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नयी दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना के मामलों में कमी आई है। वहीं जिस प्रकार कोरोना ने तबाही मचाई उसको देखते हुए अब वैज्ञानिक अलर्ट मोड़ पर आ चुके है। खबरों के मुताबिक पहली बार, वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस वैरिएंट्स SARS और CoV-2 को जोड़कर एक सफल मॉडल तैयार किया है। बताया गया है कि इससे घातक बीमारी के लिए प्रभावी दवाएं विकसित करने में मदद मिलेगी।
मिली जानकारी के मुताबिक अमेरिका में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (University of California) के प्रोफेसर रोया जांडी ने कहा, 'वायरल असेंबली को समझना हमेशा चिकित्सीय रणनीतियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम रहा है।' जांडी ने आगे कहा, 'HIV और हेपेटाइटिस बी (hepatitis B) जैसे वायरस के कई प्रयोगों और सिमुलेशन ने उनकी असेंबली को स्पष्ट करने और उनका मुकाबला करने में उल्लेखनीय प्रभाव डाला है।'
बता दें कि SARS-CoV-2 में चार संरचनात्मक प्रोटीन (protein) होते है। एन्वलोप (E), मेम्ब्रेन (M), न्यूक्लियोकैप्सिड (N), और स्पाइक (S) जिसका उपयोग वायरस मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने और संक्रमित करने के लिए करता है। प्रोफेसर ने बताया कि कई अन्य वायरस की तुलना में कोरोना वायरस का संयोजन सबसे अलग है, क्योंकि यह प्रक्रिया ERGIC झिल्ली पर होती है।







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