












































राजधानी स्थित बलरामपुर अस्पताल में लैब अधिकारी भरत लाल गुप्ता ने हेल्थ जागरण से बातचीत करते हुए सरकारी और प्राइवेट लैब्स में अंतर पर प्रकाश डाला। उन्होंने कोरोना काल में लैब वर्कर्स की महत्त्वपूर्ण भूमिका के बारे में भी बताया। पेश है बातचीत का अंश।
रंजीव ठाकुर- सरकारी लैब्स और प्राइवेट लैब्स के जांच में क्या अंतर है ?
भरत लाल गुप्ता- सरकारी लैब्स में प्रशिक्षित लोग कार्य करते हैं। सरकार द्वारा स्थापित मानदण्ड का पूरी तरह से पालन किया जाता है। हमारी रिपोर्ट बहुत अच्छी होती है।
रंजीव ठाकुर- प्राइवेट लैब्स की जांचे बहुत महंगी होती है लेकिन लोग उन पर भरोसा ज्यादा करते हैं, क्यों ?
भरत लाल गुप्ता- यह तो जाँच कराने वाले के विश्वास का निजी मामला है। हमारे वहां सुबह से शाम तक जाँच कराने वाले लोगों की भीड़ लगी रहती है और मरीज़ स्वस्थ्य भी होतें हैं।
रंजीव ठाकुर- बलरामपुर अस्पताल में कौन कौन सी नयी जांचें आ गयीं हैं ?
भरत लाल गुप्ता- हार्मोनल, बायोकेमिस्ट्री, हेमोग्राम की जांचें नियमित होती हैं। हिस्टोपैथोलोजी भी शुरू हुई है। कोरोना की भी जांचें चल रहीं हैं। माइक्रोबायोलॉजी शुरू होने वाली है।
रंजीव ठाकुर- जांच में सहायक, कौन कौन से नए उपकरण आ गएँ हैं ?
भरत लाल गुप्ता- नवीनतम जाँच में RT-PCR शुरू हुई है।
रंजीव ठाकुर- कोरोना काल के दौरान लैब्स पर दबाव की चुनौतियों कैसी थीं ?
भरत लाल गुप्ता- हम लोगों को चौबीस चौबीस घंटे काम करना पड़ा। जब लोग कोरोना से डर रहे थें, तब हम लोगों ने सैंपल कलेक्शन से लेकर टेस्टिंग तक का सभी काम किया। पूरी पैथोलॉजी काम कर रही थी। सब लोगों ने बिना किसी भय के ईमानदारीपूर्वक अपनी जिम्मेदारी निभायी। सबने बहुत अच्छा काम किया और आज भी कर ही रहें हैं।







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