











































प्रतीकात्मक

लखनऊ | हर माँ का यह सपना होता है कि वह स्वस्थ बच्चे को जन्म दे | इसके लिए जरूरी है कि गर्भधारण से लेकर प्रसव तक वह अपनी सेहत का पूरा ख्याल रखते हुए स्वस्थ रहे | प्रसव के दौरान की जटिलताओं से बचने के लिए जहां गर्भवती को प्रसव पूर्व कम से कम चार जाँच जरूर करवानी चाहिए और चिकित्सक (gynacologist) की सलाह के अनुसार आयरन फ़ोलिक एसिड और कैल्शियम की गोलियों का सेवन करना चाहिए | ध्यान रहे कि आयरन की गोलियों (iron tablets) का सेवन खाली पेट (empty stomach) नहीं करना है |
गर्भावस्था (pregnancy) के दौरान शरीर में आयरन की जरुरत बढ़ जाती है, इसकी कमी से महिला को थकान, चक्कर, समय से पहले प्रसव और जटिल प्रसव की संभावना बढ़ जाती है I इसके
साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा पहुँच सकती है|
अलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सा अधीक्षक डा. अनामिका गुप्ता बताती हैं कि सरकार द्वारा गर्भावस्था से लेकर प्रसव के छह माह बाद तक आयरन फ़ोलिक एसिड की लाल गोलियां, गर्भवती को जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं | इसका मुख्य उद्देश्य जच्चा-बच्चा को पूरी तरह से सुरक्षित बनाना है |

हीमोग्लोबिन (hemoglobin) सामान्य (11ग्राम/डेसीलीटर) होने पर गर्भवती को दूसरी तिमाही से लेकर प्रसव के छह माह तक प्रतिदिन आयरन की एक गोली का सेवन अवश्य करना चाहिए | यदि गर्भवती मे हीमोग्लोबिन 11 ग्राम/डेसीलीटर से कम होता है तब उसे प्रतिदिन आयरन की दो गोलियों का सेवन करना चाहिए | हीमोग्लोबिन नौ ग्राम/डेसीलीटर से कम होने पर गर्भावस्था को देखते हुए या तो आयरन सुक्रोस का इंजेक्शन दिया जाता है या रक्त चढ़ाया जाता है |
आयरन की कमी को पूरा करने के लिए आयरन युक्त भोजन जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां - पालक, सोया मेथी, चौलाई, सहजन, गुड़, सिंघाड़ा, मसूर, ब्रोकली, मसूर की दाल आदि के साथ- साथ रोजाना आयरन की गोली का सेवन करना चाहिए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मण्डल प्रबंधक राजाराम बताते हैं कि आयरन की गोलियों का सेवन विटामिन सी (Vitamin-C) युक्त खाद्य पदार्थ जैसे नींबू पानी, आंवला, संतरा के साथ करना चाहिए | इससे आयरन का अवशोषण बढ़ता है | आयरन और कैल्शियम (Calcium) का सेवन एक साथ नहीं करना चाहिए|
लाल आयरन की गोलियां न केवल एनीमिया को कम करती हैं बल्कि भ्रूण (fetus) के मस्तिष्क के विकास के लिए भी फायदेमंद होती हैं| कुछ महिलाओं को आयरन की गोली खाने के बाद मितली , चक्कर आदि जैसी दिक्कतें होती हैं, ऐसे में गोलियाँ लेना बंद न करें बल्कि इससे बचने के लिए गोली का सेवन भोजन के एक घंटे बाद करें। खाली पेट आयरन की गोलियों का सेवन न करें |







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