











































लखनऊ। रीजेंसी हेल्थ ने कार्डियोलॉजी और न्यूरोवैस्कुलर मेडिसिन में एडवांस्ड इंटरवेंशनल देखभाल को मज़बूत करने के लिए अपनी लखनऊ फैसिलिटी में नेक्स्ट-जेनरेशन कैथ लैब का उद्घाटन किया है। यह नई प्रणाली हाई-डेफिनिशन रियल-टाइम इमेजिंग, बेहतर वर्कफ़्लो क्षमता और मरीज़ों के ज़्यादा आराम के ज़रिए सुरक्षित, तेज़ और ज़्यादा सटीक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इस फैसिलिटी का उद्घाटन ऐसे समय में हुआ है जब अस्पतालों में जटिल कार्डियक और न्यूरोवैस्कुलर इंटरवेंशन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, और इलाज़ के लिए मिनिमली इनवेसिव तकनीकों की तरफ रुझान बढ़ रहा है। इस बदलते चिकित्सीय माहौल में एडवांस्ड कैथ लैब फैसिलिटी प्रक्रिया की सटीकता को बेहतर बनाने, नैदानिक खतरे का प्रबंधन करने और इमेज-गाइडेड इंटरवेंशन पर निर्भर मरीजों के लिए बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाता है।
हॉस्पिटल के दीर्घकालिक चिकित्सीय उद्देश्यों को साझा करते हुए रीजेंसी हेल्थ के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अतुल कपूर ने कहा “मामले की जटिलता जैसे-जैसे बढ़ती है, तब इलाज के परिणाम केवल डॉक्टर की व्यक्तिगत विशेषज्ञता पर ही नहीं, बल्कि प्रक्रिया को सहयोग देने वाली तकनीकी प्रणालियों की विश्वसनीयता पर भी निर्भर करते हैं। यह कैथ लैब उस विश्वसनीयता को मज़बूत बनाती है और डॉक्टरों को एडवांस्ड कार्डियक और न्यूरोवस्कुलर इंटरवेंशन में ज़्यादा सटीकता और निरंतरता के साथ काम करने की सहूलियत प्रदान करती है।
कैथ लैब के इस अनावरण पर अपनी राय रखते हुए रीजेंसी हेल्थ के दीपक दीवान ने कहा “इंटरवेंशनल देखभाल में इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रक्रिया और सुरक्षा नियंत्रण पर बहुत ज़्यादा ध्यान देना होता है। यह कैथ लैब इमेजिंग, रेडिएशन एक्सपोज़र और वर्कफ़्लो दक्षता पर बेहतर नियंत्रण के साथ बड़े स्तर पर जटिल प्रक्रिया को सहयोग करने की हमारी क्षमता को सुदृढ़ करती है। इसका प्रत्यक्ष प्रभाव इलाज के परिणामों और देखभाल की विश्वसनीयता पर पड़ता है।”
नई स्थापित कैथ लैब में मरीज़-केंद्रित और चिकित्सक-अनुकूल कई विशेषताएं शामिल हैं, जिन्हें सुरक्षा और प्रक्रियाओं के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। यह प्रणाली पुराने प्लेटफॉर्म की तुलना में, औसतन X-ray डोज़ में 50 प्रतिशत की कमी करता है, जबकि विशेष लो-डोज़ सेटिंग्स के माध्यम से इमेज की स्पष्टता बनाए रखते हुए रेडिएशन एक्सपोज़र को 70 प्रतिशत तक घटाया जा सकता है। इसमें एक बड़ा 12-इंच, 16-बिट फ्लैट-पैनल डिटेक्टर लगा है जो एक ही बड़े व्यूइंग एरिया में कोरोनरी ब्रांच, न्यूरोवस्कुलर स्ट्रक्चर और ट्यूमर वैस्कुलराइजेशन जैसी जटिल एनाटॉमी का हाई-रिज़ॉल्यूशन विज़ुअलाइज़ेशन देता है। इंटीग्रेटेड, टैबलेट जैसे टेबल-साइड कंट्रोल लंबे या ज़्यादा जटिल इंटरवेंशन के दौरान तेज़ प्रक्रिया, आसान वर्कफ़्लो और बेहतर मरीज़ पोजीशनिंग में मदद करते हैं।
चिकित्सीय प्रभाव पर बात करते हुए रीजेंसी हेल्थ लखनऊ के सीनियर कंसल्टेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्टडॉ हर्षित गुप्ता ने कहा “इंटरवेंशनल प्रक्रिया के दौरान दृश्य की स्पष्टता और रेडिएशन डोज़ हमारे हर फैसले को प्रभावित करते हैं। यह प्रणाली कम एक्सपोज़र के साथ स्टेबल और उच्च गुणवत्ता वाले दृश्य प्रदान करता है, जो खासकर लंबे या बार-बार होने वाले मामलों में बहुत ज़रूरी होता है। यह हमें ज़्यादा सटीकता से काम करने और खतरे का बेहतर तरीके से प्रबंधन करने में मदद करता है।
एडवांस्ड कैथ लैब के लांच होने से रीजेंसी लखनऊ ने तकनीक संचालित मरीज केंद्रित स्वास्थ्य सेवा को प्रदान करने के अपने समर्पण को सुदृढ़ किया है और इस क्षेत्र में उन्नत कार्डियक और न्यूरोवैस्कुलर इंटरवेंशन में अपनी भूमिका को मजबूत बनाया है।







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