











































प्रतीकात्मक चित्र
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में एक बार फिर चमकी बुखार के मामले बढ़ने लगे हैं. अब जिले में एईएस मरीजों की संख्या 45 हो गई है। इसके साथ ही विभिन्न जिलों से एसकेएमसीएच में इलाज कराने आए मरीजों की संख्या 72 पर पहुंची है। बीमार बच्चों में चार की मौत हुई है। औराई के एक बच्चे में चमकी बुखार की पुष्टि हुई है।
वहीं बच्चे में चमकी बुखार (Chamki fever) होने के बाद स्वजन उसको एसकेएमसीएच लेकर आए। जहां इलाज के बाद स्वस्थ होने पर रिलीज कर दिया गया। वहीं चार बच्चों की मौत हुई है। जिले में कांटी, मुशहरी, कुढ़नी हाई रिस्क जोन में है तो मुरौल एक ऐसा प्रखंड जहां पर अब तक एक भी मरीज नहीं मिले हैं।
एसकेएमसीएच शिशु रोग विभागाध्यक्ष (head of pediatrics) डॉ.गोपालशंकर सहनी ने बताया कि अगर चमकी-बुखार के मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाए तो वह स्वस्थ हो सकता है। डॉ. सहनी ने बताया कि इस साल एसकेएमसीएच में 72 बच्चों का इलाज हुआ उसमें चार बच्चों की मौत हुई तथा 68 स्वस्थ होकर घर लौटे। इसमें मुजफ्फरपुर के 45, सीतामढ़ी के 10, वैशाली व पश्चिम चंपारण के तीन-तीन, पूर्वी चंपारण के नौ और अररिया व सारण के एक-एक मरीज शामिल हैं।
क्या होता है चमकी बुखार? - What is Chamchi Fever?
गर्मी आते ही एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (encephalitis syndrome) (एईएस) का डर बिहार को जकड़ने लगता है, खासकर राज्य के उत्तरी हिस्से में, जो मुख्य रूप से गर्मी की शुरुआत के साथ बच्चों में देखने को मिलता है। एईएस पीड़ित बच्चे की अचानक तबीयत बिगड़ जाती है। अचानक बच्चा कोमा में चला जाता है। गर्मी के दौरान इन लक्षणों को काफी गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। तेज बुखार, सिर दर्द, गर्दन में अकड़न, उल्टी होना, सुस्ती, भूख कम लगना इत्यादि इसके लक्षण होते हैं। हालांकि इस वर्ष मरीजों की संख्या में कमी देखी जा रही है।
चमकी बुखार के लक्षण- Symptoms of Chamki Fever
इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम को आम भाषा में दिमागी बुखार कहा जाता है। इसकी वजह वायरस को माना जाता है। इस वायरस का नाम इंसेफेलाइटिस वाइरस है. इसे अक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (Acute Encephalitis Syndrome) यानी एईएस (AES) भी कहा जाता है। एईएस पीड़ित बच्चे की अचानक तबीयत बिगड़ जाती है। अचानक बच्चा कोमा में चला जाता है। इस बीमारी के सामान्य लक्षण होते हैं। गर्मी के दौरान इन लक्षणों को काफी गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। तेज बुखार, सिर दर्द, गर्दन में अकड़न, उल्टी होना, सुस्ती, भूख कम लगना इत्यादि इसके लक्षण होते हैं।
Updated by Aarti Tewari







हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2026 0 329
हुज़ैफ़ा अबरार May 03 2026 0 252
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3808
एस. के. राणा January 13 2026 0 3773
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3661
एस. के. राणा January 20 2026 0 3619
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3332
एस. के. राणा February 01 2026 0 3024
एस. के. राणा February 04 2026 0 2863
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86287
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33888
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37131
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34314
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71573
कानपुर में डेंगू बेकाबू हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, उर्सला अस्पताल में 91 सैम्प
निदेशक संचारी रोग डॉ. ए.के.सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम में इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि आश
यूपी में कोविड वैक्सीन का सुरक्षा कवच बरकरार रखने में अहम कदम उठाए गए हैं। इफेक्टिव वैक्सीन मैनेजमे
कोहनी और घुटने के काले पन को दूर करने के लिए दही को उन हिस्सों पर लगाएं इससे दही में लैक्टिक एसिड पा
हिमाचल प्रदेश के सोलन के बद्दी में हाल ही में पकड़ी गई नामी कंपनियों के नाम पर तैयार नकली दवाओं को ल
कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के आने के बाद धनी देशों ने गरीब देशों से नर्सों की भर्ती को तेज
घर-घर तुलसी का अभियान भी चलाया जा रहा है। पार्क को तुलसी और औषधीय पार्क का स्वरूप दिया जा रहा है।
यूपी के कई जिलों के सभी ग्रामीण व नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य
एक दिसंबर 2023 को या उसके बाद निर्मित या आयातित अथवा पैक किए गए तंबाकू उत्पादों पर स्वास्थ्य चेतावनी
रूस में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट का संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है। मेयर सर्गेई सोबयानिन ने

COMMENTS