











































लखनऊ। उत्तर प्रदेश में डॉक्टर्स के हुए स्थानांतरणों भले ही लोग और सरकार भूल गए हो लेकिन पीएमएस एसोसिएशन आज भी एक्टिव है और लगातार प्रयास कर रही है। एसोसिएशन के महामंत्री हाईकोर्ट गए थे फिर उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया और फिर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री को चिठ्ठी लिखी है।
पीएमएस ऑफीसर्स (रि.) वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री डॉ आर के सैनी ने बताया कि एक तो उत्तर प्रदेश में चिकित्सकों के स्थानांतरण नीतिगत नहीं हुए दूसरे दोषियों को बख्शते हुए निर्दोषों पर कार्यवाही कर दी गई है। हम इस मामले को हाईकोर्ट रिट लेकर गए थे जहां मामला विद डायरेक्शन डिस्पोज कर दिया गया। इन लोगों ने भ्रामक शब्दों का उपयोग करते हुए कहा था कि जाँच कमेटी गठित की गई है, कोर्ट में यह बात साफ हो गई है। कमेटी को सही-गलत की पहचान करते हुए मामले का निस्तारण करना था।

डॉ आर के सैनी ने कहा कि बिना जाँच किए हमारे अपर निदेशक अशोक कुमार पाण्डेय, डॉ राज कुमार, डॉ गुप्ता और बीएसके चौहान को सस्पेंड कर दिया गया। ये सस्पेंशन कांसपिरेसी के तहत किया गया है। अपर एसीएस अमित मोहन प्रसाद और डॉ दी गणपति राजा की कांसपिरेसी से ये हुआ है। कुछ स्थानांतरण मनचाहे ढंग से स्थगित किए, पता नहीं पैसा लिया या क्या किया। एक आईएएस की डॉक्टर पत्नी का स्थानांतरण निरस्त कर दिया, ये सब नीतिगत नहीं है।
शासन-प्रशासन से इस मामले को लेकर कभी बुलाया नहीं गया की बात करते हुए डॉ सैनी के कहा कि डॉक्टर्स पढ़े लिखे होते हैं और हमें कोर्ट पर पूरा भरोसा है। 24 अगस्त को उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक हरदोई गए थे जहाँ हमने उन्हें ज्ञापन दिया। ज्ञापन में हमने लिखा कि षड़यंत्र के तहत अपने को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टर्स को सस्पेंड किया गया है इसलिए अमित मोहन प्रसाद और डॉ दी गणपति राजा के साथ जो लोग संलिप्त हो उन पर कार्यवाही की जाए। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
डॉ सैनी के कहा, कार्यवाही न होने से लग रहा है कि कोई ऐसा आदमी है जो अमित मोहन प्रसाद को बचा रहा है। जो आदमी इनको बचा रहा है उसकी भी जाँच होनी चाहिए। इन सब बातों को लेकर मैंने राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री आदि को पत्र लिखा है। मैं आशा करता हूँ कि मन की बात में पीएम मोदी इन करोना वारियर्स की बात करे। जिनके लिए थाली, घंटा, घड़ियाल पीटे जाते थे उन करोना वारियर्स डॉक्टर्स की बात हो जो उत्पीड़ित हुए हैं। अगर ऐसा नहीं हुआ तो समझा जाएगा कि इन करोना वारियर्स को नापदान का कीड़ा माना जाता है। फिर भी बात नहीं बनी तो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा।







हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 672
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 0
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4018
एस. के. राणा January 20 2026 0 3913
एस. के. राणा January 13 2026 0 3892
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3892
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3577
एस. के. राणा February 01 2026 0 3255
एस. के. राणा February 04 2026 0 3122
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86406
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34133
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37278
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35014
लेख विभाग March 19 2022 0 34496
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71797
डॉ. संध्या गौतम एसोसिएट प्रोफेसर एवं डॉ. स्नेह लता वर्मा एसोसिएट प्रोफेसर को उत्तर प्रदेश डायबिटीज ए
देशभर में सरकारी अस्पतालों की स्कैन एंड शेयर मॉडल के आधार पर रैंकिंग की गई है जिसमें देश के टॉप टेन
इस अवधि में निवेश करने वाले देशों के मामले में अमेरिका पहले स्थान पर है, जिसके बाद स्विट्ज़रलैंड, जा
एफडीए की नई वैज्ञानिक रिपोर्ट में कहा गया है कि फ्लोराइड सप्लीमेंट्स के लाभ सीमित हैं, जबकि इसके संभ
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि ''अपनी तरह की इस अनूठी सेवा की मदद से लोग हरियाली के विस्तार मे
अगर आप घर पर ही बालों को काला बनाने के लिए प्राकृतिक, शाकाहारी और आर्गेनिक तरीका ढूंढ रहे हैं तो ये
आज चिकित्सक व चिकित्साकर्मियों की मानसिक व सामाजिक सुरक्षा भी बहुत बड़ा मुद्दा है। दौसा की डा. अर्चन
कोरोना केसों का ग्रोथ रेट और डबलिंग टाइम बना रहा, तो अगले दो या चार हफ्तों में कोरोना के 50% केस ओमि
होली के मद्देनजर पीजीआई, केजीएमयू और लोहिया संस्थान समेत सभी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी बुधवार को बंद
पीठ के मुहांसे महिलाओं को फैशन भी ठीक से नहीं करने देते। यदि बैकलेस ड्रेस या ब्लाउज़ पहनना हो तो मुह

COMMENTS