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एक दशक तक चले शोध के बाद आए चमत्कारी परिणाम, कृत्रिम भ्रूण में पहली बार बना दिमाग और धड़का दिल

इस मॉडल से जीवन के एकदम शुरुआती चरणों की गहन जानकारी हासिल होगी, जो काफी हद तक रहस्य बनी हुई है। साथ ही इसके नतीजों से इंसानों के लिए कृत्रिम अंग बनाने और उनकी मरम्मत की दिशा में भी मदद मिलेगी।

हे.जा.स.
August 31 2022 Updated: August 31 2022 01:59
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एक दशक तक चले शोध के बाद आए चमत्कारी परिणाम, कृत्रिम भ्रूण में पहली बार बना दिमाग और धड़का दिल प्रतीकात्मक चित्र

लंदन। नेचर पत्रिका में छपे शोध के मुताबिक, कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक चमत्कारिक कार्य को अंजाम दिया है। एक दशक से भी ज्यादा समय तक चले शोध के बाद मिले परिणामों के अनुसार दुनिया में पहली बार वैज्ञानिक बिना शुक्राणु (sperm) और अंडे के ऐसा कृत्रिम भ्रूण बनाने में कामयाब रहे हैं, जिसमें न सिर्फ दिल (heart) धड़कने लगा है बल्कि पूरा दिमाग (brain) भी विकसित हो गया है।

 

वैज्ञानिकों के मुताबिक, उन्हें इस मॉडल से जीवन के एकदम शुरुआती चरणों की गहन जानकारी हासिल होगी, जो काफी हद तक रहस्य बनी हुई है। साथ ही इसके नतीजों से इंसानों के लिए कृत्रिम अंग बनाने और उनकी मरम्मत की दिशा में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा विशेषज्ञ गर्भावस्था में कुछ भ्रूणों के खराब हो जाने और अन्य के शिशु निर्माण की ओर बढ़ पाने की वजह का पता लगा पाएंगे। यह भ्रूण चूहे की उन ऊतक कोशिकाओं से तैयार किया गया है, जो हृदय, मस्तिष्क समेत अन्य अंगों का निर्माण करती हैं।

 

शोधकर्ताओं ने स्तनपायी जीवों के शुरुआती विकास के तीन प्रकार के ऊतकों के जरिये प्रयोगशाला (laboratory) में कुदरती प्रक्रिया की प्रतिकृति तैयार की है। यह कोशिकाएं खुद संगठित होकर एक संरचना का निर्माण करती है और इस दौरान चरणबद्ध ढंग से धड़कते हृदय, मस्तिष्क (brain) समेत अन्य अंगों का निर्माण होता है।

 

Edited by Shweta Singh

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