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दुर्ग। छत्तीसगढ़ में चिरायु योजना बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही। बाल स्वास्थ्य योजना जिसे चिरायु योजना का नाम दिया गया है। ये गरीब लोगों के लिये यह योजना जीवन दायनी है। जिसमे शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों की गंभीर बीमारी इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया जाता है। दुर्ग जिले में राज्य शासन की चिरायु योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम आंगनबाड़ी और स्कूलों में कैम्प लगाकर हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की जांच कर रही है। जिसके माध्यम से 47 बच्चों में हृदय सबंधी रोग पाए गए हैं। जिनका इलाज अब राज्य सरकार के माध्यम से हो रहा है।
बीते 5 महीनों में दुर्ग जिले में आंगनबाड़ी और स्कूलों में स्वास्थ्य जांच (health check up) कैंप लगाए गए। जिसमें जन्मजात ह्रदय रोग (heart disease) के पीड़ित 47 बच्चे मिले हैं। इनमें से ह्दय रोग से पीड़ित 19 बच्चों का सफल ऑपरेशन (surgery) किया जा चुका है जिनका इको नॉर्मल मिला है। बाकि 28 बच्चों की सर्जरी के लिए प्रक्रिया जारी है।
बता दें कि स्थानीय डॉक्टरों (local doctors) और चिरायु की टीम की ओर से पहले बच्चों का चयन किया गया जिसके बाद हार्ट इंस्टिट्यूट (Heart Institute) के डॉक्टरों को बुलाया गया। जिन 28 बच्चों की सर्जरी बाकी है। इनमें से 5 बच्चे तत्काल सर्जरी के लायक हैं। इन बच्चो को 6 माह के ऑब्जर्वेशन (observation) में रखा गया है। जिनकी दूसरी जांच के बाद ऑपरेशन किया जाना तय किया जाएगा।
Updated by Aarti Tewari







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