम ने रोबोटिक सर्जरी के जरिये यह चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन किया। रोबोटिक प्रणाली की हाई मैग्नीफिकेशन कैपेसिटी और मिलीमीटर-स्तर की सटीकता ने डॉक्टरों को महत्वपूर्ण अंगों को सुरक्षित रखते हुए गहरे जमे हुए एंडोमेट्रियोसिस टिशूज और बार-बार बनने वाले सिस्ट हटाने में सफलता प्रदान की। सर्जरी के बाद मरीज न केवल पूरी तरह लक्षणमुक्त हैं बल्कि उनका सीए 125 स्तर भी सामान्य हो गया है।

डॉ नेगी बताती हैं कि सीए 125 एक ब्लड टेस्ट है जो कई बार एंडोमेट्रियोसिस जैसी बीमारियों में बढ़ा हुआ दिखता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता कि कैंसर है। अक्सर मरीज अपनी उत्सुकता में रिपोर्ट देखकर जब गूगल सर्च करते हैं, तो वहां ज्यादा जानकारी कैंसर से जुड़ी ही मिलती है, जिससे उनका डर बढ़ जाता है। यह सही नहीं है, क्योंकि एंडोमेट्रियोसिस में भी यह स्तर बढ़ सकता है। सर्जरी के बाद इसका स्तर सामान्य हो गया। गूगल सर्च पर मिली जानकारी से डरने के बजाय उचित जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना ही सही रास्ता है।

दूसरा मामला एक युवा अविवाहित महिला का था जो एंडोमेट्रियोसिस, एडेनोमायोसिस और सात -आठ फाइब्रॉइड विकसित हो चुके थे। उनका गर्भाशय का आकार इतना बढ़ गया था कि वह नाभि तक पहुँच गया था।

डॉ नेगी ने बताया कई अस्पतालों ने उन्हें गर्भाशय हटाने की सलाह दी थी क्योंकि इतनी बड़ी संख्या और आकार के फाइब्रॉइड और एडेनोमायोसिस में गर्भाशय को बचाना बेहद मुश्किल माना जाता है।

मरीज के भविष्य की मातृत्व क्षमता को बचाने के लिए, डॉ. नेगी ने रोबोटिक मायोमेक्टोमी (फाइब्रॉइड हटाने की सर्जरी) का विकल्प चुना। रोबोटिक तकनीक का मुख्य लाभ यह था कि यह सामान्य और असामान्य ऊतकों के बीच अंतर को स्पष्ट करता है, जिससे रक्तस्राव को कम करने में मदद मिलती है। इस सर्जरी में रक्त की हानि बहुत कम हुई और सफलतापूर्वक सभी फाइब्रॉइड और एडेनोमायोमा हटाए गए।

डॉ. नेहा नेगी कहती हैं- रोबोटिक तकनीक उन मामलों में वरदान है, जहाँ पेल्विस पूरी तरह चिपकी हुई हो और पारंपरिक लेप्रोस्कोपिक या ओपन सर्जरी असंभव हो। इसकी 10 गुना मैग्नीफाइंग कपैसिटी और रिस्ट मूवमेंट की सुविधा हमें मिलीमीटर तक के स्तर पर सटीकता देती है। इससे हम महत्वपूर्ण अंगों को बचाते हुए जटिल रोगग्रस्त टिश्यूज़ हटा सकते हैं और मरीजों को तुरंत और स्थायी राहत दिला सकते हैं।

अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल लखनऊ के एमडी एवं सीईओ डॉ. मयंक सोमानी ने कहा डॉ. नेहा नेगी और उनकी टीम की यह उपलब्धि आधुनिक चिकित्सा की शक्ति और हमारे संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इन सर्जरीज ने यह साबित कर दिया है कि जिन मरीजों ने सालों तक दर्द और निराशा में जीवन बिताया, वे भी अब सामान्य जीवन जी सकती हैं। अपोलोमेडिक्स हमेशा विश्वस्तरीय इलाज के लिए नवीनतम तकनीक उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है।

