











































लखनऊ। इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन भवन में रोबोटिक सर्जरी को लेकर टेंडर पॉम सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल द्वारा सीएमई का आयोजन किया गया। आईएमए लखनऊ के अध्यक्ष डॉ मनीष टण्डन, सचिव डॉ संजय सक्सेना, पूर्व अध्यक्ष डॉ रमा श्रीवास्तव तथा डॉ जे डी रावत मौजूद रहें। इस अवसर पर हेल्थ जागरण ने वक्ता डॉ विश्रुत भारती से खास जानकारियां हासिल की। डॉ भारती एमबीबीएस, एमएस, (यूऱोलॉजी) है और रोबोटिक सर्जरी के अच्छे जानकार माने जाते हैं।
हेल्थ जागरण - आज सीएमई में डॉक्टर्स को कौन सी नवीनतम जानकारियां दी गई?
डॉ विश्रुत भारती - सर्जिकल फील्ड में रोबोटिक सर्जरी एक नई चीज है जिसके बारे में जागरूकता हेतु इस सीएमई का आयोजन किया गया। इसमें डॉक्टर्स को बताया कि क्या एडवांसमेंट है, लेटेस्ट एप्लीकेशंस और मरीजों को अधिकतम सुविधा देने के बारे में बताया।
हेल्थ जागरण - डॉ साहब रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery) क्या होती है?
डॉ विश्रुत भारती - ये लेप्रोस्कोपिक विधि का एडवांस वर्जन है। पहले लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में जो उपकरण डॉक्टर चलाते थे वो अब मशीन चलाती है। रोबोटिक आर्म्स सर्जरी करते हैं जो पूरी तरह डॉक्टर्स के कंट्रोल में रहते हैं।

हेल्थ जागरण - आम तौर पर रोबोटिक सर्जरी में कितना खर्च आता है और क्या सामान्य मरीज इस खर्च को वहन कर सकते हैं?
डॉ विश्रुत भारती - ये सही है कि यह लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से कुछ महंगी होती है। चूंकि अभी यह विधि नई है और जैसे जैसे इसका प्रयोग बढ़ता जाएगा वैसे वैसे इसके खर्च कम होते जाएंगे। मध्यमवर्गीय लोग इसका खर्च उठा सकते हैं और जिनका इंश्योरेंस है वह भी इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
हेल्थ जागरण - USFDA कहता है कि रोबोटिक सर्जरी में लगभग 15% तक मिस्टेक्स होती है, क्या इसे कम किया जा सकता है?
डॉ विश्रुत भारती - ये डाटा पुराना है, जब नई विधि आती है तो समय के साथ उसमें सुधार आता जाता है। कुछ गलतियां तो सभी प्रकार की सर्जरीज़ में होती है लेकिन रोबोटिक फील्ड में बहुत तेजी से सुधार हो रहा है।
हेल्थ जागरण - यदि यह स्वीकार हो जाती है तो अल्ट्रासाउंड, एमआरआई आदि की तरह रोबोटिक सर्जरी का मिस यूज तो नहीं होगा?
डॉ विश्रुत भारती - मिसयूज होने के चांसेज कम ही है। जैसे अन्य मशीनस के लिए गाइडलाइन बनी हुई है, सोसायटी बनी है वैसे ही रोबोटिक सर्जरी के लिए भी आने वाले समय में रेग्यूलेशन बनना जरूरी है।
हेल्थ जागरण - रोबोटिक सर्जरी के लिए ट्रेंड स्टाफ की जरूरत होती है, क्या लखनऊ में स्टाफ मौजूद हैं? इस कमी को कैसे पूरा किया जा सकता है?
डॉ विश्रुत भारती - बहुत सही कहा आपने, इसके लिए हाईली ट्रेंड स्टाफ की जरूरत होती है। हमारे टेंडर पॉम हॉस्पिटल में सभी स्टाफ को इन हाउस ट्रेनिंग दी गई है और हमारे रोबोट का सेंटर गोवा में है तो वहां भेज कर भी स्टाफ को ट्रेनिंग दी गई है। इसी तरह धीरे धीरे ट्रेंड स्टाफ बढ़ता जा रहा है।
हेल्थ जागरण - क्या लखनऊ में रोबोटिक सर्जरी की मशीनस की सर्विस सुविधाएं उपलब्ध हैं?
डॉ विश्रुत भारती - लखनऊ में सर्विस सेंटर हैं। हमारे अस्पताल में फुल टाइम लोग हैं जो तुरंत सुविधा देते हैं। कोई दिक्कत आती है तो तुरंत उसे दूर किया जाता है।
हेल्थ जागरण - लखनऊ में रोबोटिक सर्जरी की सुविधाएं कहां कहां उपलब्ध है?
डॉ विश्रुत भारती - लखनऊ में सबसे पहले एसजीपीजीआई में रोबोटिक सर्जरी शुरू हुई थी। उसके बाद हमारे टेंडर पॉम हॉस्पिटल में यह सुविधा शुरू हुई। और भी कई अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध है।
हेल्थ जागरण - रोबोटिक सर्जरी का किस किस विभाग में इस्तेमाल किया जा सकता है?
डॉ विश्रुत भारती - जो भी डिपार्टमेंट लेप्रोस्कोपिक सर्जरी करता है वहां रोबोटिक सर्जरी का इस्तेमाल एक्यूरेसी बढ़ाने के लिए हो सकता है। वैसे मेरे हिसाब से यूरोलॉजी, आंकोलॉजी, गायनी और जरनल सर्जरी में इसका उपयोग किया जा सकता है।
तो देखा आपने, इस महत्वपूर्ण वार्तालाप से रोबोटिक सर्जरी को लेकर तमाम तथ्यों को हेल्थ जागरण ने क्लीयर करने का प्रयास किया है।







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