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गोरखपुर। पिछले साल नवंबर माह से कोरोना की तीसरी लहर चल रही थी, जो अब जाकर समाप्त हो गई है। इस बीच गोरखपुर एक साल बाद एक फिर से कोरोना मुक्त हो गया है। पिछले तीन दिसंबर को जिले में कोरोना का आखिरी मरीज मिला था, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। इसके बाद जनपद में कोरोना के सक्रिय मरीजों ( active patients) की संख्या शून्य हो गई है।
सरकारी आंकड़ों (government data) के मुताबिक, 26 अप्रैल 2020 को जिले में कोरोना (Corona) का पहला केस मिला था। वह उरुवा के हाटा बुजुर्ग गांव का रहने वाला था। बीआरडी मेडिकल कॉलेज (BRD Medical College) में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे भर्ती कराया था, जहां पर उसका एक माह तक इलाज चला था। 26 मई को वह ठीक होकर घर गया, लेकिन एक सप्ताह बाद ही उसकी हार्ट-अटैक (Heart-Attack) से मौत हो गई। इस मरीज के मिलने के बाद से जिले में संक्रमण (infection) की रफ्तार बढ़ने लगी।
पहली लहर (first wave) में एक मार्च तक 2021 तक 21 हजार 700 लोग संक्रमित हो चुके थे और 367 की मौत चुकी थी। दूसरी लहर (second wave) एक मार्च से लेकर चार अक्तूबर तक 37 हजार लोग संक्रमण का शिकार हुए। इस दौरान 482 की मौत हो चुकी थी। दूसरी लहर में 25 अप्रैल को जिले में सबसे ज्यादा संक्रमित 1,440 संक्रमित मिले थे।
इसके अलावा 30 अप्रैल को सक्रिय मरीजों की संख्या भी सबसे अधिक 10,308 थी। अप्रैल माह में ही बीआरडी में मौतों (deaths) का सिलसिला भी जारी था। हर दिन 10 से 15 संक्रमितों की मौत हो रही थी। तीसरी लहर (third wave) की शुरुआत पिछले साल नवंबर माह से शुरू हुई थी। इस लहर में करीब 10 हजार संक्रमित मरीज मिले और मौतों का आंकड़ा काफी कम रहा। इस दौरान कुल मौतों का आंकड़ा 866 पहुंच गया है।







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