यह सफलता उन हजारों महिलाओं के लिए एक शक्तिशाली संदेश है जो एंडोमेट्रियोसिस और फाइब्रॉइड जैसी जटिल स्त्री रोग संबंधी समस्याओं से जूझ रही हैं। रोबोटिक तकनीक के माध्यम से न केवल वर्षों पुराने दर्द से छुटकारा दिलाया जा सकता है और मातृत्व क्षमता को बचाया जा सकता है, बल्कि सर्जरी के बाद सीए 125 जैसे महत्वपूर्ण मार्कर का सामान्य होना यह भी सिद्ध करता है कि रोग की जड़ को ही पूरी तरह से खत्म किया गया है, जिससे भविष्य में गंभीर जटिलताओं का खतरा कम हो जाता है, अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में हुई ये सर्जरी क्षेत्र में ही नहीं बल्कि भारत में स्त्री रोग संबंधी जटिलताओं के उपचार के लिए एक नया मानक स्थापित करती हैं।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

घी की तरह जमें विटामिन-ए सिरप पर लगी रोक

घी की तरह जमें विटामिन-ए सिरप पर लगी रोक

आरती तिवारी January 15 2023 50665

यूपी में इन दिनों बच्चों को विटामिन-ए की खुराक दी जा रही है। इसके लिए 28 दिसंबर 2022 से अभियान चलाया

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती मरीजों को मिलेगा मुफ्त भोजन

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती मरीजों को मिलेगा मुफ्त भोजन

आरती तिवारी June 09 2023 48882

महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. रेनू श्रीवास्तव वर्मा ने निर्देश देते हुए जिलों के मुख्य चिकित्साधि

टोमेटो फ्लू का कहर, श्रीनगर में बीते दिन 13 बच्चे संक्रमित

टोमेटो फ्लू का कहर, श्रीनगर में बीते दिन 13 बच्चे संक्रमित

विशेष संवाददाता October 01 2022 35913

श्रीनगर के एक निजी स्कूल में टोमेटो फ्लू बीमारी से 13 बच्चे संक्रमित पाए गए हैं। इसके बाद स्कूल ने न

जल्‍द प्रेग्‍नेंट होना चाहती हैं तो महिलाएं अपनाएं ये हेल्थ टिप्स

जल्‍द प्रेग्‍नेंट होना चाहती हैं तो महिलाएं अपनाएं ये हेल्थ टिप्स

आरती तिवारी November 24 2022 28761

क्या आप जल्दी प्रेग्नेंट होने के टिप्स जानना चाहती हैं। तो आज हम इस आर्टिकल में हम आपको जल्दी प्रे

यशोदा अस्पताल में हुआ रोबोटिक सर्जरी का उद्घाटन

यशोदा अस्पताल में हुआ रोबोटिक सर्जरी का उद्घाटन

अखण्ड प्रताप सिंह April 08 2023 28810

यशोदा अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी का उद्घाटन किया गया। वहीं इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनस

केजीएमयू और अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय की ऑनलाइन समीक्षा बैठक सम्पन्न।

केजीएमयू और अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय की ऑनलाइन समीक्षा बैठक सम्पन्न।

हुज़ैफ़ा अबरार July 03 2021 36276

कुलाधिपति ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने समस्त स्टाफ, छात्र-छात्राओं तथा उनके अभिभावकों का शत प्रतिशत

चीन के वुहान में 3 साल बाद फिर लॉकडाउन

चीन के वुहान में 3 साल बाद फिर लॉकडाउन

हे.जा.स. October 28 2022 25649

चीन में गुरुवार को लगातार तीसरे दिन कोरोना के 1,000 से अधिक नए मामले सामने आए. बीते 14 दिनों में वुह

देश में कोरोना संक्रमण के नए मामलों से उठने लगे हैं बूस्टर डोज पर सवाल

देश में कोरोना संक्रमण के नए मामलों से उठने लगे हैं बूस्टर डोज पर सवाल

एस. के. राणा June 14 2022 26870

दुनिया में बूस्टर डोज की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में मिक्स-एंड-मैच योजना लाने के पीछे दव

रीजेंसी हेल्थ कानपुर में दुर्लभ हर्निया का सफल उपचार

रीजेंसी हेल्थ कानपुर में दुर्लभ हर्निया का सफल उपचार

हुज़ैफ़ा अबरार August 13 2026 539

मरीज के कमर के पास सूजन कई वर्षों में इतनी बड़ी हो गई थी कि उनका अंडकोष लगभग घुटने तक पहुंच गया था। इ

प्रदेश के बजट में चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं को खासी तरजीह

प्रदेश के बजट में चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं को खासी तरजीह

हुज़ैफ़ा अबरार May 27 2022 28838

स्वास्थ्य के लिए 5482.50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य के लिए दी गई कुल रकम पिछली बार

Login Panel